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Punjab News: आयुर्वेदिक विभाग ने 47 लाख में खरीदीं सात भस्में, इनमें फिटकरी व सुहागा की मात्रा अधिक

Mon, 09 Oct 2023 04:47 PM IST
ajay kumar सुशील कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, सुनाम (पंजाब)
सुशील कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, सुनाम (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Mon, 09 Oct 2023 04:47 PM IST
सार

आरटीआई विशेषज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता वृषभान बुजरक ने बताया कि आयुर्वेदिक विभाग पंजाब से सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत वर्ष 2008 से 2023 तक खरीदी गई विभिन्न प्रकार की भस्मों का रिकॉर्ड मांगा था।

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Punjab Ayurvedic department bought seven Bhasma for 47 lakhs
आरटीआई कार्यकर्ता वृषभान बुजरक। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पंजाब सरकार के आयुर्वेदिक विभाग ने सात वर्षों में सात प्रकार की भस्मों को खरीदा। इन्हें खरीदने में विभाग ने 47 लाख रुपये से ज्यादा की रकम खर्च की है। इनमें शंख, सुहागा और फिटकरी की बड़े पैमाने पर खरीदारी की गई।

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आरटीआई और सामाजिक कार्यकर्ता वृषभान बुजरक ने बताया कि आयुर्वेदिक विभाग पंजाब से सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत वर्ष 2008 से 2023 तक खरीदी गई विभिन्न प्रकार की भस्मों का रिकॉर्ड मांगा था। जवाब में सरकारी आयुर्वेदिक फार्मेसी एवं स्टोर (पटियाला) ने लिखा है कि वर्ष 2009-10 से वर्ष 2018-19 तक सात प्रकार की भस्में खरीदने पर 47 लाख 89 हजार 505 रुपये खर्च किए गए हैं।
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वर्ष 2018-19 में सबसे अधिक भस्में की खरीदारी की गई है। इसमें साफटिक भस्म (फिटकरी) 715 किलो, टंकण भस्म (सुहागा) 715 किलो, गोदंती भस्म (बुखार आदि के लिए) 715 किलो, कपर्द भस्म 535 किलो, जिसकी कुल कीमत 18 लाख 11 हजार 650 रुपये है। वर्ष 2016-17 में गोदंती भस्म (बुखार आदि के लिए) 1432 किलोग्राम, साफ्टिक भस्म 1432 किलोग्राम, कामराड भस्म 715 किलोग्राम, कीमत 11 लाख 73 हजार 953 रुपये में खरीदी गई।

वृषभान बुजरक ने बताया कि वर्ष 2006-07 में शंख भस्म (संख से बनी) 247 किलो, कपर्दिका भस्म 100 किलो, एक लाख 45 हजार 103 रुपये में खरीदी गई थी। वर्ष 2009-10 में टंकण राख 116 किलो, अभरक राख 14198 नग (वजन 5 ग्राम प्रति नग), 2 लाख 13 हजार 599 रुपये, वर्ष 2012-13 में अभारक राख 65 किलो, गोदंती राख 325 किलो, 3 लाख 26 रुपये हजार 840 रुपये, वर्ष 2013-14 में टंकण राख (सुहागा) 1054 किलो, अभरक राख 527 किलो (वजन 220 ग्राम प्रति किलो), मंडूर राख 525 किलो (वजन 500 ग्राम प्रति किलो), 6 लाख 84 हजार 230 रुपये, वर्ष 2014 -15 साफ्टिक भस्म (फिटकरी) लगभग 267 किलोग्राम, गोदंती भस्म 527 किलोग्राम, गोदंती भस्म 5 क्विंटल 27 किलोग्राम, 4 लाख 34 हजार 130 रुपये की खरीदी की गई।

वृषभान बुजरक ने कहा कि इस तरह आयुर्वेदिक विभाग ने भस्म के नाम पर ज्यादातर फिटकरी, सुहागा, शंख और गोदंती भस्म क्विंटलों के हिसाब से खरीदी है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से आयुर्वेदिक उपचार प्रणाली को कायम रखने और इसे लोगों के बीच लोकप्रिय बनाने के लिए प्रयास करने चाहिए लेकिन विभाग द्वारा मांगे गए अभिलेखों में से आधा ही उपलब्ध कराया जा सका है, क्योंकि वर्ष 2018 से वर्ष 2023 तक की कोई जानकारी नहीं दी गई है। सस्ते दाम वाली भस्मों की बड़े पैमाने पर खरीद गड़बड़ के संकेत दे रहे हैं। इससे आयुर्वेदिक पद्धति को चोट पहुंच रही है। सुहागा, फिटकरी सामान्य घरेलू वस्तुएं हैं। उन्होंने मांग की की इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।

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