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किसान आंदोलन पर राजनीति: हरसिमरत के बयान पर कैप्टन का पलटवार, कहा- अकालियों को बोलने का हक नहीं
Thu, 16 Sep 2021 02:19 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 16 Sep 2021 02:19 PM IST
सार
मुख्यमंत्री ने पंजाब में किसान संघर्ष को लेकर किसानों से की गई अपील को हरसिमरत बादल द्वारा गैर-जिम्मेदाराना ठहराए जाने की कड़ी आलोचना की।
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : twitter.com/capt_amarinder
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विस्तार
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि किसी भी अकाली नेता खासकर पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल को कृषि कानूनों के कारण पैदा हुए संकट पर बोलने का नैतिक हक नहीं है। उन्होंने कहा कि अकाली इस संकट को आसानी से टाल सकते थे।
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मुख्यमंत्री ने पंजाब में किसान संघर्ष को लेकर किसानों से की गई अपील को हरसिमरत बादल द्वारा गैर-जिम्मेदाराना ठहराए जाने की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि हरसिमरत बादल की यह बयानबाजी संकट को रोकने में उनकी पार्टी और स्वयं की नाकामी पर पर्दा डालने से अधिक और कुछ नहीं है, जबकि यह कांटे उनके ही बोए हुए हैं।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री द्वारा उन पर भाजपा और प्रधानमंत्री की बोली बोलने के लगाए गए आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि केंद्र और पड़ोसी राज्य हरियाणा में सत्ताधारी पार्टी पर छोड़ दिया होता तो किसान अपनी आवाज सुनाने के लिए दिल्ली की सरहदों तक भी न पहुंचते। उन्होंने कहा कि मैंने कभी किसानों को दिल्ली जाने के लिए नहीं कहा। आपकी गठजोड़ सरकार के विनाशकारी कदमों के निष्कर्ष के तौर पर किसानों को मजबूरन अपने घर छोड़कर राष्ट्रीय राजधानी की सरहद पर बैठना पड़ा, जहां उनको जान भी गंवानी पड़ी।
हरसिमरत द्वारा किसानों को यह सुझाव देना कि उन्हें पंजाब में प्रदर्शन करना चाहिए, मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे साफ हो जाता है कि अकाली विधानसभा चुनाव को देखते हुए किसानों का ध्यान केंद्र से राज्य की तरफ मोड़ना चाहते हैं और इससे वह राज्य और किसानों को होने वाले नुकसान से भी अनजान हैं।