भदौड़ से लड़ेंगे चन्नी: सीएम के सहारे बरनाला जीतना चाहती है कांग्रेस, पिछले चुनाव में तीनों सीटों पर मिली थी शिकस्त
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी इस बार दो विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। पार्टी ने उन्हें श्री चमकौर साहिब और बरनाला जिले की भदौड़ सीट से प्रत्याशी बनाया है।
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बरनाला जिले की आरक्षित विधानसभा सीट भदौड़ से मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के चुनाव मैदान में उतरने से यहां के सियासी समीकरण एकदम बदल सकते हैं। अब तक भदौड़ को आम आदमी पार्टी का गढ़ माना जाता है। पिछले विधानसभा चुनाव में बरनाला की तीनों सीटों पर आम आदमी पार्टी ने जीत दर्ज की थी। बरनाला से आम आदमी पार्टी से गुरमीत सिंह मीत हेयर, भदौड़ से पिरमल सिंह धौला, हलका महिलकलां से कुलवंत सिंह पंडोरी आप की टिकट पर जीते थे। तीनों विधानसभा सीटों पर कांग्रेस को भारी हार का सामना करना पड़ा था।
अब भदौड़ सीट से मुख्यमंत्री के चुनाव लड़ने का असर जिले की बाकी सीटों पर पड़ेगा। चन्नी के सहारे कांग्रेस आप के सियासी गढ़ को भेदना चाहती है। सियासी माहिरों के मुताबिक शहर क्षेत्र में हिंदू वोट बैंक में कांग्रेस की खासी पकड़ है। अब भदौड़ सीट से मुख्यमंत्री चन्नी के उतरने की वजह से बाकी सीटों पर अनुसूचित जाति का वोट कांग्रेस की ओर मुड़ सकता है। हालांकि सियासी जानकारों का यह भी कहना है कि यहां वोट बंट भी सकते हैं। दरअसल, अन्य दलों के उम्मीदवारों का प्रभाव भी इन सीटों पर पड़ेगा।
दो सीटों से चुनाव लड़ना आसान नहीं
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को श्री चमकौर साहिब विधानसभा सीट के अलावा भदौड़ से भी उन्हें प्रत्याशी बनाया है। दो विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ना सीएम चन्नी के लिए आसान नहीं होगा। श्री चमकौर साहिब विधानसभा में चन्नी की पत्नी डॉ. कमलजीत कौर और बेटे नवजीत सिंह नवी ने कमान संभाल ली है। चन्नी के दूसरे बेटे रिधम उनका मीडिया का काम देख रहे हैं।
दो जगह पर चुनाव लड़ना इसलिए मुश्किल है, क्योंकि चन्नी के भाई मनोहर सिंह आजाद उम्मीदवार के तौर पर बस्सी पठाना से चुनाव लड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह के दो अन्य भाई मनमोहन सिंह और सुखवंत सिंह श्री चमकौर साहिब विधानसभा हलके से ही कमान संभाले हैं।
भदौड़ विधानसभा सीट से चरणजीत सिंह चन्नी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सहारे चुनाव मैदान में उतरे हैं लेकिन उनके पारिवारिक सदस्य व रिश्तेदार श्री चमकौर साहिब और बस्सी पठाना में चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। अगर चन्नी के भाई मनोहर सिंह अपना नाम वापस नहीं लेते तो उनके परिवार के लिए तीन सीटों पर काम करना आसान नहीं होगा।
मुख्यमंत्री बनने के बाद चरणजीत सिंह चन्नी श्री चमकौर साहिब हलके में बड़े स्तर पर विकास करवाने में कामयाब तो रहे लेकिन इस दौरान सुरक्षा घेरे और राज्य की सियासत संभलाने में व्यस्त होने के करण लोगों से पूरी तरह राबता कायम नहीं रख सके। 111 दिनों में लोगों से बनी दूरी और आशंकाओं के कारण यहां भी मुकाबला सख्त दिखाई दे रहा है।
चन्नी के सामने ये हैं प्रतिद्वंदी
आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. चरणजीत सिंह चन्नी मौजूद समय में मुख्यमंत्री चन्नी को टक्कर दे रहे हैं। अकाली दल व बसपा के प्रत्याशी हरमोहन सिंह संधू का प्रचार अभी धीमा है। भाजपा के प्रत्याशी शिवजोत सिंह भी चमकौर साहिब हलके में काफी समय से लोगों के संपर्क हैं और अब टिकट मिलने के बाद अभियान तेज कर दिया है। ऐसे समीकरणों में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को दो विधानसभा हलको से चुनाव लड़ना आसान नहीं होगा।