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Punjab Cabinet: गुरबाणी के मुफ्त प्रसारण के लिए गुरद्वारा एक्ट में संशोधन को कैबिनेट ने दी मंजूरी
Mon, 19 Jun 2023 01:23 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 19 Jun 2023 01:23 PM IST
सार
कैबिनेट की बैठक के बाद सीएम भगवंत मान ने कहा कि हम गुरुद्वारा एक्ट में संशोधन नहीं कर रहे हैं। गुरबाणी प्रसारण के लिए बकायदा शर्तें तय करेंगे। टीवी और यू ट्यूब के लिए अलग से नियम रहेंगे। नियम तोड़ने पर कार्रवाई हुआ करेगी।
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पंजाब के सीएम भगवंत मान
- फोटो : ANI
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विस्तार
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने सोमवार को सिख गुरुद्वारा (संशोधन) एक्ट- 2023 को हरी झंडी दे दी। इसके तहत श्री हरमंदिर साहिब से पवित्र गुरबाणी का प्रसारण सभी के लिए मुफ्त हो सकेगा।
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पंजाब सिविल सचिवालय में कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने ‘द सिख गुरुद्वारा एक्ट-1925’ में संशोधन करने और इसमें धारा 125-ए शामिल करने की मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि पवित्र गुरबाणी के मुफ्त प्रसारण के लिए ''मौजूदा मसंदों'' के नियंत्रण से प्रसारण को मुक्त कराने का रास्ता साफ हो गया है। उन्होंने कहा कि एक्ट में संशोधन से श्री हरमंदिर साहिब से पवित्र गुरबाणी का मुफ्त प्रसारण करने की जिम्मेदारी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के कंधों पर पड़ेगी।
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मुख्यमंत्री मान ने कहा कि इस संशोधन का मकसद यह यकीनी बनाना है कि बिना किसी अदायगी के समूची मानवता गुरबाणी कीर्तन सुने और गुरबाणी का लाइव प्रसारण देख सके। मान ने कहा कि इस कदम से पवित्र गुरबाणी का किसी भी ढंग से व्यवसायीकरण नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक्ट, सिख गुरुद्वारा (संशोधन) एक्ट- 2023 के शीर्षक के अधीन होगा, जो सरकारी गज़ट में प्रकाशित होने की तारीख़ से लागू होगा। उन्होंने कहा कि गुरबाणी के मुफ्त प्रसारण के लिए धारा-125 के बाद सिख गुरुद्वारा एक्ट-1925 में धारा-125ए भी दर्ज की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस एक्ट में यह व्यवस्था होगी कि महान गुरु साहिबान की शिक्षाओं के प्रसार के लिए बोर्ड की ड्यूटी (एसजीपीसी) श्री हरिमंदिर साहिब से पवित्र गुरबाणी का लाइव प्रसारण (ऑडियो या ऑडियो के साथ-साथ वीडियो) सभी मीडिया घरानों, आऊटलेट, प्लेटफार्म, चैनलों आदि जो भी चाहता हो, को मुहैया करवाने की होगी। इस एक्ट में यह व्यवस्था भी होगी कि प्रसारण के दौरान किसी भी कीमत पर विज्ञापन/ व्यासायीकरण/बिगाड़ न हो। मान ने अफसोस ज़ाहिर किया कि सिख गुरुद्वारा एक्ट-1925 द्वारा बनाई गई एसजीपीसी को गुरबाणी का प्रचार करने का जिम्मा सौंपा गया था, लेकिन इसने खुद को एक परिवार की कठपुतली बनाकर अपना फर्ज भुला दिया।
कैबिनेट ने यह प्रस्ताव भी किए मंजूर
- परिवार से बाहर पावर आफ अटार्नी पर 2 फीसदी स्टांप ड्यूटी लगेगी
- 16 नए सरकारी कॉलेजों में सहायक प्रोफेसरों के 320 पद सृजित होंगे
- 645 सहायक प्रोफेसरों की सीधी भर्ती के लिए आयु सीमा 45 साल की
- डेंटल कालेजों में सहायक प्रोफेसरों के पद भरने को आयु सीमा में छूट
- कॉलेजों में प्रशिक्षण कोर्स शुरू करने को ब्रिटिश काउंसिल से करार की आज्ञा
भगवंत मान सिखों के धार्मिक मामलों में न करें हस्तक्षेप: धामी
अमृतसर में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री सिखों के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप कर रहे हैं। गुरुद्वारा एक्ट में संशोधन का एलान सरकार का सिखों के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप है, जिसको सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के पास गुरुद्वारा एक्ट में संशोधन करने का कोई अधिकार नहीं है। धामी ने कहा कि सिखों के धार्मिक मुद्दों का राजनीतिकरण किया जा रहा है और भगवंत मान अरविंद केजरीवाल के सूबेदार बनाकर पंजाब में काम कर रहे हैं।
अमृतसर में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री सिखों के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप कर रहे हैं। गुरुद्वारा एक्ट में संशोधन का एलान सरकार का सिखों के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप है, जिसको सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के पास गुरुद्वारा एक्ट में संशोधन करने का कोई अधिकार नहीं है। धामी ने कहा कि सिखों के धार्मिक मुद्दों का राजनीतिकरण किया जा रहा है और भगवंत मान अरविंद केजरीवाल के सूबेदार बनाकर पंजाब में काम कर रहे हैं।