पंजाब में टकराव की आशंका: किसानों के हमले से गुस्से में भाजपाई, कहा-अब हम भी जवाब देंगे, किसानों ने किया पलटवार
राजपुरा की गुरु अर्जुन देव कालोनी में रविवार शाम चार बजे भाजपा कार्यकर्ता अजय चौधरी के घर चाय पीने गए 14 भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं के पारिवारिक सदस्यों को किसानों ने बंधक बना लिया था। देर रात हाईकोर्ट ने सभी बंधकों की सुरक्षा के आदेश जारी किए। भाजपा के अनुसार, यदि देर रात हाईकोर्ट ने मामले में दखल नहीं दिया होता तो बड़ी अनहोनी घट सकती थी।
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कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का गुस्सा नहीं थम रहा। वहीं किसानों के विरोध को झेल रहे पंजाब भाजपा के नेताओं ने भी अब जवाबी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। राजपुरा में रविवार को भाजपा नेताओं के साथ जो हुआ, उसके बाद से भाजपाई जबरदस्त गुस्से में हैं।
राजपुरा घटना के बाद पंजाब में सियासत गरमा गई है। किसानों के विरोध और हिंसा का शिकार बने भाजपा प्रवक्ता भूपेश अग्रवाल ने साफ किया कि वे न डरे हैं और न डरेंगे। भाजपा पंजाब में अगले साल होने जा रहे विधानसभा चुनाव में सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
उन्होंने कहा कि जब भाजपा नेताओं की कोई गलती ही नहीं थी तो माफी मांगने का सवाल ही नहीं होता था। इस संबंध में बाकायदा उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा से दिशा-निर्देश मिले थे। अमर उजाला से बातचीत में भूपेश अग्रवाल ने कहा कि रविवार को राजपुरा में किसानों के हमले से बचने के लिए वह अपने साथी भाजपा नेताओं के साथ जब एक छोटे से घर की रसोई में बंद थे, तो उन्हें ऐसा लगा कि यह उनकी जिंदगी का आखिरी दिन है। किसी तरह हिम्मत कर सोशल मीडिया पर जान बचाने की गुहार लगाते हुए एक वीडियो डाली। साथ ही आलाकमान को फोन किया। इसके बाद उनके पास मदद पहुंची और उनकी जान बच सकी।
भूपेश अग्रवाल ने साफ किया कि अब भाजपाई और डरने वाले नहीं हैं। किसानों की हिंसा का जवाब कड़ाई से दिया जाएगा। भाजपाइयों ने चूड़ियां नहीं पहनी हैं। अगर भविष्य में भाजपाइयों पर हमला हुआ और पुलिस प्रशासन उनकी मदद करने में फेल रहा, तो भाजपाई खुद अपनी रक्षा करेंगे। भाजपा नेता ने कहा कि भाजपा एक बड़ी राष्ट्रीय पार्टी है, जो पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के जुल्म से नहीं डरी। स्वर्गीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के समय में पार्टी की लीडरशिप नहीं घबराई तो अब क्यों डरेंगे। भविष्य में हर हमले का मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा।
किसान बोले, भाजपा नेता और गनमैन पर केस दर्ज करे पुलिस
वहीं किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले सोमवार को राजपुरा में नई अनाज मंडी में मांग की कि भाजपा प्रदेश सचिव सुभाष शर्मा और पटियाला से संबंधित सीनियर नेता भूपेश अग्रवाल के खिलाफ पुलिस केस दर्ज करे। उन्होंने आरोप लगाया कि रविवार को किसान शांतिपूर्ण तरीके से केंद्र सरकार का विरोध कर रहे थे तो भूपेश अग्रवाल के गनमैन ने रिवाल्वर तानकर उन्हें धमकाया। इस दौरान भाजपाई वर्करों ने किसानों के परिवारों के प्रति अभद्र भाषा का इस्तेमाल भी किया। इस मौके पर किसान नेता मनजीत सिंह घमाणा, मान सिंह राजपुरा, गुरदेव सिंह जंडौली, उजागर सिंह खैरपुर, परमिन्द्र सिंह, मनप्रीत नीलपुर, जतिन्द्र सिंह मोही, वरिन्द्र सिंह हैप्पी चक खुर्द, हरमिन्द्र सिंह ने कहा कि भाजपाई नेताओं ने लायंस क्लब में किसानों को ललकारते हुए कहा था कि वह वार्ड नंबर-14 में जा रहे हैं अगर हिम्मत हो आ जाओ। इतना ही नहीं उन्होंने किसान महिलाओं को भी अपशब्द कहे और पिस्तौल निकालकर धमकी दी। इसके अलावा देर रात भाजपा नेताओं ने छत से पत्थरबाजी की और गमले फेंके, जिससे एक पुलिस कर्मचारी व कुछ किसान घायल हो गए। उन्होंने कहा कि भाजपाइयों पर कानूनी कार्रवाई करने के लिए राजपुरा पुलिस ने जांच के लिए समय मांगा है। ऐसे में वह अपना संघर्ष टाल रहे हैं। इस संबंध में जल्द ही कार्रवाई न हुई तो विभिन्न स्थानों पर सड़क जाम की जाएगी।