फैसला: इंतकाल फीस 300 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये हुई, पंजाब कैबिनेट ने दी मंजूरी
- कैबिनेट ने मौजूदा 300 रुपये फीस को 600 करने की दी अनुमति
- अतिरिक्त राजस्व जुटाने के लिए राज्य सरकार ने लिया फैसला
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अतिरिक्त राजस्व जुटाने के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने इंतकाल फीस 300 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी। इस फैसले से राज्य के खजाने को लगभग 10 करोड़ रुपये की राजस्व सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग को जमीन के मालिकों के हित में सभी बकाया इंतकाल निपटाने के लिए विशेष मुहिम चलाने को भी कहा है।
मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग को इंतकाल फीस वसूलने और जमीन की रजिस्ट्री के मौके पर इंतकाल के दस्तावेजों को जल्द मुकम्मल करने पर विचार करने के आदेश भी दिए ताकि इस संबंध में अनावश्यक देरी को रोका जा सके। कुछ मंत्रियों ने मीटिंग के दौरान यह मुद्दा उठाया कि कई इंतकाल सालों से बकाया हैं तो मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव और वित्त आयुक्त (राजस्व) को जरुरी कदम उठाने के लिए कहा।
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मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता के मुताबिक, सरकार द्वारा तय की गई फीस मौजूदा मुद्रा प्रसार के माहौल में राजस्व संग्रह के लिए बहुत कम है। यह फीस पिछली बार अक्तूबर, 2012 में बढ़ाई गई थी, जो 150 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये की गई थी। प्रवक्ता ने बताया कि राज्य के खजाने पर खर्चों का बोझ बढने के कारण राज्य सरकार ने आठ सालों के लंबे समय के बाद इंतकाल फीस बढ़ाने का निर्णय लिया है।
गृह मंत्रालय की रिपोर्ट मंजूर
इस दौरान कैबिनेट ने गृह मामलों एवं न्याय विभाग की साल 2015 की सालाना प्रशासनिक रिपोर्ट को भी मंजूरी दे दी।
पीसीएस परीक्षा में पूर्व सैनिकों को अब मिलेंगे ज्यादा मौके
मुख्यमंत्री की ओर से बीते सप्ताह की गई घोषणा के बाद बुधवार को पंजाब कैबिनेट ने पीसीएस बनने के इच्छुक पूर्व सैनिकों के लिए परीक्षा के मौके बढ़ाने को मंजूरी दे दी। पंजाब राज्य सिविल सेवा संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में अवसरों की संख्या में यह वृद्धि केंद्रीय लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की तरफ से दिए जाने वाले अवसरों के पैटर्न के अनुसार दी गई है।
कैबिनेट ने इसके लिए पूर्व सैनिकों के लिए भर्ती कानून, पंजाब रिक्रूमेंट ऑफ एक्स सर्विसमैन रूल्स 1982 के रूल 5 के क्लॉज (1) में मौजूदा उपबंध में संशोधन को मंजूरी दे दी। इस मंजूरी से जनरल श्रेणी के पूर्व सैनिक उम्मीदवारों को मौजूदा समय में मिल रहे चार अवसरों की बजाय अब छह अवसर मिलेंगे। इसी तरह पिछड़ी श्रेणी के पूर्व सैनिक उम्मीदवारों के लिए चार अवसरों को बढ़ाकर 9 कर दिया गया।
वहीं, अनुसूचित जाति श्रेणी के पूर्व सैनिकों के लिए अनगिनत अवसर कर दिए गए हैं। यह फैसला पूर्व सैनिकों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए यूपीएससी के पैटर्न पर किया गया है, जिससे पूर्व सैनिकों की भर्ती के 1982 के नियमों के रूल 5 की त्रुटि दूर हो जाएगी।
अब तक मिल रहे थे सिर्फ चार अवसर
मौजूदा नियमों के अंतर्गत पीसीएस की परीक्षा के लिए सभी वर्गों के पूर्व सैनिक उम्मीदवारों को अधिक से अधिक चार ही मौके मिलते थे। पंजाब लोक सेवा आयोग ने मुख्य सचिव को बताया था कि पूर्व सैनिकों और दिव्यांगों के लिए निर्धारित मौके बढ़ाने के लिए उनके पास कई मांग पत्र पहुंचे हैं।