{"_id":"58c4d7c84f1c1beb37dc3e3f","slug":"punjab-election-results-punjab-assembly-election-2017-aap-arvind-kejriwal","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंजाब विधानसभा चुनाव में हार कर भी जीती 'आप', यूं दर्ज कराई मजबूत उपस्थिति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाब विधानसभा चुनाव में हार कर भी जीती 'आप', यूं दर्ज कराई मजबूत उपस्थिति
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 12 Mar 2017 10:38 AM IST
विज्ञापन
चंडीगढ़ में अरविंद केजरीवाल
पंजाब में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रही आम आदमी पार्टी (आप) ने मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। हालांकि उसका प्रदर्शन पूर्व अनुमान से काफी कम रहा। मगर वह दूसरा बड़ा दल बनकर उभरी है। हालांकि पंजाब में नंबर गेम हार जाने पर आम आदमी पार्टी के मिशन गुजरात को झटका लगा है।
पार्टी पंजाब फतेह करने के बाद गुजरात में जबरदस्त ढंग से एंट्री करना चाहती थी। आप ने पिछले लोकसभा चुनाव में पंजाब से चार सीटें जीत कर इतिहास रचा था। दिल्ली की सत्ता में आने के बाद से पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल की नजरें पंजाब पर थीं।
उन्हें विश्वास था कि देश की राजनीति में तीसरे विकल्प के रूप में उभरने का रास्ता पंजाब से ही होकर जाता है। इसलिए पार्टी ने विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी थी। पार्टी ने मालवा में जबरदस्त प्रभाव बनाया था।
विज्ञापन
पार्टी नेता भी अब मान रहे हैं कि पंजाब व गोवा में हार एक बड़ा झटका है। दूूसरी ओर अपने पहले चुनाव में ही आप ने जो प्रदर्शन किया है उसने पंजाब में उसे तीसरी राजनीतिक ताकत के रूप में खड़ा कर दिया है।
विज्ञापन
पार्टी पंजाब फतेह करने के बाद गुजरात में जबरदस्त ढंग से एंट्री करना चाहती थी। आप ने पिछले लोकसभा चुनाव में पंजाब से चार सीटें जीत कर इतिहास रचा था। दिल्ली की सत्ता में आने के बाद से पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल की नजरें पंजाब पर थीं।
विज्ञापन
उन्हें विश्वास था कि देश की राजनीति में तीसरे विकल्प के रूप में उभरने का रास्ता पंजाब से ही होकर जाता है। इसलिए पार्टी ने विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी थी। पार्टी ने मालवा में जबरदस्त प्रभाव बनाया था।
विज्ञापन
पार्टी नेता भी अब मान रहे हैं कि पंजाब व गोवा में हार एक बड़ा झटका है। दूूसरी ओर अपने पहले चुनाव में ही आप ने जो प्रदर्शन किया है उसने पंजाब में उसे तीसरी राजनीतिक ताकत के रूप में खड़ा कर दिया है।