{"_id":"6189eb98456963225d35d496","slug":"punjab-government-will-preparing-draft-of-three-more-bills-and-present-in-house-on-november-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंजाब: दो दिन के अवकाश में तीन और बिलों के ड्राफ्ट तैयार कर रही सरकार, बीएसएफ-बिजली, नशा-किसानी पर लाएगी प्रस्ताव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाब: दो दिन के अवकाश में तीन और बिलों के ड्राफ्ट तैयार कर रही सरकार, बीएसएफ-बिजली, नशा-किसानी पर लाएगी प्रस्ताव
Tue, 09 Nov 2021 09:01 AM IST
निवेदिता वर्मा
हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़
हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 09 Nov 2021 09:01 AM IST
सार
पंजाब सरकार बार बार कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव लाने की बात कह रही है वहीं बिजली समझौते रद्द करने और नशे पर लगाम कसना भी सरकार के एजेंडे में सबसे ऊपर है।
विज्ञापन
सीएम चरणजीत चन्नी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
तय कार्यक्रम के अनुसार पंजाब सरकार विधानसभा में 11 नवबंर को बीएसएसफ के अधिकार क्षेत्र से संबंधित केंद्र सरकार की अधिसूचना को रद्द करने का प्रस्ताव लाएगी। लेकिन 9 और 10 नवंबर को अवकाश के दौरान अब राज्य सरकार ने तीन और बिलों के ड्राफ्ट तैयार करने का मन बना लिया है, जिन्हें 11 नवंबर को ही सदन में पेश कर पारित करने का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
राज्य सरकार के एक सीनियर मंत्री ने बताया कि सरकार ने फैसला किया है कि तीन कृषि कानून रद्द करने, निजी कंपनियों से हुए बिजली समझौते रद्द करने और नशे के खिलाफ नया कानून लाने का प्रस्ताव भी विधानसभा के इसी सत्र में पेश किए जाएंगे। इस तरह तीन नए बिल तैयार करने का काम दो दिन के अवकाश के दौरान किया जाएगा, जिसके लिए 9 नवंबर को बुलाई गई कैबिनेट की बैठक में विचार-विमर्श के बाद फैसला लिया जाएगा।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - पंजाब कांग्रेस में फिर घमासान: सुलह के लिए बुलाई बैठक छोड़कर निकले सिद्धू, नाराज चन्नी को हरीश चौधरी ने मनाया
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने फिलहाल बीएसएफ के पंजाब के भीतर अधिकार क्षेत्र को 15 किमी से बढ़ाकर 50 किमी किए जाने के केंद्र सरकार के फैसले को रद्द करने संबंधी प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें कहा गया है कि पंजाब शहीदों और वीरों का देश है। पंजाबियों ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान और बाद में 1962, 1965, 1971 और 1999 के युद्धों में अनुकरणीय बलिदान दिए हैं। भारत के संविधान के अनुसार कानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और इसके लिए पंजाब सरकार पूरी तरह से सक्षम है। केंद्र सरकार द्वारा बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को 15 किमी से बढ़ाकर 50 किमी करने का निर्णय राज्य पुलिस और पंजाब के लोगों के प्रति अविश्वास की अभिव्यक्ति है।
केंद्र सरकार को इतना बड़ा फैसला लेने से पहले राज्य सरकार से सलाह मशवरा करना चाहिए था। पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं है। यह भारत के संविधान में निहित संघवाद की भावना का घोर उल्लंघन है। बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ाना भी घटिया राजनीति का प्रतीक है। पंजाब के सभी राजनीतिक दलों ने सर्वसम्मति से केंद्र सरकार के इस फैसले की निंदा की है और केंद्र से गृह मंत्रालय द्वारा 11 अक्तूबर 2021 को जारी अधिसूचना वापस लेने की मांग की है। इसलिए पंजाब विधानसभा ने सर्वसम्मति से केंद्र सरकार की अधिसूचना को खारिज करते हुए एक प्रस्ताव पारित करती है।
राज्य सरकार ने अब इस प्रस्ताव की तरह ही तीन नए प्रस्ताव तैयार करने का फैसला किया है और इन्हें दो दिन में अंतिम रूप देकर विधानसभा की बिजनेस एजवाइजरी कमेटी से, सदन की कार्यवाही में शामिल करने के लिए आग्रह किया जाएगा।