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Chandigarh News: पंजाब में केमिकल ड्रग्स के किंगपिन अक्षय छाबड़ा व जसपाल सिंह को एनसीबी ने डिब्रूगढ़ जेल भेजा
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फोटो
-एनसीबी की गिरफ्त में होने के बावजूद जेल से इंटरनेशनल ड्रग्स रैकेट को कर रहे थे ऑपरेट
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब में केमिकल ड्रग्स के किंगपिन अक्षय छाबड़ा और जसपाल सिंह पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने बड़ी कार्रवाई की है। एनसीबी ने दोनों आरोपियों को अब असम की डिब्रूगढ़ जेल में भेज दिया है। एनसीबी की हिरासत में रहते हुए यह इनपुट मिले थे कि अक्षय छाबड़ा और जसपाल सिंह यहां से भी इंटरनेशनल ड्रग्स रैकेट को ऑपरेट कर रहे थे। यहां तक कि अक्षय और जसपाल ने जेल में एनसीबी की गिरफ्त में कई जेल में अपने नेटवर्क को बढ़ाने के लिए संपर्क साध लिया था, यह इनपुट मिलते ही एनसीबी ने जेल से ड्रग्स नेटवर्क को ऑपरेट करने की उनकी साजिशों को नाकाम करते हुए असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद कर दिया है।
किंगपिन अक्षय छाबड़ा के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत तीन अतिरिक्त एफआईआर दर्ज की गई हैं और जसपाल सिंह उर्फ गोल्डी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत एक अतिरिक्त एफआईआर दर्ज की गई है। गौरतलब है कि तीन दिन पहले लुधियाना में सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने कहा था कि पंजाब सरकार कुछ ड्रग तस्करों को डिब्रूगढ़ जेल में शिफ्ट कर रही है। इसके चलते अगर उनके बेटे अमृतपाल सिंह की जानी नुकसान होता, है तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी। अमृतपाल सिंह पिछले साल मार्च से डिब्रूगढ़ जेल में बंद है। वारिस पंजाब दे के प्रमुख अमृतपाल सिंह और उनके तीन साथियों की हिरासत अवधि 24 जुलाई को खत्म होनी थी, जबकि छह अन्य साथियों की हिरासत अवधि 18 जून को खत्म होनी थी। अमृतपाल समेत नौ अन्य आरोपियों की एनएसए एक साल के लिए बढ़ा दी गई है।
1400 किलो हेरोइन सप्लाई करने का मास्टरमाइंड है छाबड़ा
एनसीबी की जांच में सामने आया है कि लुधियाना से पूरे देश में और विदेश में इंटरनेशनल ड्रग्स सिंडिकेट को ऑपरेट कर रहे आरोपी अक्षय छाबड़ा ने ही पंजाब के आईसीपी अटारी बॉर्डर से गुजरात के मुंद्रा पोर्ट और जम्मू-कश्मीर 1400 किलो हेरोइन की खेप भेजने का मास्टरमाइंड है। इस खेप को इन दोनों जगह पहुंचाकर आरोपी पाकिस्तान और विदेश भेजने की तैयारी में था, इससे पहले एनसीबी ने अक्षय छाबड़ा के इस इंटरनेशनल ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश किया था। यहां तक की आरोपी इस खेप को पहुंचाकर जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से शारजहां जाने की फिराक में था, इससे पहले ही अक्षय को एनसीबी ने जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 24 नवंबर 2022 को दबोच लिया था।
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छाबड़ा व रैकेट में शामिल अन्य तस्करों की 57 करोड़ की संपत्ति जब्त
एनसीबी अक्षय छाबड़ा और जसपाल सिंह उर्फ गोल्डी की के अलावा इस रैकेट में शामिल बाकी तस्करों की 57 करोड़ की संपत्ति जब्त कर चुकी है। एनसीबी ने इस मामले में केमिकल का प्रयोग कर हेरोइन बनाने वाली दो फैक्टरी सील की थी। 20 आरोपियों को अब तक एनसीबी दबोच कर इस इंटरेनशलन ड्रग्स नेटवर्क का जड़ से खत्म करने में कामयाब रही है। अब तक एनसीबी ने इन अपराधियों से 40 किलो हेरोइन, 0.557 किलो अफीम, 23.645 किलो संदिग्ध नारकोटिक्स पाउडर, 04 बोतल एचसीएल, 31 गोलियां और 1 मैगजीन बरामद की है।
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-एनसीबी की गिरफ्त में होने के बावजूद जेल से इंटरनेशनल ड्रग्स रैकेट को कर रहे थे ऑपरेट
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब में केमिकल ड्रग्स के किंगपिन अक्षय छाबड़ा और जसपाल सिंह पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने बड़ी कार्रवाई की है। एनसीबी ने दोनों आरोपियों को अब असम की डिब्रूगढ़ जेल में भेज दिया है। एनसीबी की हिरासत में रहते हुए यह इनपुट मिले थे कि अक्षय छाबड़ा और जसपाल सिंह यहां से भी इंटरनेशनल ड्रग्स रैकेट को ऑपरेट कर रहे थे। यहां तक कि अक्षय और जसपाल ने जेल में एनसीबी की गिरफ्त में कई जेल में अपने नेटवर्क को बढ़ाने के लिए संपर्क साध लिया था, यह इनपुट मिलते ही एनसीबी ने जेल से ड्रग्स नेटवर्क को ऑपरेट करने की उनकी साजिशों को नाकाम करते हुए असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद कर दिया है।
किंगपिन अक्षय छाबड़ा के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत तीन अतिरिक्त एफआईआर दर्ज की गई हैं और जसपाल सिंह उर्फ गोल्डी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत एक अतिरिक्त एफआईआर दर्ज की गई है। गौरतलब है कि तीन दिन पहले लुधियाना में सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने कहा था कि पंजाब सरकार कुछ ड्रग तस्करों को डिब्रूगढ़ जेल में शिफ्ट कर रही है। इसके चलते अगर उनके बेटे अमृतपाल सिंह की जानी नुकसान होता, है तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी। अमृतपाल सिंह पिछले साल मार्च से डिब्रूगढ़ जेल में बंद है। वारिस पंजाब दे के प्रमुख अमृतपाल सिंह और उनके तीन साथियों की हिरासत अवधि 24 जुलाई को खत्म होनी थी, जबकि छह अन्य साथियों की हिरासत अवधि 18 जून को खत्म होनी थी। अमृतपाल समेत नौ अन्य आरोपियों की एनएसए एक साल के लिए बढ़ा दी गई है।
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1400 किलो हेरोइन सप्लाई करने का मास्टरमाइंड है छाबड़ा
एनसीबी की जांच में सामने आया है कि लुधियाना से पूरे देश में और विदेश में इंटरनेशनल ड्रग्स सिंडिकेट को ऑपरेट कर रहे आरोपी अक्षय छाबड़ा ने ही पंजाब के आईसीपी अटारी बॉर्डर से गुजरात के मुंद्रा पोर्ट और जम्मू-कश्मीर 1400 किलो हेरोइन की खेप भेजने का मास्टरमाइंड है। इस खेप को इन दोनों जगह पहुंचाकर आरोपी पाकिस्तान और विदेश भेजने की तैयारी में था, इससे पहले एनसीबी ने अक्षय छाबड़ा के इस इंटरनेशनल ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश किया था। यहां तक की आरोपी इस खेप को पहुंचाकर जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से शारजहां जाने की फिराक में था, इससे पहले ही अक्षय को एनसीबी ने जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 24 नवंबर 2022 को दबोच लिया था।
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छाबड़ा व रैकेट में शामिल अन्य तस्करों की 57 करोड़ की संपत्ति जब्त
एनसीबी अक्षय छाबड़ा और जसपाल सिंह उर्फ गोल्डी की के अलावा इस रैकेट में शामिल बाकी तस्करों की 57 करोड़ की संपत्ति जब्त कर चुकी है। एनसीबी ने इस मामले में केमिकल का प्रयोग कर हेरोइन बनाने वाली दो फैक्टरी सील की थी। 20 आरोपियों को अब तक एनसीबी दबोच कर इस इंटरेनशलन ड्रग्स नेटवर्क का जड़ से खत्म करने में कामयाब रही है। अब तक एनसीबी ने इन अपराधियों से 40 किलो हेरोइन, 0.557 किलो अफीम, 23.645 किलो संदिग्ध नारकोटिक्स पाउडर, 04 बोतल एचसीएल, 31 गोलियां और 1 मैगजीन बरामद की है।