सत्र की वैधता पर बवाल: सीएम मान का राज्यपाल को जवाब, इंतजार करें... चारों बिल पास होंगे
राज्यपाल पुरोहित ने सोमवार को मुख्यमंत्री मान को पत्र लिखकर 19-20 जून के विधानसभा सत्र को अवैध करार देने के साथ ही यह भी कहा है कि उन्हें भ्रष्टाचार की कई शिकायतें मिली हैं। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को यह भी याद दिलाया कि राज्यपाल, राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त एक सांविधानिक प्राधिकारी हैं।
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पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने 19 और 20 जून को बुलाए गए राज्य सरकार के दो दिवसीय विधानसभा सत्र को पहले ही पूरी तरह अवैध करार कर चुके हैं। अब मंगलवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पूरे विश्वास के साथ कहा कि विधानसभा सत्र में पारित सभी चार विधेयकों को मंजूरी दे दी जाएगी।
पंजाब विश्वविद्यालय के दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री मान से जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या राज्य सरकार विधेयकों को पारित कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएगी? मान ने कहा कि कुछ समय इंतजार कीजिए, सभी चारों बिल पारित होंगे। विधानसभा सत्र की कानूनी प्रमाणकिता पर राज्यपाल की टिप्पणी को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके (राज्यपाल के) अनुसार तो बजट सत्र भी गैरकानूनी था। सुप्रीम कोर्ट की ओर से कानूनी पहलुओं के बारे में याद करवाने के बाद ही उन्होंने बजट सत्र की मंजूरी दी थी।
गौरतलब है कि राज्यपाल पुरोहित ने सोमवार को मुख्यमंत्री मान को पत्र लिखकर 19-20 जून के विधानसभा सत्र को अवैध करार देने के साथ ही यह भी कहा है कि उन्हें भ्रष्टाचार की कई शिकायतें मिली हैं। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को यह भी याद दिलाया कि राज्यपाल, राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त एक सांविधानिक प्राधिकारी हैं। मुख्यमंत्री को राज्यपाल के इस पत्र के बाद उक्त सत्र में पारित चार विधेयकों का भाग्य अधर में लटक गया है।
इन विधेयकों को मिलनी है राज्यपाल से मंजूरी
मुख्यमंत्री मान ने मंगलवार को एक आधिकारिक बयान में कहा कि विधानसभा सत्र संविधान के अनुरूप था और पूरी तरह से कानूनी था। राज्य सरकार ने उक्त दो दिवसीय सत्र के दौरान, सिख गुरुद्वारा (संशोधन) विधेयक 2023, पंजाब विश्वविद्यालय कानून (संशोधन) विधेयक 2023, पंजाब पुलिस (संशोधन) विधेयक 2023 और पंजाब संबद्ध कॉलेज (सेवा की सुरक्षा) संशोधन विधेयक 2023 पारित किए थे।