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नई आबकारी नीति: पंजाब सरकार को 20 जुलाई तक जवाब दाखिल करने का आदेश, अंतिम फैसले पर निर्भर होगा ठेकों का आवंटन
Tue, 05 Jul 2022 09:09 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 05 Jul 2022 09:09 PM IST
सार
विजय कुमार व अन्य ने अपनी याचिका में पंजाब सरकार व पंजाब के मुख्यमंत्री को प्रतिवादी बनाया है। याचिका में कहा है कि पंजाब की आबकारी नीति को मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद जारी कर दिया गया जबकि इसके लिए मंत्री परिषद की सहमति अनिवार्य है।
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फाइल फोटो
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
पंजाब में शराब की खरीद और बिक्री के लिए लाई गई साल 2022-23 की आबकारी नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को 20 जुलाई तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही नीति के तहत ठेकों की अलॉटमेंट को याचिका पर आने वाले अंतिम फैसले पर निर्भर कर दिया है।
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पंजाब की आबकारी नीति को चुनौती देने वाली चार अलग-अलग याचिकाओं पर मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सभी याचिकाकर्ताओं ने पंजाब की नई आबकारी नीति को पंजाब एक्साइज एक्ट-1914 और पंजाब लिकर लाइसेंस एक्ट-1956 का उल्लंघन बताया और कहा कि इस नीति के तहत एकाधिकार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन सभी याचिकाओं में पंजाब की नई आबकारी नीति को रद्द करने की हाईकोर्ट से अपील की गई है।
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विजय कुमार व अन्य ने अपनी याचिका में पंजाब सरकार व पंजाब के मुख्यमंत्री को प्रतिवादी बनाया है। याचिका में कहा है कि पंजाब की आबकारी नीति को मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद जारी कर दिया गया जबकि इसके लिए मंत्री परिषद की सहमति अनिवार्य है। ऐसे में इस नीति को जारी करते हुए तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
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हाईकोर्ट ने इन सभी याचिकाओं पर पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न इस नीति पर रोक लगा दी जाए। साथ ही शराब के ठेकों की जो अलॉटमेंट की जा रही है वह अब हाईकोर्ट में दायर इन याचिकाओं पर आने वाले अंतिम फैसले पर निर्भर रहेंगी।