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सुक्खा दुनेके: मोगा के गांव का रहने वाला सुखदूल बन गया एनआईए का मोस्ट वांटेड, ऐसी है अपराध कुंडली
Thu, 21 Sep 2023 03:16 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 21 Sep 2023 03:16 PM IST
सार
सुक्खा दुनेके का असली नाम सुखदूल सिंह हैं। अपराध की दुनिया में आने से पहले वह मोगा के डीसी दफ्तर में काम करता था। बताया जाता है कि गांव में एक लड़ाई झगड़े के मामले में उस पर केस दर्ज हुआ था। इसके बाद 2017 में वह फर्जी पासपोर्ट और दस्तावेजों के सहारे कनाडा भाग गया।
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सुक्खा दुनेके के घर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कनाडा के विनिपेग में बुधवार को पंजाब के कुख्यात गैंगस्टर सुखदूल सिंह उर्फ सुक्खा दुनेके को गोलियों से भून दिया गया। दो गैंग की लड़ाई में दुनेके की गोली मारकर हत्या की गई। वहीं हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली है। दुनेके एक शार्प शूटर था और खालिस्तानी मुहिम का समर्थक था।
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गैंगस्टर सुक्खा दुनेके मोगा के दुनेके कलां गांव का रहने वाला था। उसने अपने गांव के नाम पर ही अपने नाम के पीछे दुनेके लगा लिया था। सुक्खा राष्ट्रीय जांच एजेंसी की 41 आतंकियों और गैंगस्टरों की लिस्ट में शामिल था।
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यह भी पढ़ें: एक्शन में पंजाब पुलिस: गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के करीबियों पर मारे छापे, पूरे सूबे में एक साथ कार्रवाई
डीसी दफ्तर में करता था काम
सुक्खा दुनेके का असली नाम सुखदूल सिंह हैं। अपराध की दुनिया में आने से पहले वह मोगा के डीसी दफ्तर में काम करता था। बताया जाता है कि गांव में एक लड़ाई झगड़े के मामले में उस पर केस दर्ज हुआ था। इसके बाद 2017 में वह फर्जी पासपोर्ट और दस्तावेजों के सहारे कनाडा भाग गया। तब से वह वहीं रहता था।
पिता की आतंकियों ने की थी हत्या
दुनेके के पिता नायब सिंह बिजली विभाग में ड्राइवर थे। 1988 में उनकी आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसकी मां, बड़ा भाई सुखचैन सिंह और दो बहनें भी कनाडा में रहते हैं। मोगा में उसके ताया और ताई ही रहते हैं।
अर्श डल्ला का दाहिना हाथ था सुक्खा
कनाडा भागने के बाद सुक्खा दुनेके का नाम अपराध की दुनिया में तेजी से उभरा। उसने वहीं से बैठकर वसूली, रंगदारी मांगना शुरू किया। उसे खालिस्तानी मुहिम का समर्थक माना जाता है और वह खालिस्तानी आतंकी गैंगस्टर अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला का दाहिना हाथ था। दुनेके को बंबीहा गैंग में माना जाता था। उसका नाम कबड्डी खिलाड़ी संदीप नंगल अंबिया की हत्या में भी आया था।
मोगा एसएसपी जे. एलनचेलियन ने कहा कि सुक्खा मोगा जिला का रहने वाला था लेकिन काफी समय से कनाडा में रहता था, परिवार के लोग और उसकी माता-बहन भी कनाडा में ही रहती हैं। इसके खिलाफ 15-16 मामले हैं। यह हत्या, जबरदस्ती वसूली सहित अपराध के कई मामलों में शामिल है। यहां उसके एक ताया और बेटी हैं जिनसे हमारा संपर्क हुआ है। इनके पास उसकी बहन का फोन आया था।
सुक्खा दुनेके का असली नाम सुखदूल सिंह हैं। अपराध की दुनिया में आने से पहले वह मोगा के डीसी दफ्तर में काम करता था। बताया जाता है कि गांव में एक लड़ाई झगड़े के मामले में उस पर केस दर्ज हुआ था। इसके बाद 2017 में वह फर्जी पासपोर्ट और दस्तावेजों के सहारे कनाडा भाग गया। तब से वह वहीं रहता था।
पिता की आतंकियों ने की थी हत्या
दुनेके के पिता नायब सिंह बिजली विभाग में ड्राइवर थे। 1988 में उनकी आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसकी मां, बड़ा भाई सुखचैन सिंह और दो बहनें भी कनाडा में रहते हैं। मोगा में उसके ताया और ताई ही रहते हैं।
अर्श डल्ला का दाहिना हाथ था सुक्खा
कनाडा भागने के बाद सुक्खा दुनेके का नाम अपराध की दुनिया में तेजी से उभरा। उसने वहीं से बैठकर वसूली, रंगदारी मांगना शुरू किया। उसे खालिस्तानी मुहिम का समर्थक माना जाता है और वह खालिस्तानी आतंकी गैंगस्टर अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला का दाहिना हाथ था। दुनेके को बंबीहा गैंग में माना जाता था। उसका नाम कबड्डी खिलाड़ी संदीप नंगल अंबिया की हत्या में भी आया था।
मोगा एसएसपी जे. एलनचेलियन ने कहा कि सुक्खा मोगा जिला का रहने वाला था लेकिन काफी समय से कनाडा में रहता था, परिवार के लोग और उसकी माता-बहन भी कनाडा में ही रहती हैं। इसके खिलाफ 15-16 मामले हैं। यह हत्या, जबरदस्ती वसूली सहित अपराध के कई मामलों में शामिल है। यहां उसके एक ताया और बेटी हैं जिनसे हमारा संपर्क हुआ है। इनके पास उसकी बहन का फोन आया था।