कैप्टन ने दी सौगात : पंजाब में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा का आगाज, 25 नए बस अड्डे भी बनेंगे
- 31 अगस्त तक बसों में लगेंगे जीपीएस, पैनिक बटन
- मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने की वर्चुअल शुरुआत
- राज्य में 25 नए बस अड्डे बनाने का भी एलान
- निजी बस आपरेटरों से भी दरें घटाने की अपील
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब में चलने वाली सभी सरकारी बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा सुविधा की गुरुवार को सीएम आवास से वर्चुअल शुरुआत की। उन्होंने कहा कि 31 अगस्त तक राज्य में सभी सरकारी और निजी बसों में जीपीएस सिस्टम और पैनिक बटन लगाने की प्रक्रिया पूरी हो जाएंगी। पंजाब में 25 और बस अड्डे भी बनेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव घोषणापत्र में हमने महिलाओं के लिए टिकट दरों में 50 प्रतिशत कटौती का वादा किया था लेकिन हम इससे भी एक कदम आगे बढ़े। इस योजना से राज्य की 1.31 करोड़ महिलाओं को फायदा होगा। वे सिर्फ आधार कार्ड, वोटर कार्ड या कोई भी मान्य पहचान पत्र दिखाकर राज्य के अंदर चलने वाली सभी बिना एसी बसों में मुफ्त सफर कर सकती हैं।
उन्होंने निजी बस ऑपरेटरों से भी किराया घटाने की अपील की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए वचनबद्ध है। परिवहन विभाग वाहनों की ट्रैकिंग के लिए सभी सरकारी और निजी बसों में जीपीएस सिस्टम लगाने जा रहा है। इसके अलावा आपात हालत के लिए पैनिक बटन होगा। सरकारी बसों में यह प्रक्रिया मुकम्मल होने के नजदीक है और निजी ऑपरेटरों को 31 अगस्त तक पूरा करने के लिए कहा गया है।
महिलाओं ने जताई खुशी
इस वर्चुअल आगाज समारोह में 1036 स्थानों पर 30000 लोग जुड़े थे। अपनी दवाएं लेने के लिए बाघापुराना से जालंधर जा रहीं सुरिंदर कौर ने कहा कि आज सुबह उसे बस में बैठते ही इस स्कीम का पता चला। उसे बहुत खुशी हुई। यह स्कीम गरीब परिवारों की महिलाओं के लिए मददगार होगी। नैना नामक महिला ने कहा कि वह अब अपने परिवार और रिश्तेदारों से बिना कुछ खर्च किए मिल सकेगी।
चंडीगढ़ जाने वाली पंजाब की सरकारी बसों में मिलेगी सुविधा
सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री अरुणा चौधरी ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार की तरफ से महिलाओं के लिए शुरू की गई मुफ्त बस सफर की सुविधा पंजाब से चंडीगढ़ आने वाली और चंडीगढ़ से पंजाब जाने वाली पीआरटीसी और पंजाब रोडवेज की बसों में भी लागू होगी।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इस स्कीम के संबंध में महिलाएं अपनी शिकायत महिला एवं बाल विकास विभाग के ब्लाक स्तरीय अधिकारी या उससे ऊपर के अधिकारी के पास दर्ज करवा सकती हैं। इन अधिकारियों को सार्वजनिक शिकायत अथॉरिटी घोषित किया गया है। इसके अलावा महिलाएं अपनी शिकायत महिला हेल्पलाइन 181 पर भी दर्ज करवा सकती हैं।