पंजाब बजट सत्र: सीएम भगवंत मान बोले- बजट प्रगतिशील, खुशहाल व रंगले पंजाब का निर्माण करेगा
सीएम भगवंत मान ने कहा कि विरोधी पक्ष के नेता बेरोजगारों का एक नया रूप हैं। उन्हें लोगों ने उनकी कारगुजारी के कारण सत्ता से बाहर कर दिया है। ये नेता हमेशा सत्ता पर अपना बुनियादी हक समझते रहे हैं। इस कारण उनको यह हजम नहीं हो रहा कि एक आम आदमी राज्य के प्रशासन को सही ढंग चला रहा है।
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को वर्ष 2024- 25 के बजट पर बहस में हिस्सा लेते हुए कहा कि यह बजट केवल एक पुस्तिका नहीं, बल्कि एक पवित्र दस्तावेज है, जो एक प्रगतिशील, खुशहाल और रंगीले पंजाब के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा। यह पंजाब सरकार की लोगों की भलाई और विकास के प्रति वचनबद्धता को दर्शाता है। किसी भी पार्टी के चुनाव घोषणा पत्र को कानूनी दस्तावेज बनाया जाना चाहिए ताकि राजनीतिक पार्टियां आम लोगों के साथ धोखा न कर सकें।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को सदन में पेश बजट को राज्य का अब तक का सबसे बढ़िया बजट बताते हुए विपक्ष के आरोपों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नौजवानों के सशक्तीकरण के लिए अलग-अलग विभागों में 40,437 नौकरियां दीं हैं और गुरुवार को संगरूर में एक समागम के दौरान और 2487 नौजवानों को सरकारी नौकरियां दीं जाएंगी।
नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा द्वारा इस विषय पर उठाए सवाल पर मान ने कहा कि विरोधी पक्ष इस मुद्दे पर अनावश्यक शोर मचा रहा है क्योंकि उन्होंने कभी नौजवानों को सरकारी नौकरियां नहीं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है और उनकी भलाई के लिए बड़े स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
पहली बार शिक्षा क्षेत्र के लिए बजट में बड़ी रकम आरक्षित की गई है। वह लोगों को मुफ्त बिजली, मुफ्त शिक्षा, मुफ्त सेहत सेवाएं देना अच्छी तरह जानते हैं लेकिन विरोधी पक्ष को सिर्फ बुनियादी मुद्दों से भागने की कला में महारत हासिल है। राज्य सरकार के अथक यत्नों के कारण आबकारी और जीएसटी में भारी विस्तार हुआ है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सेहतमंद लोकतंत्र में चुने हुए नुमांइदों के सुझावों और विचारों का हमेशा स्वागत किया जाता है, लेकिन सिर्फ मीडिया का ध्यान खींचने के लिए अनावश्यक आलोचना करना दुर्भाग्यपूर्ण है। संकल्प पत्रों या चुनाव घोषणा पत्रों के बजाय अब राजनैतिक पार्टियां लोगों को भलाई की गारंटियां दे रही हैं। वह हमेशा इसके पक्षधर रहे हैं कि चुनाव घोषणा पत्र को कानूनी दस्तावेज बनाया जाए।
लोगों को बार-बार ‘अच्छे दिन’ या ‘मैं चौकीदार हूं’ बताकर गुमराह किया गया है और अब मेरे परिजन (परिवार) कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसी तरह केंद्र में सत्ता में बैठी पार्टी के हक में दल बदल रोधी कानून का दुरुपयोग किया गया है। घोषणा पत्र के बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गारंटी दे कर अरविंद केजरीवाल के विजन की नकल की है।
विरोधी पक्ष के नेता बेरोजगारों का नया रूपः मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि विरोधी पक्ष के नेता बेरोजगारों का एक नया रूप हैं, जिन्हें लोगों ने उनकी कारगुजारी के कारण सत्ता से बाहर कर दिया है। ये नेता हमेशा सत्ता पर अपना बुनियादी हक समझते रहे हैं, जिस कारण उनको यह हजम नहीं हो रहा कि एक आम आदमी राज्य के प्रशासन को सही ढंग चला रहा है। इन नेताओं ने लंबे समय तक लोगों को मूर्ख बनाया है लेकिन अब लोग इनके भ्रामक प्रचार से अच्छी तरह अवगत हैं। इस बजट की तरह अगला बजट और भी शानदार होगा क्योंकि उसमें कोई भी टैक्स नहीं लगाया जाएगा बल्कि लोगों को अधिक से अधिक सुविधाएं दी जाएंगी।