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Hindi News ›   Chandigarh ›   Meeting Between Navjot Sidhu and Punajb CM Charanjit Channi in Chandigarh

पंजाब कांग्रेस में फिर घमासान: सुलह के लिए बुलाई बैठक छोड़कर निकले सिद्धू, नाराज चन्नी को हरीश चौधरी ने मनाया

Tue, 09 Nov 2021 01:19 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 09 Nov 2021 01:19 AM IST
सार

नवजोत सिद्धू डीजीपी और एजी की नियुक्ति को लेकर लगातार चन्नी सरकार को घेर रहे हैं। ऐसे में सोमवार को बुलाई गई बैठक को दोनों के बीच सुलह की तरफ एक कदम के तौर पर देखा जा रहा था लेकिन अब ये उम्मीद भी खत्म सी हो गई है।

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Meeting Between Navjot Sidhu and Punajb CM Charanjit Channi in Chandigarh
नवजोत सिद्धू और चरणजीत चन्नी। - फोटो : फाइल

विस्तार

पंजाब प्रदेश कांग्रेस में दोबारा घमासान छिड़ गया है। अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह के बीच की कलह खुलकर सामने आ गई है। सोमवार दोपहर दोनों नेताओं के बीच हुई बैठक बेनतीजा रही। बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच तनातनी कुछ इस हद तक पहुंची कि सिद्धू बैठक छोड़कर बाहर आ गए, जबकि सिद्धू के व्यवहार से खफा चन्नी को मनाने के लिए पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस बैठक में कैबिनेट मंत्री परगट सिंह मौजूद थे, लेकिन उन्होंने पूरे मामले में कुछ नहीं कहा।

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सोमवार को पंजाब राजभवन के गेस्ट हाउस में हरीश चौधरी ने दोनों पक्षों में सुलह कराने के इरादे से बैठक का आयोजन किया था। बैठक में वह खुद भी मौजूद रहे, लेकिन सूत्रों के अनुसार नवजोत सिद्धू, जो बैठक से कुछ समय पहले ही सोमवार को पंजाब भवन में प्रेस कांफ्रेंस करके चन्नी सरकार पर निशाने साध चुके थे, अपने तल्ख तेवर के साथ ही इस बैठक में पहुंचे। 
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सिद्धू ने बेअदबी के मामले में दोषियों पर कार्रवाई में हो रही देरी, नशे के मामले में सरकार के ढुलमुल रवैये, निजी कंपनियों से बिजली समझौते रद्द करने और पेट्रोल-डीजल के दाम में कमी के मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री पर सवालों की बौछार कर दी। मुख्यमंत्री ने सिद्धू को समझाना चाहा कि सभी मामलों में सरकार चरणबद्ध तरीके से काम कर रही है और अगले एक माह में नतीजे भी सामने आएंगे। लेकिन सिद्धू आश्वस्त नहीं हुए और उन्होंने डीजीपी और एजी के मुद्दे भी मुख्यमंत्री के सामने रख दिए। इस पर चन्नी ने साफ कर दिया कि अंतिम फैसले से पहले किसी अफसर को हटाया या बदला नहीं जाएगा। उसके बाद सिद्धू बैठक बीच में ही छोड़कर बाहर आ गए। वहीं सिद्धू के रवैये से नाराज चन्नी को हरीश चौधरी ने जैसे-तैसे शांत किया। 
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उल्लेखनीय है कि सोमवार को पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के पहले दिन कार्यवाही स्थगित होने के बाद सिद्धू ने प्रेस कांफ्रेंस कर बेअदबी और ड्रग के मामलों पर चन्नी सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए। सिद्धू का आरोप है कि सुखबीर सिंह बादल को क्लीन चिट देने वाले को पंजाब का डीजीपी (सहोता) लगाया गया है। सिद्धू का यह भी आरोप है कि जिस व्यक्ति ने सुमेध सैनी को ब्लैंकेट बेल दिलाई, उसे ही चन्नी सरकार ने पंजाब का एडवोकेट जनरल लगा दिया है।

पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक नौ नवंबर को

मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की अध्यक्षता में पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक मंगलवार 9 नवंबर को बुलाई गई है। पंजाब सचिवालय स्थित कमेटी रूम में दोपहर तीन बजे होने वाली इस बैठक के लिए सरकार की तरफ से एजेंडा घोषित नहीं किया गया है। फिर भी, माना जा रहा है कि इस बैठक के दौरान 11 नवंबर को विधानसभा सत्र में तीन कृषि कानून और निजी कंपनियों से बिजली समझौते रद्द करने संबंधी प्रस्ताव लाने पर विचार विमर्श किया जाएगा।
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