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Punjab Cabinet: अवैध खनन पर अब लगेगा 10 गुना ज्यादा जुर्माना, कैबिनेट की बैठक में अहम फैसला
Fri, 21 Oct 2022 09:52 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 21 Oct 2022 09:52 PM IST
सार
एक अन्य फैसले में राज्य में वित्तीय खर्चों में कटौती और प्रशासनिक बोझ घटाने के लिए कैबिनेट ने पंजाब मंडी बोर्ड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद खत्म करने के लिए पंजाब एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट्स एक्ट 1961 की धारा 3 (1) में संशोधन को मंजूरी दे दी है।
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पंजाब कैबिनेट की बैठक।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब में अवैध खनन को रोकने के लिए कैबिनेट ने पंजाब माइनर मिनरल्ज रूल्स 2013 के नियम 7.5 में संशोधन करने को मंजूरी दे दी है। इसके अंतर्गत जुर्माना 5,000 और 25,000 रुपये की सीमा से बढ़ाकर 50 हजार और 2.5 लाख तक कर दिया गया है। यह फैसला इस बात के मद्देनजर लिया गया है कि गैर-कानूनी खनन में लगे लोग जुर्माने से डरें।
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जुर्माने की मौजूदा दरें बहुत कम थीं और यह काफी समय पहले लागू की गई थीं। मौजूदा दरें 5,000 से 25,000 रुपये थीं इसलिए कैबिनेट ने यह दरें 10 गुना बढ़ाने का फैसला किया है। इसके अंतर्गत अब ढुलाई और अन्य छोटे वाहनों, ट्रक और मल्टी एक्सेल ट्रक या अन्य वाहनों के हिसाब से यह दरें 50,000 से 2.50 लाख रुपये तक होंगी।
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पंजाब मंडी बोर्ड में खत्म होंगे वरिष्ठ उपाध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद
राज्य में वित्तीय खर्चों में कटौती और प्रशासनिक बोझ घटाने के लिए कैबिनेट ने पंजाब मंडी बोर्ड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद खत्म करने के लिए पंजाब एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट्स एक्ट 1961 की धारा 3 (1) में संशोधन को मंजूरी दे दी है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पदों का सृजन क्रमवार 2010 और 2016 में किया गया था।
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शिकायत निवारण प्रणाली के कायाकल्प के लिए पंजाब कैबिनेट ने सहायक कमिश्नर (शिकायत) के 23 पद खत्म करके जिला स्तर पर इतनी ही संख्या में मुख्यमंत्री फील्ड अफसरों के पद सृजित करने का फैसला किया है। इस अहम फैसले से राज्य निवासियों को ऐसा प्लेटफार्म मिलेगा, जिसके द्वारा वह अपनी शिकायतों का विश्लेषण करवाने के बाद पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से निर्णय करवा सकेंगे।