फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab Cm Captain Amarinder Singh says, Lockdown is no cure of Covid 

पंजाब: कैप्टन अमरिंदर ने किया लॉकडाउन की संभावना से इनकार, कहा-यह कोविड का हल नहीं  

Fri, 30 Apr 2021 08:41 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 30 Apr 2021 08:41 PM IST
सार

मुख्यमंत्री ने  पंजाब के सबसे अधिक कोविड प्रभावित छह जिलों के डीसी को माइक्रो कंटेनमेंट रणनीति को पुख्ता करने और 100 प्रतिशत टेस्टिंग यकीनी बनाने के निर्देश दिए। 

विज्ञापन
Punjab Cm Captain Amarinder Singh says, Lockdown is no cure of Covid 
कोविड समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते कैप्टन अमरिंदर सिंह। - फोटो : @capt_amarinder

विस्तार

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने फिलहाल पूर्ण लॉकडाउन की संभावना से इनकार किया है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को पंजाब के सबसे अधिक कोविड प्रभावित छह जिलों के डीसी को माइक्रो कंटेनमेंट रणनीति को पुख्ता करने और 100 प्रतिशत टेस्टिंग यकीनी बनाने के निर्देश दिए। 

विज्ञापन


मुख्यमंत्री शुक्रवार को कोविड की स्थिति की समीक्षा के लिए एक वर्चुअल मीटिंग की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान कैप्टन ने कहा कि लॉकडाउन कोई हल नहीं है, क्योंकि इससे बड़े स्तर पर प्रवासी मजदूर अपने राज्यों की तरफ भीड़ बढ़ा देंगे, जहां मेडिकल सुविधाएं बहुत कम हैं। उन्होंने संबंधित जिला प्रशासनों को निर्देश दिए कि सभी पाबंदियां सख्ती से लागू की जाएं और ज्यादा पॉजिटिव मामलों वाले सभी क्षेत्रों के होटलों में बैठकर खाने पर रोक लगाई जाए। 
विज्ञापन



मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को रेस्टोरेंटों के स्टाफ की कोविड जांच करने के आदेश भी दिए। उन्होंने उद्योग जगत को हल्के लक्षणों वाले कामगारों के इलाज के लिए अपने कोविड इलाज केंद्र स्थापित करने को कहा। साथ ही उन्होंने अस्थायी अस्पताल तैयार करने की अपील करते हुए कोविड के खिलाफ मिलजुल कर जंग लड़ने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को कोविड के खिलाफ जंग में सेवामुक्त डॉक्टरों/नर्सों और एमबीबीएस के आखिरी वर्ष के विद्यार्थियों को ड्यूटी के लिए प्रोत्साहन देने को कहा और सुझाव दिया कि जिम्नेजियम/हॉल में अस्थायी तौर पर स्वास्थ्य संभाल केंद्र स्थापित किए जाएं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

ये हैं छह सबसे प्रभावित जिले 

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के छह सबसे अधिक प्रभावित जिले लुधियाना, एसएएस नगर (मोहाली), जालंधर, बठिंडा, पटियाला और अमृतसर हैं। मोहाली और दो अन्य जिलों में कंटेनमेंट जोनों की संख्या पर चिंता जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने कंटेनमेंट और टेस्टिंग प्रणाली को मजबूत करने के लिए तुरंत कदम उठाने के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने इस बात पर चिंता भी जाहिर की कि राज्य के 14 जिलों में संक्रमण दर 10 प्रतिशत से अधिक है, जबकि पांच जिलों में 60 प्रतिशत से अधिक बेड भरे हुए हैं। मोहाली में 100 बिस्तरों वाले अस्थायी अस्पताल का ढांचा स्थापित किया जा रहा है, जबकि बठिंडा रिफाइनरी के नजदीक 250 बिस्तरों वाला अस्थायी अस्पताल बनाया जा रहा है, जहां रिफाइनरी से ऑक्सीजन की सप्लाई होगी। सरकारी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल पटियाला और अमृतसर में 600 अतिरिक्त बिस्तरों के साथ पंजाब में और 2000 बिस्तरों का प्रबंध किया जा रहा है। 

ठीक हुए मरीजों से ऑक्सीमीटर वापस लेने पर विचार
फतेह किटें खासकर ऑक्सीमीटर की कमी को देखते हुए कैप्टन ने मुख्य सचिव का सुझाव मानते हुए ठीक हो चुके मरीजों से ऑक्सीमीटर वापस लेने की बात कही, जिन्हें अच्छी तरह सैनिटाइज करने के बाद आगे प्रयोग के लिए दिया जाएगा। राज्य सरकार के कोविड विशेष ग्रुप के प्रमुख डॉ. केके तलवार ने कहा कि सभी अस्पतालों को ऑक्सीजन का दुरुपयोग चेक करने के लिए विस्तृत दिशानिर्देश दिए जाएंगे। मुख्य सचिव विनी महाजन ने कहा कि गंभीर स्थिति को देखते हुए पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ को सलाह दी गई है कि सीनेट मतदान फिलहाल न करवाए जाएं। 

पंजाब की संक्रमण दर 12 फीसदी, मोहाली की 22.9 फीसदी

स्वास्थ्य सचिव हुसन लाल ने बताया कि पंजाब में इस समय संक्रमण दर 12 प्रतिशत है, जबकि एसएएस नगर (मोहाली) में सबसे अधिक 22.9 प्रतिशत है। मीटिंग में बताया गया कि अत्यधिक प्रभावित मोहाली जिले में 90 प्रतिशत बेड भरे हुए हैं। डिप्टी कमिश्नर गिरीश दयालन ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर से बड़ी संख्या में मरीज आए हैं। अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर और पुलिस कमिश्नर सुखचैन गिल ने ऑक्सीजन संकट पर चिंता जाहिर की। जिले में चार कंटेनमेंट और 32 माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित किए गए हैं। बठिंडा के डीसी ने कहा कि बठिंडा रिफाइनरी में 25 बिस्तरों की क्षमता वाला अस्पताल बनाया जा रहा है और ऑक्सीजन की सप्लाई रिफाइनरी से होनी है।

लुधियाना के डीसी वरिंदर कुमार ने कहा कि वर्धमान मिल के बंद पड़े ऑक्सीजन यूनिट को फिर चालू कर दिया गया है और एक अन्य को भी कार्यशील किया गया है। जिले में 30 अप्रैल तक संक्रमण दर 16 प्रतिशत पर है। यहां दिल्ली और गुरुग्राम समेत अलग-अलग स्थानों से बड़ी संख्या में मरीज आ रहे हैं। इस समय पर जिले में 2 कंटेनमेंट और 8 माइक्रो कंटेनमेंट जोन हैं। मीटिंग में बताया गया कि पटियाला जिले में ऑक्सीजन के ऑडिट से मांग घटी है और जिले में कंटेनमेंट जोन बढ़ाए गए हैं और ऐसे जोनों में 100 प्रतिशत टेस्टिंग की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed