राज्यपाल पुरोहित का मुख्यमंत्री को जवाब: बोले- आठ चुनाव लड़े, पांच जीते, मेरा रिजल्ट 60 %, सीएम मान का जीरो
पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने शुक्रवार दोपहर पंजाब राजभवन में प्रेस कांफ्रेंस कर मुख्यमंत्री भगवंत मान के आरोपों पर जवाब दिया।
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वहीं, गवर्नर ने पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार को प्रदेश में बिगड़ते लॉ एंड आर्डर पर पर भी घेरा। गवर्नर ने कहा मैं अपनी आंखों के आगे गलत होता नहीं देख सकता।
इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने वीरवार को जालंधर में जनता दरबार लगाया था। जहां सीएम मान ने पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित पर निशाना साधते हुए कहा था कि पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित हैं और वे सिलेक्टिड हैं। पुरोहित तीन बार चुनाव हारे हैं। तीन बार चुनाव हारे हुए राज्यपाल पुरोहित मेरी (पंजाब) आधी सरकार लेकर घूम रहे हैं। इससे ऐसा लगता है कि हम सिलेक्टिड हैं और राज्यपाल इलेक्टिड हैं। मान ने कहा कि पंजाब की सरकार चुनी हुई है। हमारे 92 विधायक हैं। हमारी सरकार विधायकों व अच्छे लोगों से रायकर यूनिवर्सिटी के वीसी लगाना चाहती है. लेकिन राज्यपाल को इस बात से भी ऐतराज है। राष्ट्रपति ने हमारे बिल को वापस भेज दिया है। उस पर हम कानूनी माहिरों से राय कर रहे हैं। लेकिन यह सब उन सरकारों में हो रहा है, जहां पर गैर भाजपा सरकार है।
राज्यपाल ने कहा कि सीएम मान को उनका प्रदेश के 10 विश्वविद्यालयों का चांसलर बनना पसंद नहीं है। पंजाब के 10 विश्वविद्यालय ऐसे हैं, जहां रेगुलर वाइस चांसलर नहीं है। राज्यपाल ने कहा कि यूजीसी की गाइडलाइंस हैं कि विश्वविद्यालयों में अगर वाइस चांसलर नियुक्त करना है, तो सर्च कमेटी बनाई जाए। इस सर्च कमेटी में स्टेट और यूजीसी की ओर से नियुक्त लोग होते हैं, जो मेरिट के आधार पर काम करते हैं। उन्होंने कहा कि वह मेरिट पर चलते हैं। पूरा प्रोसेस होने के बाद इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता था, उसमें से सेलेक्शन होती है। राज्यपाल ने कहा, क्योंकि वह किसी के कहने पर काम नहीं करते, इसलिए कुछ लोगों को उनसे हमेशा तकलीफ रहती है, यह बात सब जानते हैं। यहां तक की राज्यपाल ने तमिलनाडु का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी यूजीसी के प्रोसेस के जरिये 27 विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर नियुक्त किए थे, लेकिन किसी ने आवाज तक नहीं उठाई।
मेरे दौरे से सीएम इतना डरते क्यों हैं, मुझे कोई चुनाव नहीं लड़ना
राज्यपाल ने कहा कि सीएम मान उनके बॉर्डर एरिया के दौरे से इतना क्यों डरते हैं, उन्हें आज तक इसका कारण नहीं पता चला। उन्होंने कहा कि वह अपनी आंखों के सामने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को बिगड़ते नहीं देख सकते। प्रदेश में ड्रग्स का बढ़ता कारोबार और तस्करी एक बड़ी समस्या है, जिसको लेकर वह खुद प्राथमिक तौर पर इसे जड़ से खत्म करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। राज्यपाल ने कहा कि मुझसे कांग्रेस, भाजपा, आप और बाकी राजनीतिक दलों के नेता मिलने आते हैं, मैं सबको समय देता हूं। मैं प्रदेश की समस्या को लेकर आगे भी दौरे करूंगा, क्योंकि मुझे कोई चुनाव नहीं लड़ना है, मुझे राजनीति करनी होती तो गवर्नर नहीं बनता। बीते लंबे अरसे से सीएम ने मुझसे किसी भी विषय पर बात तक नहीं की है, मेरी तो सिर्फ प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से बातचीत होती है। इस्तीफे को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मुझे पसंद नहीं करते।