जहरीली शराब से मरने वालों के परिजनों से मिले कैप्टन, पांच लाख की सहायता और नौकरी की घोषणा
- चार माह बाद सीएम का पहला दौरा, बोले- आरोपी किसी भी पार्टी के हो, बख्शे नहीं जाएंगे
- सहायता राशि दो लाख से पांच लाख की, रोशनी खोने वालों को भी पांच लाख की मदद
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पंजाब के तीन जिलों में जहरीली शराब पीने से 121 लोगों की मौत के बाद प्रभावित परिवारों के जख्मों पर मरहम लगाने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह शुक्रवार को तरनतारन पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों के लिए पहले से घोषित सहायता राशि दो लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी है।
इस त्रासदी में जिन लोगों की आंखों की रोशनी गई या कम हो गई, उन्हें भी पांच लाख की मदद दी जाएगी। उन्हें ट्राईसाइकिल भी दी जाएगी। इसके अलावा सभी पीड़ितों के परिवारों के एक-एक सदस्य को नौकरी देने का वादा भी किया। हालांकि नौकरी सरकारी होगी या निजी क्षेत्र की, मुख्यमंत्री ने इस पर कुछ स्पष्ट नहीं किया। प्रभावित परिवारों को बीमा योजना का लाभ भी दिया जाएगा। इन परिवारों के कच्चे घरों को पक्का किया जाएगा।
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लगभग चार माह बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह पहली बार चंडीगढ़ से बाहर निकले। तरनतारन में प्रभावित परिवारों को संबोधित करते हुए कैप्टन ने फिर दोहराया कि ये मौतें महज हादसा नहीं, बल्कि जानबूझकर कत्ल किया गया है। आरोपी चाहे जो भी हों, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। जिन राजनीतिक पार्टियों के लोगों या विधायकों पर इस मामले में आरोप लग रहे हैं, उनके खिलाफ जांच करवाई जाएगी। नशे के काले धंधे में शामिल लोगों की संपत्ति कुर्क की जाएंगी।
उन्होंने पीड़ितों को इंसाफ दिलाने के लिए डीजीपी दिनकर गुप्ता को तेजी से जांच पूरी करने के आदेश दिए। आरोपियों को सजा दिलाने के लिए अदालतों में जोरदार तरीके से पैरवी करने के लिए विशेष वकीलों की नियुक्ति की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस घटना पर राजनीति न करने का आग्रह भी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 92 पीड़ित परिवारों को सहायता राशि देने के लिए जिले के डीसी को दो करोड़ 92 लाख की राशि के चेक सौंपे। गौरतलब है कि इस हादसे में तरनतारन में 92, अमृतसर में 15 और गुरदासपुर में 14 लोग मारे गए।
मास्क पहने होने के कारण कैप्टन तक नहीं पहुंच रही थी प्रभावित परिवारों की आवाज
मुख्यमंत्री प्रभावित परिवारों के बीच 40 मिनट तक रहे। उन्होंने सुरक्षा के घेरे में खड़े प्रभावित परिवारों से दूर से ही बात की। इन लोगों को लोहे के बैरिकेड के पीछे कोरोना वायरस के बचाव के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार बिठाया गया था। प्रभावित परिवार और कैप्टन के बीच पांच फुट की दूरी थी। मास्क पहने होने के कारण जब इन लोगों की आवाज कैप्टन तक नहीं पहुंची तो उपस्थित अधिकारियों ने उन्हें ऊंचा बोलने को कहा। कैप्टन ने एक महिला से जानकारी हासिल की। बाद में कैप्टन मंच पर जाकर बैठ गए, जहां उनके सुरक्षा अधिकारी खुशी राम ने उनके हाथ सैनिटाइज करवाए।
इंसाफ दिलाने में कोई कसर नहीं छोडे़ंगे: जाखड़
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने प्रभावित परिवारों को विश्वास दिलाया कि मुख्यमंत्री उनको इंसाफ दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। अकाली-भाजपा के दस वर्ष के शासन काल में नशे के सौदागरों को राजनीतिक शरण दी गई, तभी इतना बड़ा कांड हुआ। यह आपराधिक लापरवाही का मामला है। आरोपियों को कड़ी सजा दिलवाने के लिए सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। सांसद जसबीर सिंह डिंपा ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रभावित परिवारों के दुख साझा करने के लिए पहुंचे हैं।