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Punjab News: कैप्टन की उद्योग नीति को बदलेगी मान सरकार, व्यापारी, कारोबारी और उद्यमियों से ली जा रही राय
Thu, 16 Jun 2022 04:47 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 16 Jun 2022 04:47 PM IST
सार
नई उद्योग नीति बनाने के लिए रायशुमारी का सिलसिला जारी है। जालंधर में 27 जून को एक बैठक का आयोजन किया गया है। इसमें 100 उद्यमियों को आमंत्रित किया जाएगा और उनसे जो सुझाव आएंगे, उन्हें उद्योग नीति में शामिल करने के लिए सरकार को रिपोर्ट बनाकर भेजी जाएगी।
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान।
- फोटो : फाइल
विस्तार
पंजाब की भगवंत मान सरकार पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की उद्योग नीति में बदलाव करने जा रही है। इसके लिए सरकार की ओर से सूबे के व्यापारियों, निर्माण कारखाना कारोबारी और उद्योगपतियों से रायशुमारी के लिए बैठकों का दौर शुरू हो गया है। अधिकारी मिलने वाले फीडबैक का ड्राफ्ट बनाने में जुट गए हैं। जल्द ही सरकार बड़े बदलाव के साथ उद्योग नीति को लागू करेगी।
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इससे पहले 2017 में पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब में उद्योग नीति को लागू किया था। उद्यमियों और कारोबारियों के अनुसार इन नीति में कुछ ऐसी बड़ी समस्याएं जो पांच साल में भी दूर नहीं हो पाईं। इसमें सबसे बड़ी समस्या जालंधर में नया फोकल प्वाइंट नहीं बन पाना रहा।
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इसके अलावा महंगी औद्योगिक बिजली, उद्योग स्थापित करने के लिए विभागों से मिलने वाले अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने में भी उद्यमियों को काफी परेशानियों से रूबरू होना पड़ा है। इन सब समस्याओं को दूर करने और राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए अब मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से पांच साल बाद पुरानी औद्योगिक नीति में बदलाव करने की तैयारी शुरू कर दी है। अब नई उद्योग नीति में सरकार प्राथमिकताओं के अनुसार नई सुविधाएं जोड़ेगी।
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27 जून को बैठक
नई उद्योग नीति बनाने के लिए रायशुमारी का सिलसिला जारी है। जालंधर में 27 जून को एक बैठक का आयोजन किया गया है। इसमें 100 उद्यमियों को आमंत्रित किया जाएगा और उनसे जो सुझाव आएंगे, उन्हें उद्योग नीति में शामिल करने के लिए सरकार को रिपोर्ट बनाकर भेजी जाएगी।
इन बिंदुओं पर सरकार का फोकस
वर्तमान औद्योगिक नीति में सरकार तीन प्रमुख बिंदुओं पर फोकस कर रही है। पहला सभी प्रकार की फैक्ट्रियों को पांच रुपये यूनिट बिजली, नई फैक्ट्री लगाने के लिए जो जमीन खरीदी जाती है, उस पर टैक्सों से छूट और 7 साल के लिए स्टेट जीएसटी से छूट शामिल है।
नई उद्योग नीति को लेकर फिलहाल फीडबैक लिया जा रहा है। ड्राफ्ट तैयार करने के बाद ही इस मामले में अगली कार्रवाई शुरू की जाएगी। - सिब्बन सी, निदेशक, उद्योग विभाग, पंजाब