Punjab Cabinet Expansion: 14 महीने में 3 मंत्रियों को पड़ा हटाना, दो भ्रष्टाचार में नपे, एक के कामकाज पर सवाल
मुख्यमंत्री ने ताकतवर होते अपने मंत्रियों पर भी लगाम कसने का मौका नहीं छोड़ा। पिछले कैबिनेट विस्तार में उन्होंने डॉ. बलबीर सिंह सिद्धू को स्वास्थ्य विभाग सौंपा तो कैबिनेट में सबसे ताकतवर माने जा रहे अमन अरोड़ा से महत्वपूर्ण विभाग वापस लेकर उनका ‘कद’ सामान्य कर दिया।
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विस्तार
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को अपनी कैबिनेट में दो नए मंत्रियों को शामिल किया है। सीएम ने 14 माह के अपने कार्यकाल के दौरान चौथा कैबिनेट विस्तार किया। वहीं इस अवधि के दौरान उन्होंने तीन मंत्रियों को कैबिनेट से बाहर का रास्ता भी दिखाया। मंगलवार को कैबिनेट मंत्री इंदरबीर सिंह निज्जर का इस्तीफा राज्यपाल को मंजूरी के लिए भेज दिया गया। इससे पहले डॉ. विजय सिंगला और फौजा सिंह सरारी को हटाया गया था। इस समय एक अन्य मंत्री लालचंद कटारूचक्क को हटाए जाने की मांग विपक्ष कर रहा है। फिलहाल कैबिनेट में दो सीटें खाली हैं।
मुख्यमंत्री मान ने विजय सिंगला को पिछले साल जुलाई में रिश्वतखोरी के आरोप में कैबिनेट से हटा दिया था। इसके बाद फौजा सिंह सरारी ने भी भ्रष्टाचार को आरोप लगने के बाद जनवरी में मुख्यमंत्री के निर्देश पर अपना इस्तीफा सौंप दिया था। मंगलवार को इंदरबीर सिंह निज्जर ने निजी कारणों का हवाला देते हुए अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री को सौंपा। हालांकि सूत्रों के अनुसार, निज्जर ने एक मामले में सरकार द्वारा कराई जा रही विजिलेंस जांच का खुले तौर पर विरोध किया था। इसके अलावा निज्जर मनमाने तरीके से काम कर रहे थे, जिसमें सरकार की सलाह को ख्याल नहीं रख रहे थे। इसी के कारण उन्हें अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी।
इसी बीच पिछले कैबिनेट विस्तार के दौरान मुख्यमंत्री ने ताकतवर होते अपने मंत्रियों पर भी लगाम कसने का मौका नहीं छोड़ा। पिछले कैबिनेट विस्तार में उन्होंने डॉ. बलबीर सिंह सिद्धू को स्वास्थ्य विभाग सौंपा तो कैबिनेट में सबसे ताकतवर माने जा रहे अमन अरोड़ा से महत्वपूर्ण विभाग वापस लेकर उनका ‘कद’ सामान्य कर दिया। बुधवार को कैबिनेट विस्तार में भी मुख्यमंत्री ने अनेक महत्वपूर्ण विभागों की कमान संभाल रहे कुलदीप सिंह धालीवाल का कद घटा दिया। उनसे सभी प्रमुख विभाग वापस ले लिए गए हैं।
बलकार और खुडि्डयां को मिला मेहनत का इनाम
करतारपुर से विधायक बलकार सिंह को जालंधर लोकसभा उपचुनाव में अच्छे काम का इनाम मिला है। कैबिनेट में उन्हें दी गई जगह को जालंधर लोकसभा उपचुनाव में आप प्रत्याशी सुशील रिंकू को अपने हलके में सबसे ज्यादा वोट दिलवाने के अलावा अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से टक्कर लेने का रिवॉर्ड माना जा रहा है।
बलकार के खिलाफ मजीठिया ने मोर्चा खोल रखा था लेकिन वह मुकाबले में डटे रहे। पूर्व पुलिस अधिकारी बलकार सिंह इस सरकार में पहली बार ही विधायक भी चुने गए थे। उन्होंने 2021 में ही आम आदमी पार्टी ज्वाइन की थी। वहीं, मुक्तसर जिले की लंबी सीट के विधायक गुरमीत सिंह खुड्डियां को कैबिनेट मंत्री की कुर्सी से नवाजने का मुख्य कारण, उनके द्वारा पांच बार के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को हराने के बाद शिअद का लंबी का किला भेदना रहा है। खुड्डियां ने विधानसभा चुनाव में लंबी सीट पर नामुमकिन को मुमकिन करते हुए अकाली दल के सरपरस्त और पूर्व मुख्यमंत्री बादल को उन्हीं के गृह क्षेत्र में हरा दिया था। खुड्डियां ने भी 2021 में ही आप ज्वाइन की थी और वह पहली बार ही विधायक भी बने हैं।
नए मंत्रियों के लिए सचिवालय में कमरों की सजावट शुरू
पंजाब कैबिनेट में दो नए मंत्रियों की एंट्री के साथ ही सचिवालय में उनके दफ्तरों को लेकर तैयारी भी शुरू हो गई है। इस संबंध में अधिकारियों ने फाइल तैयार करके मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दी है। माना जा रहा है कि गुरुवार को दोनों मंत्रियों को दफ्तर अलॉट कर दिए जाएंगे। इसके लिए सचिवालय के पांचवें तल पर कमरा नंबर 6 और छठे तल पर कमरा नंबर 38 को तैयार किया गया है। यह दोनों कमरे अब तक खाली थे। अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार तक अगर इंदरबीर सिंह निज्जर का इस्तीफा मंजूर हो जाता है तो सातवें तल पर कमरा नंबर 27 में उनका दफ्तर भी हट जाएगा और यह कमरा भी खाली हो जाएगा।