Punjab Flood: मकान गिरने पर 1.25 लाख, पशु शेड पर मिलेगा एक लाख मुआवजा, हर गांव-घर की होगी विशेष गिरदावरी
पंजाब में भारी बारिश और बाढ़ के कारण कई जिलों में लगभग 2.40 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की फसल बर्बाद होने की आशंका है। यह अनुमान कृषि विभाग के एक सीनियर अधिकारी ने लगाया है।
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को फिरोजपुर और जालंधर जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रभावित लोगों को हुए नुकसान का पूरा मुआवजा देगी। इसके लिए हर गांव और हर घर की विशेष गिरदावरी कराई जाएगी।
ग्रामीण मजदूरों को भी 10 फीसदी मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग किसानों की हरसंभव मदद कर रहा है। फसलों के नुकसान का जल्द जायजा लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के कारण मकान ढहने के मामले में सरकार पीड़ितों को 1.25 लाख रुपये और पशुओं के शेड गिरने से हुए नुकसान पर एक लाख रुपये का मुआवजा देगी।
मुख्यमंत्री बाढ़ से घिरे कई गांवों में पैदल पानी में से होकर गए और लोगों के मुलाकात की। उन्होंने कुछ घरों में जाकर भी लोगों के साथ बैठकर बातचीत की। इसके बाद वह सेना की नाव में बैठकर बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों और गांवों का जायजा लेने निकले। मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री भी वितरित की।
सीएम की बोट का संतुलन बिगड़ा, पलटते-पलटते बची
मुख्यमंत्री भगवंत मान जालंधर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र शाहकोट के गिद्दड़पिंडी (लोहियां) पहुंचे। इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल, लोकसभा सांसद सुशील रिंकू और स्थानीय निकाय मंत्री बलकार सिंह भी थे। सीएम मान जब किश्ती से जायजा लेने जा रहे थे तो दो बार संलुलन बिगड़ने से बोट पलटने से बची। किश्ती में सीएम सिक्योरिटी के अलावा अधिकारी भी थे, जिस कारण वजन अधिक हो गया था। बोट ने दो बार हिचकोले खाए और धुआं भी निकलने लगा। सीएम मान ने लाइफ सेविंग जैकेट भी नहीं पहन रखी थी। तत्काल जैकेट पहन ली।
दोबारा बुवाई के लिए किसानों को मुफ्त देंगे धान की पनीरीः मान
भगवंत मान ने कहा है कि पानी के तेज बहाव के कारण कई स्थानों पर खेतों में धान की फसल तबाह हो गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जल्दी ही किसानों को अधिक उपज देने वाली धान की किस्मों की पनीरी मुफ्त मुहैया करवाएगी। मान ने कहा कि उन्होंने पहले ही कृषि यूनिवर्सिटी, पनसीड, कृषि विभाग और अन्यों को पनीरी तैयार करने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पनीरी अगले 4-5 दिनों में तैयार हो जाएगी। इसके बाद यह किसानों को मुफ्त बांटी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य के करीब 15 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। जहां जरूरत पड़ने पर यह पनीरी अन्नदाताओं को दी जाएगी। मान ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में राज्य सरकार राज्य के किसानों के साथ खड़ी है। उन्होंने डीसी को गिरदावरी कराने का निर्देश भी दिया है।

बाढ़ से 2.40 लाख हेक्टेयर धान की फसल बर्बाद
पंजाब में भारी बारिश और बाढ़ के कारण कई जिलों में लगभग 2.40 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की फसल बर्बाद होने की आशंका है। यह अनुमान कृषि विभाग के एक सीनियर अधिकारी ने लगाया है। शुक्रवार को कृषि विभाग के अधिकारी ने कहा कि बारिश के कारण 2.40 लाख हेक्टेयर धान का रकबा प्रभावित हुआ है। इसमें 83,000 हेक्टेयर से अधिक में फसल दोबारा बोना पड़ेगा। पटियाला, संगरूर, मोहाली, लुधियाना, जालंधर और फतेहगढ़ साहिब जिले में धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है। कृषि अधिकारी ने कहा कि किसानों को धान की पीआर-126 किस्म और बासमती बोने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
कुछ जगह धीरे-धीरे उतर रहा पानी
कुछ जिलों में धीरे-धीरे बाढ़ का पानी उतरने लगा है। पठानकोट, मोहाली और लुधियाना में लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, अभी जालंधर जिले के शाहकोट व लोहियां व फिरोजपुर व फाजिल्का जिलों में हालात चिंताजनक बने हैं। यहां राहत व बचाव कार्य जारी है।
पीआरटीसी बस के कंडक्टर का शव भी मिला
चंडीगढ़ से मनाली जाते हुए लापता हुई पीआरटीसी बस के कंडक्टर जगसीर सिंह का शव कुल्लू से बरामद हुआ है। वहीं, पीआरटीसी के चंडीगढ़ डिपो में मुलाजिमों ने कामकाज बंद कर दिया है। उन्होंने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि अगर जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिवार को नौकरी व मुआवजा नहीं दिया गया तो वह अन्य डिपो भी काम बंद कर देंगे।
अब तक 19,000 लोगों को सुरक्षित निकाला
पंजाब के विभिन्न बाढ़ प्रभावित जिलों में अब तक 19,000 से अधिक लोगों को जलमग्न इलाकों से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया जा चुका है। पंजाब में 14 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है।