Punjab: धान खरीद को लेकर सीएम भगवंत मान के सख्त आदेश... न किसान मंडियों में रात काटेगा न उसकी फसल
डीसी के साथ सीएम की बैठक में कुछ अहम फैसले लिए गए हैं। पंजाब में अब धान की खरीद के साथ ही लिफ्टिंग को भी यकीनी बनाया जाएगा। डीसी को रोजाना 7 से 8 मंडियों में जाकर खरीद का जायजा लेना होगा। त्योहारों से पहले फसल की खरीद पूरी होगी।
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक ओर जहां सभी जिला उपायुक्तों (डीसी) को अपने-अपने जिलों की मंडियों में धान की निर्विघ्न खरीद कराने और फसल की तुरंत लिफ्टिंग यकीनी बनाने का आदेश दिया तो वहीं पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अगले 15 दिनों तक अपने इलाकों में कड़ी निगरानी रखने की हिदायत की है।
पंजाब भवन में शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने सभी डीसी की बैठक बुलाई। इसमें राज्य में धान की खरीद और लिफ्टिंग की प्रगति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने एक स्लोगन 'न किसान रात काटे, न उसकी फसल' के आधार पर काम करने की हिदायत देते हुए स्पष्ट तौर पर कहा कि किसानों की उपज को जल्दी से जल्दी खरीदा जाए और इसकी लिफ्टिंग भी तुरंत की जाए।
उन्होंने कहा कि किसानों को मंडियों में फसल लेकर पहुंचने के बाद रात-रात भर रुकना न पड़े और उनकी फसल तुरंत खरीदने के साथ ही फसल की लिफ्टिंग भी करा दी जाए। भगवंत मान ने सभी डीसी से जमीनी स्तर पर सभी कामों का जायजा लेने के लिए हर रोज 7-8 मंडियों का दौरा करने को भी कहा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह मंडियों में धान की आमद, खरीद और अदायगी की दैनिक रिपोर्ट निजी तौर पर उन्हें भेजें।
1854 खरीद केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के इतिहास में पहली बार लिफ्टिंग पहले दिन से ही शुरू हुई है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि समूची प्रक्रिया के डिजीटाइजेशन के साथ खरीद, लिफ्टिंग और अदायगी एक ही दिन की जाएगी। उन्होंने डिप्टी कमिशनरों से कहा कि किसानों को समय पर अदायगी के निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन किया जाए।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब मंडी बोर्ड की ओर से 1854 खरीद केंद्र नोटिफाई करके सरकारी खरीद एजेंसियों को अलॉट किए गए हैं। मंडियों में अनाज लाने वाले किसानों के हितों की रक्षा के लिए बायोमीट्रिक की तकनीक शुरू की गई है और अनाज की लिफ्टिंग में पारदर्शिता लाने के लिए वाहनों को ऑनलाइन गेट पास जारी किए जा रहे हैं।
पराली जलाने के नुकसान के बारे में किसानों को जागरूक करें
मुख्यमंत्री ने हिदायत दी कि पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में किसानों को जागरूक किया जाए। उन्होंने डिप्टी कमिशनरों से कहा कि अगले 15 दिन तक अपने इलाकों में पराली जलाने की घटनाओं की रोकथाम के लिए कड़ी निगरानी करें। उन्होंने कहा कि किसानों को पराली जलाने से रोका जाए और उन्हें इससे पर्यावरण और मानवीय जीवन को पैदा होते गंभीर खतरे के प्रति आगाह किया जाए। मान ने कहा कि पराली के निपटारे के लिए बीते साल के मुकाबले 23000 अधिक खेती मशीनें दीं गई हैं।
बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा बांटने का काम जारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने बाढ़ से प्रभावित लोगों को मुआवजा बांटने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है। मान ने कहा कि लोगों को उनके नुकसान के एक-एक पैसे का मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बाढ़ से हुए नुकसान का मुआवजा देने के लिए राज्य के आपदा राहत फंड में उपयुक्त फंड है।