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दस करोड़ का गेहूं घोटाला, 14 फूड इंस्पेक्टर सस्पेंड
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 02 Jun 2017 09:55 AM IST
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह
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पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार ने दस करोड़ के गेहूं घोटाले में फूड सप्लाई विभाग के 14 इंस्पेक्टरों को सस्पेंड कर दिया है। आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी जारी की जा रही है।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि 45 हजार क्विंटल गेहूं के घपले में चीफ विजिलेंस अफसर को जांच सौंपी गई थी। विभाग को शिकायत मिली थी कि नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत रखा गया गेहूं काले बाजार में बिक रहा है।
यह शिकायत अमृतसर जिले के रय्या और मेहता सेंटरों के फूड इंस्पेक्टरों के खिलाफ थी। सीवीसी ने अपनी जांच में 14 फूड इंस्पेक्टरों को आरोपी करार दिया था। आरोपियों ने फर्जी रिपोर्ट बनाकर यह साबित किया कि गेहूं लाभार्थियों को वितरित कर दी गई थी। फर्जी दस्तावेज बनाने के साथ-साथ इन्होंने लाभार्थियों के अंगूठे के निशान भी जाली तौर पर तैयार किए।
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आरोपियों में इंस्पेक्टर बिक्रम सिंह, गुरसेवक सिंह, प्रभजोत सिंह, वरुण ठाकुर, दविंदर सिंह, हरमनदीप सिंह, गुरसंगत सिंह, अमृत प्रीत कौर, सिमरजीत सिंह, अजय कुमार, संदीप कुमार, अमित सरीन, आरती शर्मा और संदीप बांसल शामिल हैं। प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पहले ही स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। सभी विभागों को पब्लिक डीलिंग में पारदर्शिता लाने की हिदायत दी गई है।
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सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि 45 हजार क्विंटल गेहूं के घपले में चीफ विजिलेंस अफसर को जांच सौंपी गई थी। विभाग को शिकायत मिली थी कि नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत रखा गया गेहूं काले बाजार में बिक रहा है।
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यह शिकायत अमृतसर जिले के रय्या और मेहता सेंटरों के फूड इंस्पेक्टरों के खिलाफ थी। सीवीसी ने अपनी जांच में 14 फूड इंस्पेक्टरों को आरोपी करार दिया था। आरोपियों ने फर्जी रिपोर्ट बनाकर यह साबित किया कि गेहूं लाभार्थियों को वितरित कर दी गई थी। फर्जी दस्तावेज बनाने के साथ-साथ इन्होंने लाभार्थियों के अंगूठे के निशान भी जाली तौर पर तैयार किए।
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आरोपियों में इंस्पेक्टर बिक्रम सिंह, गुरसेवक सिंह, प्रभजोत सिंह, वरुण ठाकुर, दविंदर सिंह, हरमनदीप सिंह, गुरसंगत सिंह, अमृत प्रीत कौर, सिमरजीत सिंह, अजय कुमार, संदीप कुमार, अमित सरीन, आरती शर्मा और संदीप बांसल शामिल हैं। प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पहले ही स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। सभी विभागों को पब्लिक डीलिंग में पारदर्शिता लाने की हिदायत दी गई है।