पंजाब: सिद्धू पर बरसे एडवोकेट जनरल, कहा-वे राजनीतिक लाभ के लिए फैला रहे गलत सूचना
एडवोकेट एपीएस दयोल पंजाब सरकार के खिलाफ कई महत्वपूर्ण केसों की पैरवी कर रहे हैं, जिनमें बेअदबी मामले में पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी व परमराज उमरानंगल का केस भी शामिल है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में भी दयोल सुमेध सैनी के वकील हैं और उन्होंने ही हाईकोर्ट में पंजाब सरकार की आपत्तियों का खारिज कराते हुए सैनी के खिलाफ जारी कार्रवाई पर 2022 के चुनाव तक रोक लगवाई है।
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पंजाब के महाधिवक्ता (एजी) एपीएस दयोल ने पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू पर निशाना साधा है। दयोल ने हाल ही में मुख्यमंत्री से मिलकर अपने ओहदे से इस्तीफा सौंप दिया था लेकिन उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है। शनिवार को कांग्रेस प्रधान की बेअदबी और नशे के मामलों पर जारी बयानबाजी के विरुद्ध दयोल खुलकर सामने आ गए। एक बयान में दयोल ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू सरकार और एजी के कार्यालय के कामकाज में बाधा डाल रहे हैं।
दयोल ने कहा कि सिद्धू के बयान नशीले पदार्थों और बेअदबी के मामलों में न्याय सुनिश्चित करने के राज्य सरकार के गंभीर प्रयासों को पटरी से उतारने की कोशिश कर रहे हैं। सिद्धू अपने राजनीतिक सहयोगियों पर राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए गलत सूचना फैला रहे हैं।
दयोल ने अपने बयान में कहा कि सिद्धू की तरफ से पंजाब के महाधिवक्ता के सांविधानिक कार्यालय का राजनीतिकरण कर अपने स्वार्थी राजनीतिक लाभ के लिए आगामी पंजाब चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस के कामकाज को खराब करने के निहित स्वार्थों द्वारा प्रयास किया जा रहा है।
दयोल की नियुक्ति से नाराज थे सिद्धू
पंजाब के एडवोकेट जनरल के पद से एपीएस दयोल की नियुक्ति के बाद से ही कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू सरकार से नाराज चल रहे थे। सिद्धू ने इसके पीछे दलील दी थी कि बेअदबी मामले के खिलाफ दयोल ने ही कोर्ट में पैरवी की थी। इसके अलावा उन्होंने पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी का केस भी लड़ा था। इन दोनों मामलों को लेकर पहले भी नवजोत सिंह सिद्धू पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार पर हमले बोलते रहे हैं। चन्नी के द्वारा एजी के पद पर दयोल की नियुक्ति किए जाने से भी सिद्धू खफा थे। सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस प्रधान पद से भी नाराज होकर इस्तीफा दे दिया था। बाद में दयोल ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
शुक्रवार को ही नवजोत सिद्धू ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि प्रधान पद से उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है लेकिन जिस दिन नए एडवोकेट जनरल की नियुक्ति हो जाएगी और नए डीजीपी के लिए पैनल प्राप्त हो जाएगा, वह अपने कार्यालय में काम फिर से शुरू कर देंगे। 28 सितंबर को पद छोड़ने की घोषणा करने वाले सिद्धू ने कहा कि प्रदेश प्रधान के रूप में काम करना जारी रखूंगा।