फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab government's claims exposed, Lawrence's first interview was done in Kharar CIA police station

Chandigarh News: पंजाब सरकार के दावों की खुली पोल, खरड़ सीआईए थाने में हुआ था लॉरेंस का पहला इंटरव्यू

Wed, 07 Aug 2024 07:20 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 07 Aug 2024 07:20 PM IST
विज्ञापन
Punjab government's claims exposed, Lawrence's first interview was done in Kharar CIA police station
-सितंबर 2022 में रिकॉर्ड किया गया था, 7 माह बाद मार्च 2023 में किया गया था जारी
विज्ञापन

-दूसरा इंटरव्यू राजस्थान की जेल में, राजस्थान सरकार को पक्ष बनाने का कोर्ट मित्र को आदेश
-जेल से धमकी और उगाही के मामलों का ब्योरा सौंपने का पंजाब के डीजीपी को आदेश
---
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। लॉरेंस बिश्नोई के हिरासत में हुए इंटरव्यू को लेकर गठित एसआईटी ने खुलासा किया है कि उसका पहला इंटरव्यू सीआईए (क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) के खरड़ थाने (मोहाली) में हुआ था। सितंबर 2022 में रिकॉर्ड किया गया यह इंटरव्यू 7 माह बाद मार्च 2023 में जारी किया गया था। दूसरा इंटरव्यू राजस्थान की जेल में हुआ था। एसआईटी की रिपोर्ट से पंजाब सरकार के उस दावे की पोल खुल गई है, जिसमें कहा गया था कि इंटरव्यू पंजाब की हद में नहीं हुआ। उल्लेखनीय है कि लॉरेंस बिश्नोई पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या समेत कई मामलों में आरोपी है।
हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच स्पेशल डीजीपी ह्यूमन राइट्स प्रबोध कुमार की अध्यक्षता वाली एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) को सौंपी थी। एसआईटी की ओर से सीलबंद रिपोर्ट बुधवार को हाईकोर्ट में पेश की गई। हाईकोर्ट ने इस रिपोर्ट का कुछ हिस्सा कोर्ट में पढ़ा, जिससे सामने आया कि एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि पहला इंटरव्यू सीआईए के खरड़ थाने में हुआ था। खास बात यह है कि सितंबर 2022 में रिकॉर्ड इस इंटरव्यू को 7 माह बाद मार्च 2023 में जारी किया गया था। इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने अब उन कर्मियों की पहचान कर कार्रवाई का आदेश दिया है, जिन्होंने इस इंटरव्यू करवाने में भूमिका निभाई थी।
विज्ञापन

हाईकोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव व डीजीपी को एसआईटी का सहयोग करने का आदेश दिया है। दूसरे इंटरव्यू के बारे में बताया गया कि यह राजस्थान की जेल में हुआ था। इस पर हाईकोर्ट ने अब कोर्ट मित्र को आदेश दिया है कि वे राजस्थान सरकार को मुख्य सचिव के माध्यम से पक्ष बनाएं। हाईकोर्ट ने राजस्थान के एडवोकेट जनरल को अगली सुनवाई पर वीसी के जरिए पेश होने का आदेश दिया है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि जेल से उगाही व धमकी के मामले सबसे ज्यादा पंजाब से ही सामने आते हैं। ऐसे में अगली सुनवाई पर यह बताया जाए कि पंजाब की जेलों से ऐसे फोन जाने के कितने मामले सामने आए हैं और उन मामला में क्या कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पंजाब पुलिस में काली भेड़ों को खोजना जरूरी
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि पंजाब पुलिस देश की बेहतरीन पुलिस है। हालांकि, इसमें कुछ काली भेड़ भी छुपी हैं जो इसकी छवि धूमिल करती हैं। ऐसी काली भेड़ों को ढूंढ कर अलग करना होगा।

यह था मामला
संगरूर की जेल में पॉक्सो एक्ट में विचाराधीन कैदी ने पीड़िता को मोबाइल से जेल का वीडियो भेजने की अदालत को जानकारी दी थी। सिंगल बेंच के समक्ष कैदी की नियमित जमानत याचिका विचाराधीन थी। जेल में कैदियों के मोबाइल इस्तेमाल को बेहद गंभीर मामला बताते हुए सिंगल बेंच ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका के तौर पर सुनवाई के लिए भेजा था। इस मामले में जस्टिस अनुपेंद्र ग्रेवाल की खंडपीठ ने सुनवाई आरंभ की तो इस दौरान लॉरेंस बिश्नोई के जेल से हुए इंटरव्यू का मुद्दा उठा और हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से जवाब तलब कर लिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed