ADGP Suicide: पूरन कुमार के परिवार से मिले CM मान; बोले-यह घटना सिस्टम पर तमाचा, पिछड़े वर्ग को दबाने की कोशिश
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार के आवास पर पहुंचकर उनकी पत्नी आईएएस अधिकारी अमनीत पी. कुमार और उनके परिवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने निष्पक्ष जांच और त्वरित न्याय की मांग की।
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान चंडीगढ़ के सेक्टर 24 स्थित हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार के आवास पर पहुंचे। कुमार की पत्नी आईएएस अधिकारी अमनीत पी. कुमार और उनके परिवार से मिलने के बाद मान ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने परिवार को ढांढस बांधा और मामले में निष्पक्ष जांच और त्वरित न्याय की मांग की।
#WATCH | Chandigarh: Punjab CM Bhagwant Mann arrives at Haryana IPS officer Y Puran Kumar’s residence to meet his family. pic.twitter.com/gDquVteiflविज्ञापन— ANI (@ANI) October 11, 2025
यह घटना सिस्टम पर तमाचा है- सीएम भगवंत मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान शनिवार को दिवंगत आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार के परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने इस घटना को बेहद दुखद और सिस्टम पर एक तमाचा बताया। मान ने कहा कि परिवार ने अपने बेटे को पढ़ा-लिखा कर इस मुकाम तक पहुंचाया था, लेकिन भेदभाव के कारण उसे इतना बड़ा कदम उठाना पड़ा, यह बेहद दर्दनाक है।
#WATCH | Chandigarh: After meeting the family of IPS officer Y Puran Kumar, Punjab CM Bhagwant Mann says, "...The family is demanding justice...I request the Chief Minister of Haryana and the Central Government to stand with this family. You can't disregard the law to protect one… pic.twitter.com/2NQfIBaCa6
मुख्यमंत्री ने कहा, जो लोग दूसरों को न्याय दिलाते हैं, आज उन्हें ही अपने लिए न्याय का इंतजार करना पड़ रहा है। भारत विविधता का गुलदस्ता है, लेकिन यह घटना हमारे सिस्टम की सच्चाई उजागर करती है। मान ने कहा, जब देश के चीफ जस्टिस तक को ट्रोल किया जाता है, तो सोचिए बाकी लोगों के साथ क्या होता होगा। हमारे जैसे नेता, जो नीचे से ऊपर आए हैं, उनके साथ भी भेदभाव होता है।
उन्होंने बताया कि दिवंगत अधिकारी की पत्नी ने केवल इंसाफ की मांग की है। उन्होंने मुझसे कहा कि मैंने अगले ही दिन पोस्टमार्टम के लिए कहा था, एफआईआर और गिरफ्तारी कर लो, लेकिन अब तक न्याय नहीं मिलाl मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह परिवार के साथ खड़ी रहे। किसी अधिकारी को बचाने के लिए कोई विशेष काम नहीं, सिर्फ न्याय चाहिए।
साथ ही मान ने पंजाब के राज्यपाल से आग्रह किया कि अधिकारियों और परिवार को बैठाकर बातचीत कराई जाए ताकि उनकी भावनाओं की कद्र हो सके। अंत में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, अब तो यह साफ हो गया है कि पिछड़े वर्ग को दबाने की कोशिश की जा रही है। यह सिर्फ एक दुखद घटना नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम के लिए चेतावनी है।