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भ्रष्टाचार पर एक्शन: बिजली मंत्री ने पैसे मांगने वाले जेई को बैठक में ही किया बर्खास्त, 13 अफसरों को नोटिस
Sat, 24 Aug 2024 08:45 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 24 Aug 2024 08:45 AM IST
सार
बिलासपुर गांव के एक निवासी ने आरोप लगाया कि बिजली का खंभा लगाने के लिए आरोपी जेई ने निजी कंपनी के कर्मचारी के माध्यम से 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। इस पर कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए मौके पर ही जेई को निलंबित करने और निजी कंपनी के कर्मचारी को नौकरी से बर्खास्त करने का आदेश दिया।
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बैठक की अध्यक्षता करते बिजली मंत्री
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब के बिजली एवं लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ने मोगा में विकास कार्यों और लोक कल्याण योजनाओं की प्रगति कार्यों की अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसी दौरान मंत्री ने काम के बदले कथित तौर पर पैसे की मांग करने वाले पीएसपीसीएल के जेई (सब डिवीजन बिलासपुर) को मौके पर ही निलंबित कर दिया।
इसके अलावा पीएसपीसीएल के साथ काम करने वाली एक कंपनी के कर्मचारी को भ्रष्टाचार के आरोप में मौके पर ही नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। विभाग के 13 अफसरों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। मंत्री ने बताया कि बैठक के दौरान बिलासपुर गांव के एक निवासी ने आरोप लगाया कि बिजली का खंभा लगाने के लिए आरोपी जेई ने निजी कंपनी के कर्मचारी के माध्यम से 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। इस पर कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए मौके पर ही जेई को निलंबित करने और निजी कंपनी के कर्मचारी को नौकरी से बर्खास्त करने का आदेश दिया।
सरकारी स्कूलों में पढ़ाई और अनुशासन व्यवस्था को बनाए रखने के लिए उन्होंने डिप्टी कमिश्नर विशेष सारंगल से कहा कि वह सभी एसडीएम, जिला शिक्षा अधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से सभी स्कूलों की औचक जांच करवाएं। जहां भी कोई कमी पाए जाए, वहां आवश्यक कार्रवाई की जाए।
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इस दौरान बैठक में विधायक मोगा अमनदीप कौर अरोड़ा, विधायक निहाल सिंह वाला मनजीत सिंह बिलासपुर, विधायक बाघापुराना अमृतपाल सिंह सुखानंद, विधायक धर्मकोट दविंदरजीत सिंह लाडी ढोंस, डिप्टी कमिश्नर विशेष सारंगल, जिला पुलिस प्रमुख डॉक्टर अंकुर गुप्ता, एडिशनल डिप्टी कमिश्नर जगविंदरजीत सिंह ग्रेवाल व चारुमिता, जिला योजना बोर्ड के चेयरमैन हरमनदीप सिंह, नगर सुधार ट्रस्ट मोगा के चेयरमैन दीपक अरोड़ा, नगर निगम के मेयर बलजीत सिंह चानी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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इसके अलावा पीएसपीसीएल के साथ काम करने वाली एक कंपनी के कर्मचारी को भ्रष्टाचार के आरोप में मौके पर ही नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। विभाग के 13 अफसरों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। मंत्री ने बताया कि बैठक के दौरान बिलासपुर गांव के एक निवासी ने आरोप लगाया कि बिजली का खंभा लगाने के लिए आरोपी जेई ने निजी कंपनी के कर्मचारी के माध्यम से 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। इस पर कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए मौके पर ही जेई को निलंबित करने और निजी कंपनी के कर्मचारी को नौकरी से बर्खास्त करने का आदेश दिया।
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सरकारी स्कूलों में पढ़ाई और अनुशासन व्यवस्था को बनाए रखने के लिए उन्होंने डिप्टी कमिश्नर विशेष सारंगल से कहा कि वह सभी एसडीएम, जिला शिक्षा अधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से सभी स्कूलों की औचक जांच करवाएं। जहां भी कोई कमी पाए जाए, वहां आवश्यक कार्रवाई की जाए।
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इस दौरान बैठक में विधायक मोगा अमनदीप कौर अरोड़ा, विधायक निहाल सिंह वाला मनजीत सिंह बिलासपुर, विधायक बाघापुराना अमृतपाल सिंह सुखानंद, विधायक धर्मकोट दविंदरजीत सिंह लाडी ढोंस, डिप्टी कमिश्नर विशेष सारंगल, जिला पुलिस प्रमुख डॉक्टर अंकुर गुप्ता, एडिशनल डिप्टी कमिश्नर जगविंदरजीत सिंह ग्रेवाल व चारुमिता, जिला योजना बोर्ड के चेयरमैन हरमनदीप सिंह, नगर सुधार ट्रस्ट मोगा के चेयरमैन दीपक अरोड़ा, नगर निगम के मेयर बलजीत सिंह चानी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।