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पंजाब सरकार विधानसभा में किसानों के कर्ज पर बिल लाएगी
ब्यूरो/अमर उजाला/चंडीगढ़
Updated Mon, 21 Mar 2016 07:51 PM IST
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प्रकाश सिंह बादल, पंजाब सीएम
- फोटो : amar ujala
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राज्य के किसानों के कर्ज को लेकर पंजाब सरकार बिल लाएगी। सीएम प्रकाश सिंह बादल की अगुवाई में हुई कैबिनेट मीटिंग में इसे मंजूरी दे दी गई है। विधानसभा के बजट सेशन के आखिरी दिन मंगलवार को सरकार बिल पेश करेगी।
कैबिनेट ने सोमवार को द पंजाब सेटलमेंट ऑफ एग्रीकल्चर इनडेटनेस बिल-2016 को मंजूरी दी। प्रस्तावित कानून गैर संस्थागत खेती कर्जों का निर्धारण व निपटारा तेजी से करने को रूपरेखा मुहैया करवाएगा।
खेती कर्ज निपटाने को जिलास्तर पर फोरम और राज्यस्तर पर खेती कर्ज निपटारा ट्रिब्यूनल स्थापित होगा। किसानों द्वारा लिए गए गैर संस्थागत कर्ज का निपटारा होने से उन्हें पेश आ रही मुश्किलें खत्म होंगी।
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जिलास्तरीय फोरम के प्रमुख रिटायर्ड या मौजूदा जिला या अतिरिक्त जिला सेशन जज होंगे। बाकी दो सदस्यों में किसानों और साहूकारों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। राज्यस्तरीय ट्र्ब्यिूनल के प्रमुख हाईकोर्ट केरिटायर्ड जज होंगे, इसमें भी दो सदस्यों को शामिल किया जाएगा।
फोरम और ट्रिब्यूनल की अवधि तीन साल होगी। इस बिल से सरकार ब्याज की अधिकतम दर निर्धारित करने में सक्षम होगी, जोकि साहूकारों द्वारा कर्ज देते समय लिया जाता है। फोरम किसी भी विवाद पर तीन महीनों में फैसला करेगा।
सिविल कोर्ट केअधिकार क्षेत्र को वर्जित किया गया है। सिविल कोर्ट में लंबित सभी विवाद एक्ट नोटिफाई करने की तारीख से फोरम में तबदील हो जाएंगे। हर साहूकार कर्ज लेने वाले को प्रमाणित पासबुक जारी करेगा। फोरम और ट्रिब्यूनल केआगे होने वाली कार्यवाही न्यायिक कार्यवाही होगी।
प्रस्तावित बिल के मुताबिक खेती कर्ज का कोई भी लेनदार या देनदार जिलास्तरीय फोरम में याचिका दायर कर सकता है। बाद में ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता है। फोरम पंद्रह लाख रुपये के खेती कर्ज का निपटारा करेगा। इस बिल में किसानों और खेत मजदूरों को कवर किया गया है।
कैबिनेट ने बहादुरी के लिए और मरणोपरंात वारिसों को दी जाने वाली एकमुश्त राशि में बढ़ोतरी की है। परमवीर व अशोक चक्र विजेताओं को दो करोड़, महावीर व कीर्ति चक्र विजेताओं को एक करोड़, वीर व शौर्य चक्र विजेताओं को पचास लाख, सेना, नौसेना, वायु सेना मेडल विजेताओं को 14 लाख और मेन्शन इन डिस्पैच को दस लाख रुपये दिए जाएंगे।
कैबिनेट ने नॉन टीचिंग व नर्सिंग फेकल्टी के खाली पद बाबा फरीद यूनिवर्सिटी की ओर से भरे जाने को मंजूरी दी है। मेडिकल व डेंटल टीचिंग फैकल्टी के पद डॉ. केके तलवार की अगुवाई वाली कमेटी द्वारा भरे जाएंगे। हेल्थ फार्मासिस्ट और सफाई सेवकों केठेके में बढ़ोतरी को हरी झंडी दी गई है।
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कैबिनेट ने सोमवार को द पंजाब सेटलमेंट ऑफ एग्रीकल्चर इनडेटनेस बिल-2016 को मंजूरी दी। प्रस्तावित कानून गैर संस्थागत खेती कर्जों का निर्धारण व निपटारा तेजी से करने को रूपरेखा मुहैया करवाएगा।
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खेती कर्ज निपटाने को जिलास्तर पर फोरम और राज्यस्तर पर खेती कर्ज निपटारा ट्रिब्यूनल स्थापित होगा। किसानों द्वारा लिए गए गैर संस्थागत कर्ज का निपटारा होने से उन्हें पेश आ रही मुश्किलें खत्म होंगी।
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जिलास्तरीय फोरम के प्रमुख रिटायर्ड या मौजूदा जिला या अतिरिक्त जिला सेशन जज होंगे। बाकी दो सदस्यों में किसानों और साहूकारों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। राज्यस्तरीय ट्र्ब्यिूनल के प्रमुख हाईकोर्ट केरिटायर्ड जज होंगे, इसमें भी दो सदस्यों को शामिल किया जाएगा।
फोरम और ट्रिब्यूनल की अवधि तीन साल होगी। इस बिल से सरकार ब्याज की अधिकतम दर निर्धारित करने में सक्षम होगी, जोकि साहूकारों द्वारा कर्ज देते समय लिया जाता है। फोरम किसी भी विवाद पर तीन महीनों में फैसला करेगा।
सिविल कोर्ट केअधिकार क्षेत्र को वर्जित किया गया है। सिविल कोर्ट में लंबित सभी विवाद एक्ट नोटिफाई करने की तारीख से फोरम में तबदील हो जाएंगे। हर साहूकार कर्ज लेने वाले को प्रमाणित पासबुक जारी करेगा। फोरम और ट्रिब्यूनल केआगे होने वाली कार्यवाही न्यायिक कार्यवाही होगी।
प्रस्तावित बिल के मुताबिक खेती कर्ज का कोई भी लेनदार या देनदार जिलास्तरीय फोरम में याचिका दायर कर सकता है। बाद में ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता है। फोरम पंद्रह लाख रुपये के खेती कर्ज का निपटारा करेगा। इस बिल में किसानों और खेत मजदूरों को कवर किया गया है।
कैबिनेट ने बहादुरी के लिए और मरणोपरंात वारिसों को दी जाने वाली एकमुश्त राशि में बढ़ोतरी की है। परमवीर व अशोक चक्र विजेताओं को दो करोड़, महावीर व कीर्ति चक्र विजेताओं को एक करोड़, वीर व शौर्य चक्र विजेताओं को पचास लाख, सेना, नौसेना, वायु सेना मेडल विजेताओं को 14 लाख और मेन्शन इन डिस्पैच को दस लाख रुपये दिए जाएंगे।
कैबिनेट ने नॉन टीचिंग व नर्सिंग फेकल्टी के खाली पद बाबा फरीद यूनिवर्सिटी की ओर से भरे जाने को मंजूरी दी है। मेडिकल व डेंटल टीचिंग फैकल्टी के पद डॉ. केके तलवार की अगुवाई वाली कमेटी द्वारा भरे जाएंगे। हेल्थ फार्मासिस्ट और सफाई सेवकों केठेके में बढ़ोतरी को हरी झंडी दी गई है।