फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab government orders to identify property of pearls Group

Punjab: पर्ल्स ग्रुप के खिलाफ CM मान सख्त, संपत्ति की शिनाख्त का दिया आदेश, खरीद-फरोख्त रोकने को भी कहा

Wed, 22 Feb 2023 08:29 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 22 Feb 2023 08:29 PM IST
सार

पंजाब में करीब 10 लाख लोग पर्ल्स ग्रुप की ठगी का शिकार हुए थे। पर्ल्स ग्रुप ने पूरे देश में करीब साढ़े पांच करोड़ लोगों से प्रॉपर्टी में निवेश कराया और इससे करीब 60 हजार करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया गया। बाद में निवेशकों को फर्जी अलॉटमेंट लेटर थमा दिए और कंपनी सारा पैसा हड़प गई।

विज्ञापन
Punjab government orders to identify property of pearls Group
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान। - फोटो : फाइल

विस्तार

पंजाब के लोगों से लूटे गए एक-एक पैसे की वसूली के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को डिप्टी कमिशनरों को अपने-अपने जिलों में पर्ल्स ग्रुप की सभी संपत्तियों की शिनाख्त करने को कहा है, ताकि इन संपत्तियों की खरीद-फरोख्त रोकी जा सके। डिप्टी कमिशनरों, पुलिस कमिशनरों और एसएसपी के साथ वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी डिप्टी कमिश्नर अपने-अपने जिले में ग्रुप की संपत्तियों की शिनाख्त करके राज्य सरकार को रिपोर्ट दें। 

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और जस्टिस लोढा कमेटी के निर्देश के अनुसार इस संपत्तियों की राज्य स्तर पर सूची तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्ल्स ग्रुप ने लोगों के साथ वित्तीय धोखा किया है और उन्हें इस गुनाह के लिए जवाबदेह बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि डिप्टी कमिश्नर और पुलिस कमिश्नर या एसएसपी संपत्तियों की शिनाख्त के लिए एसडीएम और डीएसपी को अपनी सब डिवीजनों के नोडल अफसर के तौर पर नियुक्त करें। इस प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरतने के लिए माल रिकॉर्ड की भी जांच की जाए।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने कहा कि माल रिकॉर्ड में रेड एंट्री की जाएं, ताकि कोई भी इन संपत्तियों को खरीद या बेच न सके। उन्होंने कहा कि इस काम को प्राथमिकता दी जाए। मान ने मुख्य सचिव और डीजीपी से कहा कि वह इस काम को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए निजी तौर पर निगरानी करें। इस मौके पर मुख्य सचिव विजय कुमार जंजुआ, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए वेणु प्रसाद, डीजीपी गौरव यादव और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


भगवंत मान ने ही संसद में उठाया था मामला
पंजाब में करीब 10 लाख लोग पर्ल्स ग्रुप की ठगी का शिकार हुए थे। पर्ल्स ग्रुप ने पूरे देश में करीब साढ़े पांच करोड़ लोगों से प्रॉपर्टी में निवेश कराया और इससे करीब 60 हजार करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया गया। बाद में निवेशकों को फर्जी अलॉटमेंट लेटर थमा दिए और कंपनी सारा पैसा हड़प गई। भगवंत मान जब संगरूर से लोकसभा सांसद थे, उस दौरान उन्होंने पर्ल्स ग्रुप की धोखाधड़ी का मुद्दा संसद में उठाया था। 


मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने पर्ल्स ग्रुप की उच्चस्तरीय जांच का आदेश जारी किया था। हालांकि इस जांच के नतीजों को अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया लेकिन मान सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त लोढा कमेटी को सहयोग का भरोसा दिलाते हुए कहा था कि पर्ल्स ग्रुप की प्रॉपर्टी बेचकर निवेशकों को उनका पैसा लौटाया जाएगा। गौरतलब है कि लोढा कमेटी द्वारा जांच के दौरान करीब डेढ़ लाख निवेशक कमेटी के समक्ष पेश हुए थे। कमेटी ने पंजाब सरकार को पर्ल्स ग्रुप की प्रापर्टी नीलाम करने की सिफारिश की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed