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पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज का नया नियम: शोधार्थियों को छात्रवृत्ति चाहिए तो तीन साल में करना होगा शोध पेपर प्रकाशित

Sat, 09 Oct 2021 04:45 PM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Trainee Trainee Updated Sat, 09 Oct 2021 04:45 PM IST
सार

शोधार्थी दूसरे वर्ष से तीसरे वर्ष में जैसे ही प्रवेश करेगा तो उसे उसी साल में एक उच्च गुणवत्तायुक्त रिसर्च पेपर लिखना होगा। शोधार्थी इसके लिए अपने गाइड से पूरी मदद ले सकेंगे। पेक स्कॉलरशिप भी इसी परफॉरमेंस के आधार पर देगा।

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Punjab Engineering College made a new rule for the researchers
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala

विस्तार

पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी से पीएचडी करने वाले शोधािर्थयों को छात्रवृत्ति तभी मिल पाएगी, जब वह तीसरे साल में एक पेपर प्रकाशित कर देंगे। शोध को परफॉरमेंस से जोड़ दिया गया है। इस नियम से शोध को बढ़ावा मिलेगा। पेक की सीनेट ने इस पर मुहर भी लगा दी है। इस मुहर के साथ शिक्षकों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है, क्योंकि उन्हें एक छात्र को पीएचडी कराते हुए दो से तीन पेपर प्रकाशित करने होंगे।

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पेक की सीनेट बैठक में पेक प्रशासन ने प्रस्ताव रखा कि निरफ से लेकर हर प्रकार की रैंकिंग में संस्थान को आगे ले जाना है। इसके लिए शोध को बढ़ावा देना होगा और शोध को परफॉरमेंस से जोड़ना होगा। इस प्रस्ताव की सीनेट के सदस्यों ने सराहना की। इसके बाद काफी देर तक इस पर मंथन हुआ। तय हुआ कि शोधार्थी दूसरे वर्ष से तीसरे वर्ष में जैसे ही प्रवेश करेगा तो उसे उसी साल में एक उच्च गुणवत्तायुक्त रिसर्च पेपर लिखना होगा। शोधार्थी इसके लिए अपने गाइड से पूरी मदद ले सकेंगे। पेक स्कॉलरशिप भी इसी परफॉरमेंस के आधार पर देगा। 
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एमटेक में ए प्लस ग्रेड चाहिए तो शोध पेपर लिखना होगा
पेक ने एक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किया है। सीनेट ने भी इस पर मुहर लगा दी। विद्यार्थियों को एमटेक में ए प्लस ग्रेड चाहिए तो उन्हें एक शोध पेपर लिखना होगा और उसे प्रमुख जर्नल में प्रकाशित करवाना होगा। यानी शोध के साथ पेक ने डिग्री को लिंक किया है। इससे विद्यार्थियों में शोध के प्रति रुचि जगेगी। जब शोध पेपर अधिक से अधिक प्रकाशित होंगे तो पेक को रैंकिंग में बेहतर अंक मिलेंगे। तमाम रैंकिंग सीधे शोध से जुड़ी है। मालूम हो कि पेक में शोध का ग्राफ गिर रहा है। इसके कारण रैंकिंग आदि में वह पिछड़ रहा है। इसे देखते हुए पेक प्रशासन के इन प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इसके अलावा शिक्षकों की भी भर्ती पेक करेगा ताकि भार कम हो और शोध पर अधिक ध्यान दिया जा सके।

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