फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   punjab govrnment prepare a Plan for drugs smugglers who sent a year Intern without trial

पंजाब में नशा तस्करों की अब खैर नहीं, सरकार तैयार कर रही खास प्लान, एक साल रहेंगे नजरबंद

Sat, 29 Dec 2018 09:17 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 29 Dec 2018 09:17 AM IST
विज्ञापन
punjab govrnment prepare a Plan for drugs smugglers who sent a year Intern without trial
सीएम अमरिंदर सिंह

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बिना मुकदमा चलाए एक वर्ष तक नशा तस्करों की नजरबंदी तय करने के लिए सलाहकार बोर्ड स्थापित किए जाने का एलान किया है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अधीन एक अलग ड्रग डिवीजन बनाने की भी घोषणा की ताकि सरकारी व निजी केंद्रों द्वारा की जा रही नशा मुक्ति की कोशिशों का केंद्रीयकरण किया जा सके और इनमें तालमेल बिठाया जा सके।

विज्ञापन


राज्य से नशे के खात्मे के लिए स्थापित की गई विशेष टास्क फोर्स (एसटीएफ) के कामकाज का जायजा लेने के लिए शुक्रवार को मीटिंग बुलाई गई। इसके बाद सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि सीएम ने मीटिंग के दौरान एलान किया कि जिन क्षेत्रों से नशा पकड़ा जाएगा, उनके पुलिस थानों में तैनात कर्मचारी इसके लिए सीधे तौर पर जवाबदेह होंगे। 
विज्ञापन


उन्होंने सरहद पार से नशा तस्करी को रोकने के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह को सभी केंद्रीय और पड़ोसी राज्यों की कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ तालमेल करने को भी कहा। मीटिंग में डीजीपी सुरेश अरोड़ा, डीजीपी (कानून व्यवस्था) हरदीप सिंह ढिल्लों, सीएम के विशेष प्रमुख सचिव हरप्रीत सिद्धू, सचिव (गृह) कुमार राहुल, आईजी प्रमोद बान, आरके जैसवाल, बी. चंद्रशेखर, बलकार सिंह सिद्धू और डीआईजी एसके रामपाल भी मौजूद थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसा होगा प्रस्तावित सलाहकार बोर्ड

प्रस्तावित सलाहकार बोर्ड को एनडीपीएस एक्ट में प्रीवेंशन ऑफ इलीशिट ट्रैफिक (पीआईटी) के तहत गठित किया जाएगा। इसका उद्देश्य बिना मुकदमा चलाए एक वर्ष के लिए नशा तस्करों की नजरबंदी की आज्ञा देने के साथ-साथ इस एक्ट के तहत विज्ञापित भगोड़ों की जायदाद जब्त करना है। मुख्यमंत्री ने अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह निर्मल सिंह कलसी को इस संबंध में रूपरेखा तैयार करने के लिए कहा है।

ऐसा होगा ड्रग डिवीजन
स्वास्थ्य विभाग के अधीन एक अलग ड्रग डिवीजन नए ड्रग सेंटर खोलने, निजी नशा मुक्ति केंद्रों को लाइसेंस जारी करने और सरकारी अस्पतालों में अपेक्षित ड्रग के वितरण पर निगरानी रखेगा। इस डिवीजन के प्रमुख सचिव होंगे। मुख्यमंत्री ने निजी नशा मुक्ति केंद्रों के लिए लाइसेंस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) सतीश चंद्रा को निर्देश दिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed