चंडीगढ़ को लेकर मुख्यमंत्री बादल की दो टूक
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मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा है कि चंडीगढ़, पंजाब का था और पंजाब का ही हिस्सा रहेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि वे पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ देकर राज्य केसाथ न्याय करें। बादल तरनतारन में चीफ खालसा दीवान की ओर से आयोजित 65 वीं विश्व सिख शैक्षणिक कांफ्रेंस पर पत्रकारों से बात कर रहे थे।
बादल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने हमेशा पंजाब से अन्याय किया। आजादी से लेकर हर अवसरों पर पंजाबियों के योगदान को नजरंदाज किया। आजादी की लड़ाई में शहीद होने वाले 80 प्रतिशत पंजाबी थे। बाद में किसानों ने अन्न भंडार में योगदान दिया।
शिअद ने हमेशा पंजाब के हितों की लड़ाई लड़ी है, भविष्य में भी संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि शिअद-भाजपा का गठजोड़ देश के हित में है। दोनों साझीदारों में कोई मनमुटाव नहीं है। राज्य के विकास, अमन और भाईचारक सांझ के लिए यह गठजोड़ जरूरी है और कायम रहेगा।
कार्यक्रम में 13 लोगों का किया सम्मान
कांफ्रेंस के दौरान सीएम ने कहा कि आज गुणात्मक शिक्षा के प्रसार की जरूरत है। ताकि नौजवान अपने पैरों पर खड़े हो सकें। राज्य सरकार ने बेरोजगारी खत्म करने को स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोले हैं।
बीते वर्षों में दस नए विश्वविद्यालय और 17 कॉलेज खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि 112 वर्ष पुरानी संस्था चीफ खालसा दीवान शिक्षा, धर्म और सामाजिक क्षेत्रों में अहम योगदान देती रही है। सीएम ने 13 शख्सियतों को सम्मानित किया।
जिनमें बाबा इकबाल सिंह बड़ू साहिब वाले, भूपिंदर सिंह, रघुबीर सिंह बैंस, एसपीएस ओबेराय, डॉ. रिक्खी ठुकराल, गुरशरन कौर कांदरा, हरजिंदर कौर, डॉ. जगमोहन सिंह वालिया, डॉ. एनएस मल्ली, डॉ. दलजीत सिंह, सुमित सिंह तुल्ली, डॉ. हरशिंदर कौर, डॉ. जसपाल कौर कंग शामिल हैं। इस मौके शिक्षामंत्री डॉ. दलजीत चीमा, सीपीएस हरमीत संधू, रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा, संस्था के प्रधान चरनजीत सिंह चड्ढा भी मौजूद थे।