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कैप्टन ने पीएम मोदी को लिखा पत्र- टिड्डी के हमले से काफी नुकसान हुआ, पाक सरकार से करें बात
Wed, 29 Jan 2020 11:36 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 29 Jan 2020 11:36 AM IST
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कैप्टन अमरिंदर सिंह
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राजस्थान से सटे दक्षिणी पंजाब के कुछ हिस्सों में फसलों पर टिड्डी दल के हमले को गंभीरता से लेते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा। जिसमें उन्होंने आग्रह किया कि वे केंद्रीय विदेश मंत्रालय और इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग को तुरंत यह मसला पाकिस्तान की सरकार के साथ उठाने को कहें, क्योंकि टिड्डी दल पाकिस्तान की तरफ से आ रहा है।
प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में, कैप्टन ने कहा कि हाल ही में राजस्थान में फसलों पर टिड्डियों के झुंड का लगातार हमला हुआ है। काफी बड़ी संख्या में यह कीट साथ लगते दक्षिणी पंजाब में भी घुस गए हैं। उन्होंने लिखा- हालांकि राजस्थान ने टिड्डी दल के हमले पर नियंत्रण पाने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं, फिर भी नियंत्रण का सबसे अच्छा तरीका इनके प्रजनन पर अंकुश लगाना है, जो संयोग से पाकिस्तान के निकटवर्ती रेगिस्तानी क्षेत्र में पड़ता है।
मुख्यमंत्री ने, इस प्रकार सीधे पाकिस्तान सरकार के साथ इस मुद्दे को उठाने और इन टिड्डियों के प्रजनन क्षेत्रों को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ), जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टिड्डियों को नियंत्रित करने के लिए अनिवार्य किया गया है, को यह सुनिश्चित करने के लिए पाकिस्तान में प्रभावी कदम उठाने को कहा जा सकता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ये खतरनाक झुंडों में विकसित न हों, जो फसलों के लिए कहर पैदा कर सकते हैं।
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उन्होंने आगे कहा कि टिड्डी दल पर नियंत्रण पाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय टिड्डी नियंत्रण मैकेनिजम बनाया जाना चाहिए, जो आधुनिक तकनीक, हेलिकाप्टरों और ड्रोनों से कीटनाशकों का छिड़काव करते हुए इन कीटों को फैलने पर नियंत्रण बनाए। मुख्यमंत्री ने यह सुझाव भी दिया कि कृषि मंत्रालय को एफएओ के साथ समन्वय स्थापित यह यकीनी बनाना चाहिए कि टिड्डियों के प्रजनन क्षेत्रों को नियंत्रण में रखा जाए। कैप्टन ने चेतावनी दी कि इन कीटों पर नियंत्रण में बरती जाने वाली ढिलाई भारत में कृषि उत्पादन, खासकर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात के लिए गंभीर समस्या खड़ी कर सकती है।
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प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में, कैप्टन ने कहा कि हाल ही में राजस्थान में फसलों पर टिड्डियों के झुंड का लगातार हमला हुआ है। काफी बड़ी संख्या में यह कीट साथ लगते दक्षिणी पंजाब में भी घुस गए हैं। उन्होंने लिखा- हालांकि राजस्थान ने टिड्डी दल के हमले पर नियंत्रण पाने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं, फिर भी नियंत्रण का सबसे अच्छा तरीका इनके प्रजनन पर अंकुश लगाना है, जो संयोग से पाकिस्तान के निकटवर्ती रेगिस्तानी क्षेत्र में पड़ता है।
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मुख्यमंत्री ने, इस प्रकार सीधे पाकिस्तान सरकार के साथ इस मुद्दे को उठाने और इन टिड्डियों के प्रजनन क्षेत्रों को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ), जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टिड्डियों को नियंत्रित करने के लिए अनिवार्य किया गया है, को यह सुनिश्चित करने के लिए पाकिस्तान में प्रभावी कदम उठाने को कहा जा सकता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ये खतरनाक झुंडों में विकसित न हों, जो फसलों के लिए कहर पैदा कर सकते हैं।
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उन्होंने आगे कहा कि टिड्डी दल पर नियंत्रण पाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय टिड्डी नियंत्रण मैकेनिजम बनाया जाना चाहिए, जो आधुनिक तकनीक, हेलिकाप्टरों और ड्रोनों से कीटनाशकों का छिड़काव करते हुए इन कीटों को फैलने पर नियंत्रण बनाए। मुख्यमंत्री ने यह सुझाव भी दिया कि कृषि मंत्रालय को एफएओ के साथ समन्वय स्थापित यह यकीनी बनाना चाहिए कि टिड्डियों के प्रजनन क्षेत्रों को नियंत्रण में रखा जाए। कैप्टन ने चेतावनी दी कि इन कीटों पर नियंत्रण में बरती जाने वाली ढिलाई भारत में कृषि उत्पादन, खासकर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात के लिए गंभीर समस्या खड़ी कर सकती है।