बड़ी राहत: सरकार ने निजी स्कूलों में यूनिफॉर्म और किताबों की बिक्री पर लगाई रोक
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पंजाब के निजी स्कूलों के परिसर में किताबें और ड्रेस बेचने पर पंजाब सरकार ने रोक लगा दी है। इसके साथ ही स्कूलों की ड्रेस के रंगों और डिजाइनों में तीन वर्ष तक बदलाव नहीं करने का आदेश दिया है। स्कूलों को अपनी वेबसाइट पर किताबों और ड्रेस के बारे में जानकारी अपलोड करने का आदेश दिया गया है।
आदेश का उल्लंघन करने वाले निजी स्कूलों की एनओसी रद्द कर दी जाएगी। शिक्षा सत्र शुरू होने के दो महीने बाद जागी पंजाब सरकार के इस फैसले से अभिभावकों को अभी कुछ राहत मिलेगी। यदि यह आदेश अगले सत्र तक प्रभावी रहा तो अभिभावकों को बड़ी राहत होगी।
राज्य में कुछ निजी स्कूलों द्वारा पेरेंट्स के आर्थिक शोषण संबंधी रिपोर्टों पर कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग ने राज्य में स्थित सीबीएसई, आईसीएसई और पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त सभी स्कूलों को निर्देश जारी किए हैं कि वह मां-बाप को स्कूल द्वारा सुझाई गई दुकान या फर्म से किताबें या वर्दियां खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकते।
बता दें कि शिक्षा सत्र के दौरान सिलेबस बदलने के नाम पर बेजा किताब खरीदने पर जोर दिया जाता है। केवल प्रकाशक बदलता है लेकिन कंटेंट में कोई बदलाव नहीं होता।
तीन साल तक नहीं बदलेंगे ड्रेस
स्कूल ड्रेस से संबंधित दिशा-निर्देशों को जारी करते हुए कहा गया है कि स्कूल ड्रेस कम से कम तीन वर्ष के लिए लागू रहेंगी और इस दौरान ड्रेस के रंग और डिजाइन में किसी किस्म की कोई तब्दीली नहीं की जाएगी। ड्रेस के रंग, डिजाइन, टेक्सचर, मैटीरियल संबंधी सारी जानकारी स्कूल की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाए।
हिदायतों को लागू करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। जिन स्कूलों की वेबसाइट नहीं है, उन्हें वेबसाइट बनवाकर जानकारी अपलोड करनी होगी। किताबों और ड्रेस के मामले में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसकी निगरानी के लिए अधिकारियों को औचक निरीक्षण करने का आदेश भी दिया गया है। हिदायतों का पालन ना करने वाले स्कूलों के एनओसी रद्द कर दिए जाएंगे।
-विजय इंद्र सिंगला, शिक्षा मंत्री, पंजाब