मुलाकात: नवविवाहित बेटे-बहू के साथ कैप्टन अमरिंदर सिंह से मिलने पहुंचे सीएम चन्नी, नहीं हुई कोई सियासी बात
चन्नी के साथ उनके माता-पिता, भाई, बड़ा बेटा और नवविवाहित बेटा-बहू थे। चन्नी के बेटे और बहू ने कैप्टन के पांव छूकर उनका आशीर्वाद लिया। कैप्टन भी चन्नी के परिवार से मिलकर प्रसन्न दिखाई दिए। उन्होंने नवविवाहित जोड़े का अपने हाथों से मुंह मीठा कराया।
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एक अप्रत्याशित घटनाक्रम के बीच पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी अपने पूरे परिवार के साथ गुरुवार को सिसवां स्थित पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के आवास पर पहुंचे। मुख्यमंत्री बनने के बाद चन्नी का कैप्टन के आवास का यह पहला दौरा था, वहीं कैप्टन भी चन्नी से उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद गुरुवार को पहली बार मिले। कैप्टन न तो चन्नी की ताजपोशी में पहुंचे थे, न मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण में और न ही चन्नी के बेटे के विवाह में। चन्नी ने जिस दिन मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, कैप्टन ने उसी दिन उन्हें दोपहर के भोजन के लिए अपने फार्म हाउस आमंत्रित किया था। लेकिन चन्नी उस समय वहां नहीं पहुंचे थे।
गुरुवार को पुराने और नए मुख्यमंत्री की मुलाकात को लेकर कोई सियासी अटकलबाजी शुरू होती, इससे पहले ही साफ हो गया कि चन्नी अपने परिजनों के साथ पारिवारिक मिलन के लिए पहुंचे थे। चन्नी के साथ उनके माता-पिता, भाई, बड़ा बेटा और नवविवाहित बेटा-बहू थे। चन्नी के बेटे और बहू ने कैप्टन के पांव छूकर उनका आशीर्वाद लिया। पता चला है कि इस मौके पर कैप्टन भी चन्नी के परिवार से मिलकर प्रसन्न दिखाई दिए। उन्होंने नवविवाहित जोड़े का अपने हाथों से मुंह मीठा कराया।
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दरअसल, कैप्टन ने पिछले दिनों चन्नी को फोन करके उनके बेटे के विवाह की बधाई दी थी और नवविवाहित जोड़े को अपने यहां खाने का न्योता दिया था। यह भी पता चला है कि इस मौके पर किसी तरह की सियासी या शासकीय मामलों के बारे में बातचीत नहीं हुई। हालांकि चन्नी व उनके परिवार के सदस्यों ने कैप्टन से विवाह में न पहुंचने की शिकायत की, जिस पर कैप्टन ने अपनी व्यस्तता का हवाला दिया। इस पर चन्नी और उनके माता-पिता ने कैप्टन को अपने घर आने का न्योता दिया, जिसे कैप्टन ने स्वीकार कर लिया। फार्म हाउस में गुरुवार को चन्नी के पूरे परिवार और कैप्टन का फोटो सेशन भी हुआ, जिसे बाद में मीडिया के लिए रिलीज किया गया। चन्नी और उनका परिवार करीब एक घंटे तक कैप्टन के साथ उनके आवास पर रहे।
सिद्धू हाईकमान के द्वार, चन्नी कैप्टन के घर
सियासी हस्तियों की किसी भी गतिविधि को सियासत से जोड़कर न देखा जाए, ऐसा नहीं हो सकता। चन्नी-कैप्टन पारिवारिक मुलाकात के बारे में भी यही हुआ। चन्नी और नवजोत सिद्धू के बीच जगजाहिर मनमुटाव को देखते हुए माना जा रहा है कि गुरुवार को सिद्धू जहां नई दिल्ली में हाईकमान से मिलने पहुंचे हुए थे, वहीं चंडीगढ़ में चन्नी पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन से मिलने सपरिवार पहुंच गए। इस पारिवारिक मेलजोल को दोनों नेताओं के बीच सियासी मनमुटाव दूर करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। दरअसल कांग्रेस हाईकमान ने कैप्टन को मुख्यमंत्री पद से हटाकर चन्नी को जिम्मेदारी सौंपी है। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि पंजाब की राजनीति में कैप्टन के अनुभव को देखते हुए चन्नी उन्हें पार्टी में बनाए रखने के इच्छुक हैं, ताकि 2022 के चुनाव में जब वह (चन्नी) मुख्यमंत्री के रूप में उतरें तो प्रदेश में कांग्रेस के लिए कोई रुकावट न खड़ी हो, क्योंकि कैप्टन का कांग्रेस से अलग होना राज्य में पार्टी के समीकरणों को बुरी तरह प्रभावित करेगा।