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पंजाब मंत्रिमंडल की आपात बैठक: किसानों के समर्थन में प्रस्ताव पास, भारत बंद का किया समर्थन
Mon, 27 Sep 2021 11:50 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 27 Sep 2021 11:50 PM IST
सार
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने तीन कृषि कानूनों के खिलाफ 'भारत बंद' के मद्देनजर मंत्रिपरिषद के साथ आपात बैठक की। मंत्रिपरिषद ने किसानों और उनकी मांगों के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए एक प्रस्ताव भी पारित किया है।
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पंजाब कैबिनेट की बैठक
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने तीन कृषि कानूनों के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद के आह्वान के मद्देनजर सोमवार को अपने मंत्रिमंडल की आपात बैठक बुलाई। इस बैठक में मंत्रिमंडल में प्रस्ताव पास कर किसानों और उनकी मांगों के प्रति एकजुटता प्रकट की।
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तीनों कृषि कानूनों को किसान विरोधी और खाद्य सुरक्षा विरोधी करार देते हुए चन्नी ने कहा कि यह कानून किसानों की रोजी-रोटी और उनकी भावी पीढ़ियों के लिए खतरा हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कानूनों को रद करने संबंधी पंजाब विधानसभा द्वारा पास किए प्रस्तावों को भारत सरकार को तुरंत स्वीकार करना चाहिए। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने पंजाब विधानसभा के 28 अगस्त, 2020 और 20 अक्टूबर, 2020 को पास किए गए प्रस्तावों के प्रति स्पष्ट रूप में प्रतिबद्धता दोहरा चुकी है और इस बात पर जोर दिया कि किसानों की सभी जायज मांगों को स्वीकार किया जाना चाहिए।
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मृत किसानों के वारिसों के लिए 155 नियुक्ति पत्र तैयार
संघर्ष के दौरान जान गंवा चुके किसानों के परिवारों के प्रति एकजुटता प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चूंकि कांग्रेस सरकार पहले दिन से ही किसानों के हक में डटकर खड़ी है। उन्होंने अपने सभी मंत्रियों को मृतक किसानों के घरों में निजी तौर पर जाकर उनके पारिवारिक सदस्यों को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र देने को कहा।
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उन्होंने बताया कि तकरीबन 155 ऐसे नियुक्ति पत्र तैयार हैं और इनको एक हफ्ते के अंदर-अंदर सौंपा जाना चाहिए। उन्होंने मुख्य सचिव को बाकी ऐसे मामलों की पड़ताल भी जल्द करने कहो कहा है, जिससे योग्य वारिसों को सरकारी नौकरियां देने की प्रक्रिया मुकम्मल की जा सके।