पंजाब बजट सत्र: कांग्रेस ने किया बीएसी बैठक का बायकॉट

ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 10 Mar 2016 11:08 AM IST
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पंजाब कांग्रेस का विरोध
पंजाब कांग्रेस का विरोध - फोटो : amar ujala

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पंजाब विधानसभा के बजट सत्र की अवधि न बढ़ाने के विरोध में कांग्रेस ने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक का बायकॉट कर दिया। विपक्ष ने सेशन की अवधि या सिटिंग बढ़ाने और कुछ मुद्दों पर बहस की मांग रखी थी। लेकिन कोई भरोसा नहीं मिलने पर विपक्ष ने बैठक का बायकॉट कर दिया।
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सीएलपी लीडर चरनजीत सिंह चन्नी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार बहुमत का फायदा लेकर विपक्ष की आवाज दबाना चाहती है। विपक्ष ने विधानसभा स्पीकर डॉ. चरनजीत सिंह अटवाल को लिखित मांग पत्र दिया था। इसमें कहा गया था कि या तो सत्र की अवधि दो दिन बढ़ा दी जाए, या फिर सिटिंग बढ़ाई जाएं क्योंकि कई गंभीर मुद्दों पर चर्चा होनी जरूरी है। पर विपक्ष को इस बारे में कोई आश्वासन नहीं मिला।
कांग्रेस ने बहस के लिए 13 मुद्दों की लिस्ट भी स्पीकर को दी थी। उन पर भी बहस की अनुमति नहीं मिली। चन्नी ने कहा कि नॉन ऑफिशियल डे में काफी प्रस्ताव होते हैं, जिनका चयन बैलेट के आधार पर किया जाता है। कांग्रेस की मांग थी कि बैलेट से फैसला लिए जाते समय कांग्रेस के एक सदस्य को भी मौजूद रहने दिया जाए लेकिन स्पीकर ने इसकी इजाजत भी नहीं दी। इसके बाद बैठक का बायकॉट किया गया। चन्नी ने कहा कि कांग्रेस ने एसवाईएल मुद्दे पर कार्य स्थगन प्रस्ताव दिया था, यह नहीं बताया गया कि उसका क्या हुआ।
उसके जवाब में सरकार इस मुद्दे पर अपना प्रस्ताव ला रही है, जो कि अनुचित है। चन्नी ने कहा कि विपक्ष राज्यपाल के अभिभाषण और बजट पर चर्चा में हिस्सा लेगा। वहीं, मंगलवार को कांग्रेस विधायकों के साथ विधानसभा गेट पर पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार की शिकायत स्पीकर और डिप्टी सीएम सुखबीर बादल से की गई। उन्होंने इसकी जांच का भरोसा दिया। पर कांग्रेस इस मुद्दे पर विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाएगी। बैठक में डिप्टी सीएम सुखबीर बादल, कैबिनेट मंत्री परमिंदर ढींडसा, मदन मोहन मित्तल, भगत चुन्नी लाल, चरनजीत चन्नी, रजिंदर कौर भट्ठल, सुनील जाखड़ और राणा गुरमीत सोढी मौजूद थे।
 

शहीदों को दी श्रद्धांजलि
चंडीगढ़। विधानसभा के बजट सत्र में बुधवार को पिछले साल दिवंगत शख्सीयतों को श्रद्धांजलि दी गई। सीएलपी लीडर चरनजीत सिंह चन्नी ने आत्महत्या करने वाले 13 हजार किसानों को श्रद्धांजलि देने की मांग रखी। पर स्पीकर चरनजीत सिंह अटवाल ने अस्वीकार कर दिया। चन्नी के कहने पर उन्होंने मुक्तसर के स्वतंत्रता सेनानी का नाम शामिल किया। सदन ने लोकसभा के पूर्व स्पीकरों बलराम जाखड़ और पीए संगमा को श्रद्धांजलि दी। पंजाब के पूर्व राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल जेएफआर जेकब और हाईकोर्ट के जस्टिस नरेश कुमार सांघी को भी श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। सदन ने सियाचिन में मौसम की चपेट में आकर मारे गए लांस नायक हनुमनथप्पा समेत नौ जवानों और पठानकोट आतंकी हमले में मारे गए सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। हीरो ग्रुप के पूर्व चेयरमैन बीएम मुंजाल को भी श्रद्धांजलि भेंट की गई। सदन ने दो मिनट का मौन रख 28 शख्सीयतों को श्रद्धांजलि दी।
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