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पंजाब विधानसभा सत्र शुरू, ऐसे रही पहले दिन की कार्यवाही
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 08 Sep 2016 08:09 PM IST
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Punjab Vidhan sabha
- फोटो : अमर उजाला
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अकाली-भाजपा सरकार का आखिरी विधानसभा सत्र वीरवार को शुरू हुआ। परंपरा के अनुसार पहले दिन दिवंगत शख्सीयतों को श्रद्धांजलि दी गई। सदन ने पंद्रह शख्सीयतों को श्रद्धांजिल भेंट की। जिनमें पूर्व विधायक सरवन सिंह व राम लाल, पूर्व डिप्टी पीएम लालकृष्ण आडवाणी की पत्नी कमला आडवाणी, अकाली नेता अमरजीत सिंह भाटिया, कानूनविद जय सिंह सेखों, स्वतंत्रता सेनानी मास्टर करता राम, गुरचरन सिंह, गुरदयाल सिंह, बाबू सिंह, संत सिंह पतंगा, रतन सिंह, अमर सिंह और रतन सिंह, सतगुरु जगजीत सिंह नामधारी की पत्नी माता चंद कौर, पूर्व चीफ एडिटर बलबीर सिंह भरपूर शामिल थे।
स्पीकर चरनजीत सिंह अटवाल ने सभी नाम पढ़े। उसके बाद कांग्रेस के बलबीर सिद्धू और सीएलपी लीडर चरनजीत सिंह चन्नी ने इसमें कुछ और नाम जोड़े जाने की मांग की। स्पीकर अटवाल ने कहा कि श्रद्धांजिल की महत्ता खत्म न करें। चन्नी ने अमरजीत सिंह भाटिया, जय सिंह सेखों और कमला आडवाणी के नाम पर एतराज जताया। साथ ही संत रणजीत सिंह ढडरियां वाले के साथी संत भूपिंदर सिंह का नाम शामिल करने की मांग की। जिसे स्पीकर ने खारिज कर दिया। इसके बाद दो मिनट का मौन रख कर शख्सीयतों को श्रद्धांजलि भेंट की गई और सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
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स्पीकर चरनजीत सिंह अटवाल ने सभी नाम पढ़े। उसके बाद कांग्रेस के बलबीर सिद्धू और सीएलपी लीडर चरनजीत सिंह चन्नी ने इसमें कुछ और नाम जोड़े जाने की मांग की। स्पीकर अटवाल ने कहा कि श्रद्धांजिल की महत्ता खत्म न करें। चन्नी ने अमरजीत सिंह भाटिया, जय सिंह सेखों और कमला आडवाणी के नाम पर एतराज जताया। साथ ही संत रणजीत सिंह ढडरियां वाले के साथी संत भूपिंदर सिंह का नाम शामिल करने की मांग की। जिसे स्पीकर ने खारिज कर दिया। इसके बाद दो मिनट का मौन रख कर शख्सीयतों को श्रद्धांजलि भेंट की गई और सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
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