कोरोना महामारी का प्रभाव : 70 फीसदी बढ़ा पंजाब का स्वास्थ्य बजट, पढ़ें- किस योजना पर कितना होगा खर्च
- कोरोना ने बढ़ाया पंजाब का स्वास्थ्य बजट, 3181 करोड़ रुपये की वृद्धि
- 7856 करोड़ रुपये से पंजाब के स्वास्थ्य ढांचे को किया जाएगा मजबूत
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कोरोना महामारी की वजह से पंजाब के स्वास्थ्य बजट में 70 प्रतिशत तक की वृद्धि सरकार को करनी पड़ी। सरकार के अंतिम बजट में स्वास्थ्य सुविधाओं के ढांचे को मजबूत करने के लिए 7856 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। अकेले परिवार एवं स्वास्थ्य कल्याण के कार्यों के लिए 3822 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। पिछले साल के मुकाबले इस साल स्वास्थ्य बजट में 3181 करोड़ रुपये की वृद्धि की गई है।
सोमवार को सदन में बजट पेश करते हुए वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने कहा कि सरकार ने कोरोना महामारी से हुए नुकसान से सबक लिया है, इसलिए पंजाब में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर करने के लिए पिछले साल के मुकाबले इस साल के बजट में 7856 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
3822 करोड़ रुपये से सूबे के परिवार एवं कल्याण विभाग के काम किए जाएंगे। कोरोना से लड़ने के लिए मिशन फतेह शुरू किया गया है। कोरोना काल में सरकार अभी तक 1000 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। पात्र लाभार्थियों को मुफ्त टीका लगाने की व्यवस्था सरकार ने की है। मिशन तंदरुस्त के लिए 12 करोड़ रुपये का प्रवाधान किया गया है।
शुद्ध भोजन देने की व्यवस्था
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने कहा कि दो सबसे उपेक्षित उप-मिशनों खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य और स्वास्थ्य केंद्र की विशेष रूप से व्याख्या करना चाहूंगा। हम वर्ष 2021-22 में व्यापक मुहिम चलाने की योजना बना रहे हैं, जिसमें पंजीकरण के लिए कम से कम 50 प्रतिशत भोजन कारोबार संचालकों को शामिल किया जाएगा। विशेष तौर पर मिठाइयों और दूध उत्पादन प्लांटों के मामलों में सफाई रेटिंग में सुधार लाई जाएगी। वहीं खरड़ में एक नई माइक्रो बायोलॉजी लैब स्थापित की जा रही है।
आठ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य विंग बनेंगे
नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत तलवंडी साबो, नाभा, पट्टी और डेराबस्सी के उपमंडलीय अस्पतालों, मुक्तसर और गुरदासपुर के डीएचसी और भवानीगढ़ और रायकोट के सीएचसी में आठ नए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य विंग के निर्माण के लिए 65 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। गत वर्ष के बजट में प्रस्तावित नौ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य विंग के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए 57 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
स्वास्थ्य मिशन के लिए 1060 करोड़
स्वास्थ्य मिशन के तहत वर्ष 2021-22 में 1060 करोड़ रुपये की राशि बजट में आवंटित की गई। आयुष्मान भारत-सरबत सेहत बीमा योजना (एबी-एसएसबीवाई) के तहत 39.57 लाख परिवारों को प्रतिवर्ष प्रति परिवार पांच लाख रुपये का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा दिया जा रहा है। इस योजना का लाभ सभी जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने के लिए 45 लाख से अधिक व्यक्तिगत ई-कार्ड बनाए गए हैं। बजट में इस योजना के लिए 324 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
राज्य के सभी जिला अस्पतालों, उप प्रभागीय अस्पतालों और सीएचसी की मरम्मत और नवीनीकरण के लिए 100 करोड़ रुपये बजट में आवंटित किए गए हैं। साथ ही मार्च 2022 तक 40 प्रतिशत पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। एंबुलेंस की संख्या 240 से बढ़ाकर 400 करने का बजट में प्रस्ताव रखा गया। हर जिले में आपातकाल के बेहतर प्रबंधन के लिए वेंटिलेटर, मल्टी-पैरा पेशेंट मॉनिटरिंग, डीफिब्रिलेटर और सक्शन मशीन से लैस एक उन्नत लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस प्रदान की गई है।
कैंसर रोगियों के लिए 150 करोड़
मुख्यमंत्री पंजाब कैंसर राहत कोष योजना के तहत जनवरी 2017 से दिसंबर, 2020 तक 26,878 कैंसर रोगियों को 374.43 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी की गई है। इस बार बजट में योजना के लिए 150 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
चिकित्सा शिक्षा और शोध के लिए 85 प्रतिशत ज्यादा बजट
चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए 1008 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव रखा गया, जो कि वर्ष 2020-21 बजट अनुमान के दौरान इस क्षेत्र के आवंटन से 85 प्रतिशत अधिक है। इस क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए मोहाली में कुल 189 करोड़ रुपये की लागत से एक सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जा रही है। भारत सरकार के अनुमोदन से गुरदासपुर और मालेरकोटला में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।
650 करोड़ से बनेंगे मेडिकल कॉलेज
650 करोड़ रुपये की लागत से कपूरथला में श्री गुरु नानक देव जी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज नामक एक नया मेडिकल कॉलेज और अस्पताल व होशियारपुर में शहीद ऊधम सिंह स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज स्थापित किया जाएगा। बजट में इसके लिए 80 करोड़ रुपये का प्रारंभिक आवंटन किया गया है।
पहला वायरोलॉजी विभाग बनेगा
पंजाब सरकार जीएमसी अमृतसर में एक अलग वायरोलॉजी विभाग स्थापित करने की योजना बना रही है, जो वायरल परीक्षण, शिक्षण और अनुसंधान से संबंधित सुविधाओं का विस्तार करेगा। इसके अलावा आईसीएमआर के सहयोग से मोहाली में रीजनल सेंटर ऑफ नेशनल वायरोलॉजी स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है।
बाल विकास के लिए 825 करोड़
बजट में एकीकृत बाल विकास योजना के लिए 825 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके तहत लगभग 12 लाख बच्चों और गर्भवती महिलाओं व स्तनपान कराने वाली माताओं को पूरक पोषण दिया जाएगा। नवजात शिशुओं, 0-6 वर्ष तक के बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं की पोषण स्थिति में सुधार और समयबद्ध तरीके से कुपोषण को कम करने के लिए पोषण अभियान के तहत 53 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि निर्धारित की गई है।
शुद्ध पानी के लिए 25 प्रतिशत की वृद्धि
वर्ष 2021-22 के दौरान 2148 करोड़ रुपये का आवंटन प्रदान किया गया है, जिससे सभी के लिए पाइप से जलापूर्ति और पीने योग्य पानी के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। यह वर्ष 2020-21 में आवंटित हुए 1721 करोड़ रुपये के मुकाबले 25 प्रतिशत अधिक है।