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गुरदासपुर उपचुनाव: 'आप' के बाद कांग्रेस ने किया उम्मीदवार का ऐलान, जानिए
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 21 Sep 2017 09:19 AM IST
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- फोटो : File Photo
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गुरदासपुर लोक सभा उप-चुनाव केलिए आखिर कांग्रेस ने प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ पर ही भरोसा जताया। पार्टी प्रधान सोनिया गांधी की मंजूरी के बाद बुधवार को पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने इसका औपचारिक एलान कर दिया। जाखड़ 22 सितंबर को नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।
गुरदासपुर में प्रताप बाजवा परिवार को छोड़ कर सभी कांग्रेस विधायकों ने जाखड़ के नाम का प्रस्ताव रखा था। बाजवा अपनी पत्नी चरनजीत कौर बाजवा के लिए टिकट मांग रहे थे। जाखड़ और बाजवा दंपति ने मंगलवार को सोनिया से मिल कर अपना-अपना पक्ष भी रखा था। जाखड़ को सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह का समर्थन हासिल था। पंजाब की इंचार्ज आशा कुमारी भी उनके नाम पर सहमत थीं। इसके चलते उनकी उम्मीदवारी तय मानी जा रही थी। जाखड़ को लड़ाने केपीछे यह भी सोच थी कि अगर गुरदासपुर के किसी भी स्थानीय नेता को उम्मीदवार बनाया जाता तो बाकी नेता मुखालफत करते, जिससे पार्टी का नुकसान होता।
पार्टी को उम्मीद है कि जाखड़ के नाम पर सभी सहमत हो जाएंगे। पार्टी नेतृत्व प्रताप बाजवा को भी इसके लिए राजी कर लेगा। प्रदेश प्रधान होने के कारण जाखड़ केचुनाव में सूबे के तमाम नेता भी जोर लगाएंगे। क्योंकि जाखड़ ने अभी तक प्रदेश कार्यकारिणी का गठन नहीं किया है। इसलिए पद के इच्छुक नेता चुनाव में काम करेंगे। जाखड़ के पक्ष में हिंदू फैक्टर भी है। गुरदासपुर को हिंदू बाहुल्य सीट माना जाता है। यहां पर हिंदुओं की आबादी 46.74 फीसदी और सिखों की जनसंख्या 43.64 प्रतिशत है। अब तक हुए गुरदासपुर लोकसभा के 16 चुनाव में नौ बार हिंदू और सात बार सिख उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। कांग्रेस का रिकार्ड यहां से ज्यादा अच्छा रहा है, अब तक यहां से 11 बार कांग्रेस कैंडिडेट्स ने जीत दर्ज की है। जिनमें पांच बार सांसद रहीं सुखबंस कौर भिंडर भी शामिल हैं।
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गुरदासपुर में प्रताप बाजवा परिवार को छोड़ कर सभी कांग्रेस विधायकों ने जाखड़ के नाम का प्रस्ताव रखा था। बाजवा अपनी पत्नी चरनजीत कौर बाजवा के लिए टिकट मांग रहे थे। जाखड़ और बाजवा दंपति ने मंगलवार को सोनिया से मिल कर अपना-अपना पक्ष भी रखा था। जाखड़ को सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह का समर्थन हासिल था। पंजाब की इंचार्ज आशा कुमारी भी उनके नाम पर सहमत थीं। इसके चलते उनकी उम्मीदवारी तय मानी जा रही थी। जाखड़ को लड़ाने केपीछे यह भी सोच थी कि अगर गुरदासपुर के किसी भी स्थानीय नेता को उम्मीदवार बनाया जाता तो बाकी नेता मुखालफत करते, जिससे पार्टी का नुकसान होता।
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पार्टी को उम्मीद है कि जाखड़ के नाम पर सभी सहमत हो जाएंगे। पार्टी नेतृत्व प्रताप बाजवा को भी इसके लिए राजी कर लेगा। प्रदेश प्रधान होने के कारण जाखड़ केचुनाव में सूबे के तमाम नेता भी जोर लगाएंगे। क्योंकि जाखड़ ने अभी तक प्रदेश कार्यकारिणी का गठन नहीं किया है। इसलिए पद के इच्छुक नेता चुनाव में काम करेंगे। जाखड़ के पक्ष में हिंदू फैक्टर भी है। गुरदासपुर को हिंदू बाहुल्य सीट माना जाता है। यहां पर हिंदुओं की आबादी 46.74 फीसदी और सिखों की जनसंख्या 43.64 प्रतिशत है। अब तक हुए गुरदासपुर लोकसभा के 16 चुनाव में नौ बार हिंदू और सात बार सिख उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। कांग्रेस का रिकार्ड यहां से ज्यादा अच्छा रहा है, अब तक यहां से 11 बार कांग्रेस कैंडिडेट्स ने जीत दर्ज की है। जिनमें पांच बार सांसद रहीं सुखबंस कौर भिंडर भी शामिल हैं।
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1781 पोलिंग स्टेशनों पर होगी वोटिंग
दरअसल, गुरदासपुर लोकसभा उपचुनाव में 15 लाख से अधिक वोटर 11 अक्तूबर को सांसद चुनेंगे। जिला प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक इस बार चुनाव में 15 लाख 17 हजार 436 वोटर अपने मत का प्रयोग करेंगे। गुरदासपुर लोकसभा उपचुनाव के अधीन जिला गुरदासपुर और जिला पठानकोट आते हैं। जिला पठानकोट में तीन विधानसभा हलके जबकि गुरदासपुर के अधीन छह विधानसभा हलके आते हैं। इनमें जिला पठानकोट का विधानसभा हलका सुजानपुर, भोआ और पठानकोट और गुरदासपुर जिले का हलका गुरदासपुर, दीनानगर, कादियां, बटाला, फतेहगढ़ चूड़ियां और डेरा बाबा नानक शामिल है।
इन सभी नौ विधानसभा हलकों के कुल 1517436 वोटर अपने नए सांसद का चुनाव करेंगे। वोटरों में 807921 पुरुष और 709498 महिलाएं हैं। जिला गुरदासपुर में 1038514 और जिला पठानकोट में 478922 वोटर हैं। आंकड़ों के हिसाब से अधिक वोटरों वाला विधानसभा हलका डेरा बाबा नानक है। डेरा बाबा नानक हलके में सबसे अधिक 1 लाख 83 हजार 91 वोटर हैं। डेरा बाबा नानक के बाद गुरदासपुर के ही विधानसबा हलका दीनानगर का नंबर आता है। दीनानगर में 1 लाख 81 हजार 798 वोटर हैं। जिला पठानकोट में भोआ सबसे अधिक वोटरों वाला हलका है। भोआ में 1 लाख 74 हजार 313 वोटर हैं।
1781 पोलिंग स्टेशनों पर होगी वोटिंग
गुरदासपुर उपचुनाव में होने वाली वोटिंग के लिए 1781 पोलिंग स्टेशन बनाये गए हैं। 1257 पोलिंग लोकेशनों में बनाए गए पोलिंग स्टेशनों में 385 शहरी और 1396 ग्रामीण क्षेत्र में हैं। इनमें 457 स्टेशन संवेदनशील और 74 पोलिंग स्टेशन अतिसंवेदनशील दायरे में आते हैं।
इन सभी नौ विधानसभा हलकों के कुल 1517436 वोटर अपने नए सांसद का चुनाव करेंगे। वोटरों में 807921 पुरुष और 709498 महिलाएं हैं। जिला गुरदासपुर में 1038514 और जिला पठानकोट में 478922 वोटर हैं। आंकड़ों के हिसाब से अधिक वोटरों वाला विधानसभा हलका डेरा बाबा नानक है। डेरा बाबा नानक हलके में सबसे अधिक 1 लाख 83 हजार 91 वोटर हैं। डेरा बाबा नानक के बाद गुरदासपुर के ही विधानसबा हलका दीनानगर का नंबर आता है। दीनानगर में 1 लाख 81 हजार 798 वोटर हैं। जिला पठानकोट में भोआ सबसे अधिक वोटरों वाला हलका है। भोआ में 1 लाख 74 हजार 313 वोटर हैं।
1781 पोलिंग स्टेशनों पर होगी वोटिंग
गुरदासपुर उपचुनाव में होने वाली वोटिंग के लिए 1781 पोलिंग स्टेशन बनाये गए हैं। 1257 पोलिंग लोकेशनों में बनाए गए पोलिंग स्टेशनों में 385 शहरी और 1396 ग्रामीण क्षेत्र में हैं। इनमें 457 स्टेशन संवेदनशील और 74 पोलिंग स्टेशन अतिसंवेदनशील दायरे में आते हैं।