{"_id":"63df613ef1ad1b565d6c503b","slug":"punjab-congress-president-amarinder-raja-warring-requested-cm-to-consider-early-release-of-navjot-sidhu-2023-02-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने की सिद्धू की रिहाई की अपील, कहा-न्याय के मामले में न हो दलगत राजनीति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने की सिद्धू की रिहाई की अपील, कहा-न्याय के मामले में न हो दलगत राजनीति
Sun, 05 Feb 2023 01:27 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sun, 05 Feb 2023 01:27 PM IST
सार
पिछले साल 20 मई को नवजोत सिद्धू को सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद पटियाला की एक अदालत के सामने आत्मसमर्पण करने के बाद जेल भेजा गया था।
विज्ञापन
पंजाब
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की जल्द रिहाई पर विचार करने का आग्रह किया है। वड़िंग की यह अपील पंजाब की कैबिनेट द्वारा जेलों में सजा काट रहे पांच कैदियों को विशेष छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी देने के एक दिन बाद आई है। हालांकि सरकार द्वारा जारी इस सूची में सिद्धू का नाम नहीं है।
गौर हो कि सिद्धू 1988 में सड़क दुर्घटना में हुई मौत के मामले में पटियाला के केंद्रीय कारागार में एक साल की सजा काट रहे हैं। उधर, वड़िंग ने शनिवार को ट्वीट जारी करते हुए कहा कि- मैं मुख्यमंत्री भगवंत मान से वरिष्ठ कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की जल्द रिहाई पर विचार करने की अपील करता हूं। न्याय के मामलों को दलगत भावना से ऊपर माना जाना चाहिए। गौर हो कि पिछले दिनों कयास लगाए जा रहे थे कि सिद्धू को गणतंत्र दिवस पर विशेष छूट दी जा सकती है, लेकिन उनकी रिहाई नहीं हो सकी। पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रमुख शमशेर सिंह दूलो सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भी पिछले महीने सिद्धू को रिहा न करने के लिए आप सरकार की आलोचना की थी।
पिछले साल 20 मई को नवजोत सिद्धू को सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद पटियाला की एक अदालत के सामने आत्मसमर्पण करने के बाद जेल भेजा गया था। शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि अपर्याप्त सजा देने में कोई भी सहानुभूति न्याय प्रणाली को और अधिक नुकसान पहुंचाएगी और कानून की प्रभावशीलता में जनता के विश्वास को कमजोर करेगी। गौर हो कि पंजाब कैबिनेट ने देश के 75वें स्वतंत्रता दिवस को ''आजादी का अमृत महोत्सव'' के रूप में मनाने के लिए दूसरे चरण में पंजाब की जेलों में बंद कैदियों को विशेष छूट देने के मामले को शुक्रवार को मंजूरी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
गौर हो कि सिद्धू 1988 में सड़क दुर्घटना में हुई मौत के मामले में पटियाला के केंद्रीय कारागार में एक साल की सजा काट रहे हैं। उधर, वड़िंग ने शनिवार को ट्वीट जारी करते हुए कहा कि- मैं मुख्यमंत्री भगवंत मान से वरिष्ठ कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की जल्द रिहाई पर विचार करने की अपील करता हूं। न्याय के मामलों को दलगत भावना से ऊपर माना जाना चाहिए। गौर हो कि पिछले दिनों कयास लगाए जा रहे थे कि सिद्धू को गणतंत्र दिवस पर विशेष छूट दी जा सकती है, लेकिन उनकी रिहाई नहीं हो सकी। पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रमुख शमशेर सिंह दूलो सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भी पिछले महीने सिद्धू को रिहा न करने के लिए आप सरकार की आलोचना की थी।
विज्ञापन
पिछले साल 20 मई को नवजोत सिद्धू को सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद पटियाला की एक अदालत के सामने आत्मसमर्पण करने के बाद जेल भेजा गया था। शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि अपर्याप्त सजा देने में कोई भी सहानुभूति न्याय प्रणाली को और अधिक नुकसान पहुंचाएगी और कानून की प्रभावशीलता में जनता के विश्वास को कमजोर करेगी। गौर हो कि पंजाब कैबिनेट ने देश के 75वें स्वतंत्रता दिवस को ''आजादी का अमृत महोत्सव'' के रूप में मनाने के लिए दूसरे चरण में पंजाब की जेलों में बंद कैदियों को विशेष छूट देने के मामले को शुक्रवार को मंजूरी दी।
विज्ञापन