Punjab Flood: रावी नदी का जलस्तर बढ़ा, करतारपुर साहिब की यात्रा रोकी, सुल्तानपुर लोधी में अस्थायी बांध टूटा
सीएम भगवंत मान ने कहा कि सरदूलगढ़ से लेकर पठानकोट तक पूरे पंजाब में पानी की स्थिति पर मैं खुद पल-पल नजर रख रहा हूं। उन्होंने ट्वीट किया-प्रशासन, समाज सेवी संस्थाएं और लोगों द्वारा मिलकर जरूरतमंद लोगों की मदद करना बेहद सराहनीय है।
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बाढ़ का पानी भारत-पाक सीमा पर स्थित करतारपुर कॉरिडोर के पास जीरो लाइन तक पहुंच गया है। इसे देखते हुए करतारपुर कॉरिडोर को तीर्थयात्रियों के लिए तीन दिनों तक बंद कर दिया गया है। रावी नदी में उफान के कारण सीमा पर फेंसिंग डूब गई है। गुरदासपुर के डीसी हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि डेरा बाबा नानक के गांव धर्मकोट पत्तन में भी गांव में पानी घुस गया है। हालांकि, कॉरिडोर को कोई खतरा नहीं है।
धुस्सी बांध से होते हुए पाकिस्तान की तरफ से रावी का पानी कॉरिडोर क्षेत्र में घुस गया। टीमें मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सरकार के स्तर पर पाकिस्तानी अथॉरिटी से गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के रास्ते और रावी के पानी की रिपोर्ट ली जा रही है। पानी का स्तर नीचे आने पर यात्रा फिर से शुरू कर दी जाएगी।
वहीं, अमृतसर में कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने बताया कि उज्ज दरिया में छोड़े गए पानी के कारण गांव घोनेवाल और सहारन में सैकड़ों एकड़ फसल खराब हो गई है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे रावी के पास न जाएं। वहीं, ब्यास नदी में उफान के कारण इसके किनारे रहने वाले गुज्जर परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है।
पटियाला में भी 35 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की फसलें बर्बाद हो गई हैं। कपूरथला के सुल्तानपुर लोधी के गांव बाऊपुर में एक अस्थायी तटबंध टूटने से कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं और फसल डूब गई है। पठानकोट में रणजीत सागर डैम से रावी नदी में पानी छोड़ने के बाद स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। पंजाब को हिमाचल प्रदेश से जोड़ने वाले चक्की पर यातायात बहाल नहीं हो पाया है।
आज व कल बारिश के आसार
मौसम विभाग ने शुक्रवार व शनिवार को पंजाब के ज्यादातर हिस्सों में बारिश की आशंका जताई है, जबकि इसके बाद 23 व 24 जुलाई को कुछ जगहों पर बारिश होगी। हालांकि, इस दौरान तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।बाढ़ से हुए नुकसान के एक-एक पैसे की भरपाई करेगी सरकार: मान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सरकार बाढ़ से लोगों को हुए नुकसान के एक-एक पैसे की भरपाई करेगी। फसलों, घरों और अन्य चीजों को हुए नुकसान का पता लगाने के लिए विशेष गिरदावरी के आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं।यह भी पढ़ें: खौफनाक : गाड़ी में बैठने नहीं दे रहा था कुत्ता, शक हुआ तो संपेरे को बुलाया- पांच सांप निकले तो मच गया हड़कंप
ਸਰਦੂਲਗੜ ਤੋਂ ਪਠਾਨਕੋਟ ਤੱਕ ਸਾਰੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਾਲਾਤਾਂ ਤੇ ਮੈਂ ਖੁਦ ਪਲ ਪਲ ਦੀ ਨਿਗਰਾਨੀ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹਾਂ..ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ,ਸਮਾਜਸੇਵੀ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਅਤੇ ਲੋਕ ਮਿਲਕੇ ਜੋ ਲੋੜਬੰਦਾਂ ਦੀ ਮਦਦ ਕਰ ਰਹੇ ਨੇ ਉਹ ਬਹੁਤ ਹੀ ਕਾਬਿਲੇ ਤਾਰੀਫ ਹੈ..ਸਰਕਾਰ ਹਮੇਸ਼ਾ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਰਹੇਗੀ..
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) July 20, 2023
बाढ़ पीड़ितों के लिए संत सीचेवाल ने संसद से ली छुट्टी
सतलुज नदी के धुस्सी बांध में एक और 925 फीट चौड़ा बांध बांधा जा रहा है। इसके लिए राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने संसद के 260वें मानसून सत्र से छुट्टी ली है। उन्होंने राज्यसभा सभापति को पत्र लिखा है। अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि पंजाब के 19 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं।
बाढ़ से जालंधर और कपूरथला जिलों का बड़ा इलाका प्रभावित हुआ है। यहां सतलुज नदी का धुस्सी बांध दो जगहों पर टूट गया है। इनमें से एक पूरा हो चुका है और दूसरे का कार्य दिन-रात चल रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग इस वक्त यहां हमारी मौजूदगी की सख्त जरूरत महसूस कर रहे हैं।
सुल्तानपुर लोधी में टूटा अस्थायी बांध, कई गांवों में सैंकड़ों एकड़ फसल डूबी
कपूरथला के सुल्तानपुर लोधी क्षेत्र के गांव बाऊपुर के नजदीक ग्रामीणों की तरफ से बनाया गया आरजी बांध टूट गया है। इससे कई गांवों की सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूब गई है। हालांकि अभी रिहायशी क्षेत्र में कोई नुकसान नहीं हुआ है। दूसरी तरफ एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें किसान नेता प्रशासन को कसूरवार ठहरा रहे हैं।
डीसी कपूरथला करनैल सिंह ने बताया कि पक्के धुस्सी के अंदर रहने वाले गांववासियों ने अपने स्तर पर बांध बनाए हुए हैं। जिनके बारे प्रशासन के रिकॉर्ड में कहीं भी दर्ज नहीं है। सरकारी पक्का धुस्सी बांध बरकरार है उसे कोई नुकसान नहीं हुआ है। इस बांध के अंदर बैठे लोगों को प्रशासन द्वारा अपील की गई है कि ब्यास दरिया में पानी काफी है। इन गांवों के लोग धुस्सी बांध से बाहर आ जाएं और अपनी जान माल की रक्षा करें।
ब्यास दरिया में पानी का फ्लो बढ़ने से पक्के धुस्सी बांध और ब्यास दरिया के बीच गांव बाऊपुर में गुरुवार सुबह एक आरजी बांध टूटने से आसपास के गांवों के खेतों में पानी भर गया है। जिससे सैकड़ों एकड़ फसल डूब गई है। आरजी बांध टूटने से गांव वासी चिंता में है और उस टूटे हुए बांध को जोड़ने में लगे हुए हैं।