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कांग्रेस: कैप्टन को झटका, बाजवा को ऑक्सीजन
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 04 Mar 2015 01:19 AM IST
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कांग्रेस हाईकमान ने प्रदेश कांग्रेस प्रधान अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा को हटाने का फैसला फिलहाल टाल दिया है।
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मंगलवार शाम लोकसभा में पार्टी के उपनेता कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात के दौरान पार्टी प्रधान सोनिया गांधी ने यह स्पष्ट कर दिया कि फिलहाल पंजाब में बदलाव का फैसला पेंडिंग है। इससे कैप्टन गुट को तगड़ा झटका लगा है। वहीं, बाजवा को एक बार फिर संजीवनी मिल गई है।
शनिवार देर शाम से ही पंजाब कांग्रेस में सियासी हलचल तेज हो गई थी। जबरदस्त चर्चाएं थीं कि पार्टी पांच अन्य राज्यों के साथ पंजाब में भी बदलाव करने जा रही है। बाजवा को हटा कर लाल सिंह को प्रदेश प्रधान बनाया जा रहा है। रविवार को पांच राज्यों के प्रधान बदल दिए गए, पर पंजाब पर कोई फैसला नहीं हुआ। इसे देखते हुए सोमवार को ही पंजाब की शतरंज की बिसात दिल्ली में बिछ गई थी।
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सभी बड़े नेताओं ने दिल्ली में डेरा डालकर अपने लिए लॉबिंग शुरू कर दी थी। कैप्टन को लाल सिंह पर खास आपत्ति नहीं थी, पर वह सीएलपी लीडर सुनील जाखड़ को प्रधान और लाल सिंह को सीएलपी लीडर बनवाना चाहते थे। कैप्टन की यह भी कोशिश थी कि प्रधानगी के ऐलान के साथ ही उन्हें भी कैंपेन कमेटी का चेयरमैन घोषित कर दिया जाए ताकि वे भावी सीएम के तौर पर काम कर सकें।
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उधर, रजिंदर कौर भट्ठल इस कोशिश में थीं कि अगर जाखड़ प्रधान बनते हैं तो उन्हें सीएलपी लीडर बना दिया जाए जबकि, बाजवा इस कोशिश में थे कि किसी तरह उनका फैसला पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी के छुट्टी से लौटने तक टल जाए। उनके पक्ष में राष्ट्रीय सचिव हरीश चौधरी लगे हुए थे, जो आखिरकार बाजवा को ऑक्सीजन दिलाने में कामयाब रहे। बाजवा गुट को लग रहा था कि अगर लाल सिंह प्रधान बन गए तो वह पूरी तरह से कैप्टन के कहने में चलेंगे। इसलिए इस गुट ने अंबिका सोनी को प्रधान पद के लिए प्रोजेक्ट करने की तैयारी भी कर ली थी। सूत्रों के मुताबिक भट्ठल समेत सभी कैप्टन विरोधी इस मूव में साथ आ गए थे। मकसद यह था कि अंबिका का कद बड़ा है, कैप्टन उन्हें डिक्टेट नहीं कर सकेंगे।
राज्य के दो दलित नेता डॉ. राजकुमार वेरका और चौधरी संतोख भी इस आस में थे कि शायद प्रधानगी उन्हें मिल जाए पर मंगलवार को समीकरण एकदम बदल गए। पहले लाल सिंह ने सोनिया से मुलाकात की। फिर भट्ठल सोनिया से मिलीं। इसी मुलाकात में सोनिया ने उन्हें इशारा दे दिया था कि फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा। शाम करीब साढ़े छह बजे कैप्टन ने सोनिया से मुलाकात की। उन्होंने पंजाब को लेकर अपना पक्ष रखा।
सूत्रों के मुताबिक सोनिया ने उन्हें कह दिया है कि पंजाब में बदलाव का फैसला फिलहाल पेंडिंग रखा गया है। कैप्टन गुट को उम्मीद है कि अप्रैल में होने वाली एआईसीसी की मीटिंग में बदलाव पर फैसला हो सकता है। जबकि, बाजवा गुट को लग रहा है कि उन्हें एक बार फिर जीवनदान मिल गया है।