कोरोना के खिलाफ जंग में राज्य सरकार के साथ विपक्ष, कैप्टन ने किया सुझावों पर ध्यान देने का वादा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोविड-19 संकट से उत्पन्न हालात की गंभीरता का हवाला देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को राज्य की सभी राजनैतिक पार्टियों को भरोसा दिया कि कोविड-19 के विरुद्ध जंग जारी रखते हुए राज्य सरकार बड़े स्तर पर टेस्टिंग समेत सभी कदम उठाएगी। सभी राजनैतिक दलों द्वारा इस मुश्किल की घड़ी में राज्य सरकार का समर्थन करने की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी दलों से अपील की कि वह राजनैतिक विचारधारा से ऊपर उठकर कोविड-19 के खिलाफ जंग में एकजुटता दिखाएं।
उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि सभी दलों के सुझावों पर राज्य सरकार सक्रियता से विचार करेगी। कोविड-19 के मुद्दे पर विचार के लिए मंगलवार को बुलाई सभी राजनैतिक दलों की वीडियो कॉन्फ्रेंस से बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सारा मुल्क मुश्किल समय से गुजर रहा है। पंजाब की स्थिति भी अलग नहीं है। लॉकडाउन से अब तक महामारी का फैलाव रोकने में मदद मिली है। मौजूदा समय में राज्य में इस बीमारी के पीड़ितों की संख्या देश में सबसे कम है।
मीटिंग के दौरान अलग-अलग सुझावों के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने सभी सुझावों पर विशेष ध्यान दिया, खास तौर पर कामगारों से संबंधित सुझावों पर। इन सभी के हल के लिए कदम उठाए जाएंगे। कोरोना के खिलाफ जंग में अग्रणी कर्मचारियों की सुरक्षा का भरोसा देते हुए उन्होंने कहा कि सभी को पीपीई किटें मुहैया कराई जा रही हैं।
एसजीपीसी अस्पताल संबंधी सुखबीर बादल का सुझाव माना
शिअद प्रधान सुखबीर सिंह बादल के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को आदेश दिया कि वह कोरोना की टेस्टिंग को और बढ़ाने के लिए एसजीपीसी द्वारा चलाए जा रहे अस्पतालों में परीक्षण करने की मंजूरी देने पर विचार करे। सहकारी बैंकों के कर्ज तीन महीने के लिए टालने की सुखबीर बादल की मांग पर प्रिंसिपल सेक्रेट्री विश्वजीत खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा ऐसा करने के लिए पहले ही कह दिया गया है।
बठिंडा में चार उद्योगों में काम शुरू
कैप्टन ने बताया कि पंजाब सरकार की अपील को मानते हुए केंद्र सरकार ने उद्योगों में कामकाज शुरू करने को मंजूरी दी है और बठिंडा में चार उद्योगों ने काम शुरू कर दिया है। लुधियाना के उद्योगों ने भी काम शुरू करने की तैयारी कर ली है। कर्फ्यू से निकलने के तरीके सुझाने के लिए बनाई गई टास्क फोर्स 10 दिन में अगली रणनीति संबंधी सिफारिशें देगी।
सभी पार्टियां बोलीं- वे सरकार के साथ
इस मीटिंग के दौरान सभी पार्टियों के नेताओं ने स्पष्ट तौर पर राज्य सरकार की हिमायत की। कोविड-19 संकट और लॉकडाउन के दौरान मुश्किलों से लड़ने के लिए राज्य सरकार द्वारा की जा रही कोशिशों की सराहना करते हुए उन्होंने स्पष्ट तौर पर मुख्यमंत्री से कहा कि वह इस लड़ाई में राज्य सरकार के साथ हैं।
पटियाला कांड में त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा
विभिन्न पार्टियों के नेताओं ने पटियाला कांड के आरोपियों के खिलाफ पुलिस द्वारा तत्काल कार्रवाई करने की सराहना की और उनके खिलाफ तत्काल और सख्त सजा की इच्छा व्यक्त की। भाजपा के अश्वनी शर्मा ने राज्य सरकार के इस मुद्दे से निपटने के तरीके की सराहना करते हुए कहा कि इससे पुलिस बल और इस जंग के अन्य अग्रणियों का मनोबल बढ़ेगा।
राजनीतिक दलों ने बैठक में ये सुझाव रखे
- सभी राजनैतिक दलों के बीच उन सभी संस्थाओं, जिनमें प्राइवेट अस्पताल भी शामिल हैं, पर सख्त एक्शन लेने की जरूरत पर एक राय बनी जो मुश्किल की इस घड़ी में सरकार की मदद नहीं कर रहे। ज्यादातर प्राइवेट अस्पताल और ओपीडी बंद होने के मुद्दे पर कैप्टन ने कहा कि उन्होंने पहले ही चेतावनी जारी कर दी है। ऐसे संस्थानों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
- सभी नेताओं ने सर्वसम्मति से लॉकडाउन के बाद उद्योगों को पुनर्जीवित करने के लिए व्यापक कदम उठाने का आह्वान किया।
- कई नेताओं ने श्री हुजूर साहिब नांदेड़ में फंसे सिख श्रद्धालुओं का मुद्दा उठाया। इस पर मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया कि उन्होंने इस संबंध में केंद्र सरकार से बातचीत की है। जब भी केंद्र सरकार अंतरराज्यीय गतिविधियों की इजाजत देगी, तब इन श्रद्धालुओं को वापस लाया जाएगा।
- सर्वदलीय नेता सभी प्रवासी मजदूरों का मुद्दा हल करने की जरूरत पर एकमत दिखे। उन्होंने मौजूदा स्थिति में जूझ रहे पत्रकारों समेत सभी फ्रंटलाइन वर्करों के लिए बीमे समेत सभी मुलाजिमों के वेतन को बढ़ाने या बोनस देने का सुझाव दिया।
विपक्षी नेताओं ने ये मांगें उठाईं
- सुखबीर बादल ने सुझाव दिया कि कोविड -19 की गतिविधियों से बठिंडा के कैंसर अस्पताल को छूट दी जाए।
- आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भगवंत मान ने प्राइवेट बैंकों के ऋणों के सभी भुगतान और किश्तों को टालने और प्राइवेट कंपनियों के मुलाजिमों की तनख्वाह में कटौती न करने की मांग की। उन्होंने कोवा एप के और प्रचार का भी सुझाव दिया जिसे उन्होंने कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में बहुत सहायक बताया।
- भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा राज्य खाद्य वस्तुओं के वितरण के लिए नीले कार्डों को फिर से बहाल करने के हक में थे। उन्होंने सुझाव दिया कि हर तरह के बिल माफ और स्कूल फीस में माफी या कटौती की जाए क्योंकि मध्यम वर्ग मौजूदा संकट से जूझ रहा है। डेयरी और पोल्ट्री फार्मरों को भी और मदद देने की जरूरत है।
- बसपा के प्रदेश अध्यक्ष जसबीर सिंह गढ़ी ने ठेके पर काम कर रहे सभी स्वास्थ्य एवं सफाई कर्मियों को नियमित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सभी फ्रंटलाइन वर्करों समेत पत्रकारों को को भी बीमा कवर दिया जाए। उन्होंने अपील की कि सरकार पंजाब में फंसे लोगों को उनके घर वापस भेजने का प्रबंध करे। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए स्टेशनरी की दुकानें खोलने की भी मांग की।
- सीपीआई के सचिव बंत बराड़ ने कहा कि केंद्रीय मंत्री और अकाली नेता हरसिमरत कौर बादल अपने रुतबे का प्रयोग करते हुए राज्य के केंद्र के पास लंबित फंड जल्द दिलाने में मदद करें। वे पंजाब को राहत ग्रांट में बड़ा हिस्सा दिलाने का भी प्रयास करें। उन्होंने कहा कि जो अस्पताल मरीजों को दाखिल करने से मना कर रहे हैं, उनको राज्य सरकार अपने हाथ में ले ले।
- राज्यसभा सदस्य सुखदेव सिंह ढींढसा ने मांग की कि राज्य सरकार वेंटीलेटरों की अपेक्षित संख्या सभी अस्पतालों में पहुंचाए। उन्होंने देश-विदेश में फंसे पंजाबियों को लाने के लिए विशेष प्रबंध करने का भी प्रस्ताव रखा।
- सीपीआई (एम) के सुखविंदर सिंह सेखों ने सभी पार्टियों से अपील की कि सभी इकठ्ठे होकर केंद्र से सहायता के लिए प्रयास करें। गुज्जरों से दूध न खरीदने के मुद्दे को उठाते हुए उन्होंने मांग की कि इस तरह का भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।