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Punjab: कृषि मंत्री ने की किसानों से आंदोलन वापस लेने की अपील, केंद्र सरकार को लिखेंगे पत्र
Thu, 08 Dec 2022 12:13 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 08 Dec 2022 12:13 AM IST
सार
कृषि मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने अब तक किसान आंदोलन में शहीद 634 किसानों के वारिसों को पांच लाख रुपये के हिसाब से कुल 31 करोड़ 70 लाख रुपये जारी किए हैं।
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बैठक में हिस्सा लेते कृषि मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब सरकार किसान आंदोलन के दौरान स्वीकृत मांगों को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखेगी। पंजाब के कृषि और किसान कल्याण मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने बुधवार को यहां पंजाब भवन में किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के राज्य प्रधान सतनाम सिंह पन्नू और राज्य महासचिव सरवण सिंह पंधेर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात के दौरान यह जानकारी दी।
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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने अब तक किसान आंदोलन में शहीद 634 किसानों के वारिसों को पांच लाख रुपये के हिसाब से कुल 31 करोड़ 70 लाख रुपये जारी किए हैं। इसी तरह किसानों के 326 वारिसों को अलग-अलग विभागों में सरकारी नौकरी दी जा चुकी है, 98 को नौकरी देने के लिए वेरिफिकेशन पूरी हो गई है, जबकि 210 अन्यों को सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया मुकम्मल की जा रही है। उन्होंने किसानों की मांगों पर सहमति प्रकट करते हुए कहा कि पंजाब सरकार केंद्र को किसान संघर्ष के दौरान स्वीकृत की मांगों को जल्द व्यावहारिक रूप देने संबंधी पत्र लिखेगी।
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धालीवाल ने भारत माला योजना के अंतर्गत बनाए जा रहे हाईवे में किसानों की आ रही जमीनों को लेकर मौके पर मौजूद हाईवे से संबंधित अधिकारी को जमीनों के रेट निर्धारित करने में समानता वाली नीति अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने किसानों से हाईवे के लिए ली जा रही जमीनों से संबंधित डिविजनल कमिश्नरों के पास पड़े मामलों और अपीलों को निर्धारित समय-सीमा के अंदर हल कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश भी दिया। कृषि मंत्री ने किसानों की तरफ से उठाए गन्ने के भाव, रेड एंट्रियों, किसानों पर दर्ज केस वापस लेने, सहकारी और निजी मिलों के बकाये, बाढ़ और अन्य कुदरती आपदाओं के कारण फसलों के नुकसान के मुआवजे समेत अन्य मांगों को लेकर मौके पर ही संबंधित अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट लेकर उसे किसानों के साथ साझा किया। उन्होंने किसानों को बताया कि जल्द ही पंजाब की कृषि नीति तैयार कर ली जाएगी और ज्यादातर मसले नई नीति अमल में आने से हल हो जाएंगे।
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धालीवाल ने किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के सदस्यों को अपना संघर्ष वापस लेने की अपील करते हुए कहा कि मौजूदा पंजाब सरकार उनकी अपनी सरकार है और किसानों के मसले हल करने के लिए लगातार प्रयत्नशील है। इस मौके पर एडीजीपी कानून-व्यवस्था अर्पित शुक्ला, प्रमुख सचिव कृषि डीके तिवारी, प्रमुख सचिव पशु पालन विकास प्रताप, सचिव कृषि अरशदीप सिंह थिंड, उपायुक्त तरनतारन ऋषिपाल, पुलिस कमिश्नर अमृतसर जसकरन सिंह और निदेशक कृषि गुरविंदर सिंह के अलावा पंजाब के अलग-अलग विभागों से संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।