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Punjab News: मजीठिया परिवार पर बरसे CM भगवंत मान, सुनाई घोड़ा चोरी की कहानी, अंग्रेजों का पिट्ठू बताया

Fri, 01 Dec 2023 09:30 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 01 Dec 2023 09:30 PM IST
सार

सीएम भगवंत मान ने कहा कि मजीठिया खानदान ने 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग हत्याकांड के अगले दिन हत्याकांड के दोषी जनरल डायर को खाना परोसा। इससे इनकी घटिया सोच का पता लगता है। यहीं बस नहीं किया, जनरल डायर को सिरोपा भी दिलाया गया और माफी भी दिलाई गई।

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Punjab CM Bhagwant Mann made a big revelation on the ancestors of Bikram Singh Majithia
पंजाब के सीएम भगवंत मान। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के पूर्वजों के पंजाब और सिख विरोधी किरदार का खुलासा करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को कहा कि बिक्रम मजीठिया के पूर्वजों की लालसा और व्यक्तिवाद ने सिखों के माथे पर 'घोड़ा चोर' का कलंक लगाया है। इस कारण यह माफी के भी लायक नहीं हैं।

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सेक्टर-35 स्थित म्युनिसिपल भवन में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 1957 में भारत में मतदान हुआ तो उस मौके पर जवाहर लाल नेहरू प्रधानमंत्री बने। उनके नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल अरब मुल्कों के दौरे पर गया था। इस प्रतिनिधिमंडल में बिक्रम सिंह मजीठिया के पूर्वजों में तत्कालीन उप-रक्षा मंत्री सुरजीत सिंह मजीठिया भी शामिल थे। 
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उन्होंने कहा कि अरब मुल्क के एक राजा ने भारतीय फौज के लिए यादगार के तौर पर अरबी नस्ल के शानदार घोड़े तोहफे में दिए। यह घोड़े प्रशिक्षण के लिए फौज के प्रशिक्षण केंद्र मेरठ भेजे जाने थे। जहां फौज में शामिल जानवरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। दो महीने बाद अरबी राजा ने घोड़ों की हालत के बारे में पता किया तो पता लगा कि वह घोड़े मेरठ पहुंचे ही नहीं। इसके बाद राजा ने प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के पास नाराजगी जाहिर की।

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मुख्यमंत्री ने बताया कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को लेकर नेहरू ने तुरंत सुरजीत सिंह मजीठिया का इस्तीफा ले लिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'इस घटना ने सिखों के सच्चे किरदार पर सवाल खड़े किए। यह दुख की बात है कि आज भी जब कोई दस्तारधारी सिख मेरठ के प्रशिक्षण केंद्र में जाता है तो उसे घोड़ा चोर की नजर से देखा जाता है।' मान ने कहा कि ब्रिटिश हुकूमत का पानी भरने वाले मजीठिया खानदान को अंग्रेजों ने सर की उपाधि से नवाजा था और यह उपाधि अंग्रेज अपने पिट्ठुओं को देते थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मजीठिया खानदान ने 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग हत्याकांड के अगले दिन हत्याकांड के दोषी जनरल डायर को खाना परोसा। इससे इनकी घटिया सोच का पता लगता है। यहीं बस नहीं किया, जनरल डायर को सिरोपा भी दिलाया गया और माफी भी दिलाई गई। मान ने कहा कि यह और भी हैरानी की बात है कि सिरोपा देने वाले जत्थेदार अरूड़ सिंह लोकसभा सांसद सिमरजीत सिंह मान के नाना थे। मान ने कहा कि 'इतिहास कभी मिटाया नहीं जा सकता, मजीठिया के पूर्वजों के किरदार इतिहास के पन्नों में दर्ज हैं।'

शिअद का बेड़ा डूब चुका है: मान

शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की दयनीय स्थिति का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पार्टी का बेड़ा अब डूब चुका है और हालत यह बनी हुई है कि सुखबीर सिंह बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया और हरसिमरत बादल के सुर भी आपस में नहीं मिलते।

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