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CM बेअंत सिंह हत्याकांड में पूर्व SP ने दर्ज कराए बयान, चौंकाने वाला खुलासा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 25 May 2017 11:12 AM IST
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पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह का हत्यारा जगतार सिंह हवारा
- फोटो : फाइल फोटो
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पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड मामले में पूर्व एसपी ने अपने बयान दर्ज कराए, जिसमें चौंकाने वाला सच खुलकर सामने आया है। मामले में बुधवार को बुड़ैल जेल में हुई सुनवाई में सीबीआई के तत्कालीन एसपी एपी सिंह के बयान दर्ज हुए।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि इस वारदात में विस्फोटक सामग्री और गाड़ी का इस्तेमाल हुआ था। अभियोजन पक्ष की ओर से बतौर गवाह पेश हुए पूर्व एसपी ने दर्ज बयानों में बताया कि तारा की 13 सितंबर 1995 को गिरफ्तारी की गई थी।
उसके बाद 18 सितंबर को उसने उनके समक्ष रिकार्ड किए गए बयानों में कबूला था कि उसने और उसके साथियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए गाड़ी और विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल किया था। उसने कहा था कि उन्होंने 20 अगस्त को दिल्ली नंबर की अंबेसडर 30 हजार रुपये में खरीदी थी।
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परमजीत सिंह हवारा के कहने पर वह परमजीत सिंह भ्यौरा के साथ चंडीगढ़ आया था। उसके बाद वह हवारा और अन्य दो साथी दिलवार सिंह और बलवंत सिंह के साथ विस्फोटक सामग्री खरीदने के लिए पटियाला के समीप गांव झिंगरा कलान गए थे। उन सभी ने मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या की साजिश रची थी।
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उन्होंने अपने बयान में कहा कि इस वारदात में विस्फोटक सामग्री और गाड़ी का इस्तेमाल हुआ था। अभियोजन पक्ष की ओर से बतौर गवाह पेश हुए पूर्व एसपी ने दर्ज बयानों में बताया कि तारा की 13 सितंबर 1995 को गिरफ्तारी की गई थी।
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उसके बाद 18 सितंबर को उसने उनके समक्ष रिकार्ड किए गए बयानों में कबूला था कि उसने और उसके साथियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए गाड़ी और विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल किया था। उसने कहा था कि उन्होंने 20 अगस्त को दिल्ली नंबर की अंबेसडर 30 हजार रुपये में खरीदी थी।
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परमजीत सिंह हवारा के कहने पर वह परमजीत सिंह भ्यौरा के साथ चंडीगढ़ आया था। उसके बाद वह हवारा और अन्य दो साथी दिलवार सिंह और बलवंत सिंह के साथ विस्फोटक सामग्री खरीदने के लिए पटियाला के समीप गांव झिंगरा कलान गए थे। उन सभी ने मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या की साजिश रची थी।
अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी
पूर्व सीएम बेअंत सिंह का पोता
- फोटो : amar ujala
मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए डीएनए विशेषज्ञ डॉ. लाल जी और सीबीआई के डीएसपी रहे एके चंद्रा को बतौर गवाह पेश होने के लिए समन जारी किए हैं।
वहीं तारा की मेडिकल संबंधी याचिका पर सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं न्यायाधीश ने जेल प्रशासन को आदेश दिए हैं कि अगले महीने गृहमंत्री के दौरे की वजह से तारा को एमआरआई के लिए जेल से बाहर लेकर नहीं जाएं। इसलिए नए सिरे से अर्जी दायर करें।
वहीं तारा की मेडिकल संबंधी याचिका पर सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं न्यायाधीश ने जेल प्रशासन को आदेश दिए हैं कि अगले महीने गृहमंत्री के दौरे की वजह से तारा को एमआरआई के लिए जेल से बाहर लेकर नहीं जाएं। इसलिए नए सिरे से अर्जी दायर करें।