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कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र, दुकानें व उद्योग खोलने की मांगी अनुमति

Tue, 28 Apr 2020 01:36 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 28 Apr 2020 01:36 AM IST
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Punjab CM Capt Amarinder Singh writes letter to Union Home Minister Amit shah
कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने फिर केंद्र सरकार का ध्यान कोविड-19 के संकट के मद्देनजर पंजाब की जरूरतें पूरी करने के लिए लंबित पड़े सभी मामलों की तरफ दिलाया। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखकर अपील की कि वह कंटेनमेंट जोन को छोड़कर सभी क्षेत्रों में छोटी दुकानों, कारोबार और उद्योगों को खोलने की आज्ञा दें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इन्हें खोलने में कोविड रोकथाम संबंधी उपायों का पूरी तरह पालन किया जाएगा।

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सोमवार को प्रधानमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में नौ मुख्यमंत्रियों को बोलने के लिए चुना गया था जबकि पंजाब समेत बाकी राज्यों से कहा गया कि वह केंद्र के पास लंबित मामलों और इनके हल के लिए लिखित रूप में भेज दें। केंद्र के समक्ष पेंडिंग राज्य के विभिन्न मुद्दों में से कैप्टन ने जीएसटी के बकाये का 4386.37 करोड़ रुपये जारी करने और राजस्व घाटे को पूरा करने के लिए राजस्व घाटा अनुदान देने की मांग की।
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सीएम की तरफ से अन्य बकाया मामलों में किसानों को मंडियों में रुककर गेहूं लाने के लिए बोनस और प्रवासी मजदूरों के साथ रोजाना काम कर रहे खेत मजदूरों और उद्योगों के मजदूरों को सीधी वित्तीय सहायता देने की मांग भी की गई।

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कैप्टन ने पत्र में गिनाईं सभी लंबित मांगें

मुख्यमंत्री ने अमित शाह को लिखे पत्र में राज्य से संबंधित उन सभी मांगों का जिक्र किया, जिन्हें वे पहले भी केंद्र सरकार के समक्ष लगातार उठाते रहे हैं। इन मांगों में-

- अगले तीन माह के लिए राजस्व अनुदान को स्थानीय हालत के मुताबिक ख़र्च करने की ढील मिले।
- 15वां वित्त आयोग मौजूदा वर्ष के लिए अपनी रिपोर्ट पर फिर गौर करे क्योंकि कोविड -19 के कारण स्थिति बदल चुकी है। आयोग पांच वर्षीय फंडों के वितरण की सिफ़ारिश साल 2020 की बजाय एक अप्रैल 2021 से करे।
- कोविड के विरुद्ध लड़ाई लड़ रहे पुलिस जवानों और सफ़ाई कामगारों के लिए विशेष जोखिम बीमे का ऐलान हो।

- औद्योगिक और प्रवासी मजदूरों को प्रति माह 6000 रुपए की प्राथमिक आमदन के रूप में सहायता दी जाए, क्योंकि इन लोगों को महामारी के संकट के दौरान अपने रोजग़ार गंवाने पड़े हैं।
- मनरेगा के अंतर्गत तीन महीनों के लिए 15 -15 दिन का बेरोजगारी भत्ता दिया जाए
- छोटे और सीमांत किसानों को मगनरेगा के अंतर्गत 10 दिनों के भत्ते की इजाजत मिले
- शहरी स्थानीय निकाय और पंचायती राज्य संस्थाओं को ग्रामीणों को आपात राहत देने के लिए 15वें वित्त आयोग की ग्रांटें प्रयोग करने की आज्ञा मिले

- सीएसएस के अंतर्गत 25 प्रतिशत फ्लेक्सी फंड बरतने की इजाजत मिले और इसे 50 प्रतिशत तक बढ़ाया जाए।
- सामाजिक कॉर्पोरेट जिम्मेदारी के अंतर्गत फंडों का योगदान मुख्यमंत्री राहत फंडों में डालने की इजाजत मिले
- 729 करोड़ की लागत से सेहत का बुनियादी ढांचा तुरंत अपग्रेड करने और न्यू चंडीगढ़ में एडवांस्ड सेंटर ऑफ वॉयरोलॉजी स्थापित करने की आज्ञा देने की मांग
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