पंजाब कैबिनेट ने चार और विभागों के पुनर्गठन को दी मंजूरी, 10वीं कक्षा की छात्रवृत्ति 2500 से बढ़ा 3000 रुपये की
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पंजाब कैबिनेट ने गुरुवार को पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) समेत चार अन्य विभागों के पुनर्गठन को मंजूरी दे दी। इससे पुराने अनावश्यक और लंबे समय से खाली पड़े पदों के बदले में रोजगार के अधिक अवसर पैदा किए जा सकेंगे। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई वर्चुअल कैबिनेट मीटिंग के बाद सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस फैसले के तहत पीपीसीबी के अलावा प्रशासनिक सुधार, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन, रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण विभागों का पुनर्गठन किया जाएगा।
प्रशासनिक विभाग के पुनर्गठन से 56 नए पद सृजित करने से 75 पुराने अनावश्यक पद खत्म किए जाएंगे। पंजाब लोक सेवा आयोग और पंजाब अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड आदि द्वारा विभिन्न कैडरों के 20 नए पद भरे जाएंगे। पुनर्गठन से विभाग के सुधार एजेंडे को मजबूती मिलेगी।
रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण विभाग जोकि घर-घर रोजगार प्रोग्राम के तहत राज्य के नौजवानों की बेरोजगारी की समस्या को हल करने के लिए वचनबद्ध है, द्वारा 57 मौजूदा अनावश्यक पदों की जगह पर अलग-अलग कैडरों के 29 नए पदों को मंजूरी दी गई है। इस समय विभाग के पास अलग-अलग कैडरों के 615 मंजूरशुदा पद हैं, जिनमें से 369 भरे गए हैं। पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन निदेशालय (डीईसीसी) के पुनर्गठन के अंतर्गत सरकार का उद्देश्य 24 नए पदों को मंजूरी और सात पदों को खत्म करने का है। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में दो पुराने पदों की जगह दो नए पदों का सृजन होगा।
छात्रवृत्ति में वृद्धि
सरकारी स्कूलों के दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को उत्साहित करने के लिए पंजाब सरकार की तरफ से डॉ. हरगोबिंद खुराना स्कॉलरशिप की रकम 2500 से बढ़ाकर 3000 रुपये प्रति महीना करने का फैसला किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ से एक अगस्त, 2013 से चलाई जा रही इस योजना में संशोधन के अनुसार अब 80 प्रतिशत अंकों के बजाय 90 प्रतिशत या इससे ज्यादा अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी इसका लाभ ले सकेंगे।
ग्रांट और कैग ऑडिट रिपोर्टों के लिए अनुपूरक मांगों को सदन में पेश करने की मंजूरी
एक अन्य फैसले में मंत्रिमंडल ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान साल 2018-19 के लिए कैग (सीएजी) ऑडिट रिपोर्टों के साथ साल 2020-21 के लिए ग्रांटों के लिए अनुपूरक मांगों की पेशकारी को मंजूरी दे दी है। सदन में 31 मार्च, 2019 को खत्म हुए साल के लिए वित्तीय लेखे और विनियोजन बिल सदन में पेश करने की मंजूरी दी गई।
सालाना प्रशासनिक रिपोर्टों को मंजूरी
मंत्रिमंडल की तरफ से साल 2017-2018 और 2018-19 के लिए नगर और शहरी योजनाबंदी विभाग की सालाना प्रशासनिक रिपोर्टों को भी मंजूरी दे दी गई है। मंत्रिमंडल ने पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड एक्ट में संशोधन को मंजूरी देते हुए पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड एक्ट -1969 का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है। इससे सरकारी सीनियर सेकेंडरी और हाई स्कूलों के प्रमुखों के साथ-साथ सरकारी स्कूलों के प्रांतीय और राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त प्रिंसिपल और मुख्याध्यापक बोर्ड की सदस्यता के लिए नामांकित होने के योग्य होंगे। मौजूदा नियम सिर्फ प्राइवेट स्कूलों के प्रिंसिपल/मुखियों को ही बोर्ड के मेंबर बनने की इजाजत देते हैं। इस संबंधी एक्ट की धारा 4(1) (बी) के अंतर्गत कैटागरी (4) (5) और (6) में संशोधन किए गए थे।